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सिटी बस में भास्कर:अनजान ड्राइवर-कंडक्टरों के भरोसे चलाई बसें, जहां की मिली सवारी वहीं घुमा दी गाड़ी...यात्रियों से ही पूछते रहे शहर के रास्ते

रोहतकएक महीने पहलेलेखक: राजेश कौशल/सुमित कुमार
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सिटी बस का किराया प्रति यात्री 10 रुपए रखा गया है। शुक्रवार को यात्रियों से पैसे तो लिए गए, लेकिन उन्हें टिकट नहीं दी गई। - Dainik Bhaskar
सिटी बस का किराया प्रति यात्री 10 रुपए रखा गया है। शुक्रवार को यात्रियों से पैसे तो लिए गए, लेकिन उन्हें टिकट नहीं दी गई।
  • 2 रिपोर्टर ने करीब डेढ़ घंटे तक सफर कर जाना कितनी सुविधाजनक है हमारी लोकल सेवा

बिना ट्रायल नगर निगम ने गुरुवार को सिटी बसें शहर की सड़कों पर उतार दीं। पहले दिन का सीन किसी कॉमेडी शो से कम नहीं था। जैसे ऑटो वाले जहां की सवारी मिलती है वहीं चल पड़ते हैं, उसी तर्ज पर बसों को भी चलाया गया। इतना ही नहीं, ड्राइवर-कंडक्टर शहर के रास्तों तक से अनजान थे। यात्रियों से ही पूछते रहे कि कहां, किस रास्ते पर कैसे चलना है। निगम ने बसों का संचालन ठेके पर दिया है। पहले दिन बस स्टाफ के पास न रूट था और न ही यात्रियों को देने के लिए टिकटें।

कई बार उन्हें ब्रेक लगाकर चौक-चौराहों पर भी आगे निकलने का रास्ता पूछना पड़ा। दोपहर एक बजे पहली सिटी बस नए बस स्टैंड परिसर से पीजीआईएमएस के लिए रवाना हुई। जिस पर बाहर सड़क पर एक युवक मानसरोवर पार्क के लिए पूछ कर बैठा, लेकिन थोड़ी ही दूर आने के बाद उतर गया। इसके बाद यह बस किशनपुरा होते हुए शीला बाईपास चौक से सेक्टर-3 की पुलिया के आगे से होते हुए जाटभवन, दिल्ली बाईपास होकर मेडिकल मोड़ पहुंची।

चालक नया होने से समझ नहीं पाया कि मेडिकल के लिए किधर से जाना है। उसने तीन सवारियों से ही रास्ता पूछा। पीजीआई पहुंच उसने बस श्यामलाल बिल्डिंग होते हुए इमरजेंसी के सामने से दोबारा शहर की ओर चला दी। दो सवारी पीजीआई में उतर गईं।

पहले दिन दो फेरे में 5 सिटी बसों ने कमाए 2170 रुपए...प्रति सवारी से लिए 10 रुपए, टिकट किसी को नहीं दिए

पहले दिन पांचों सिटी बसों ने शाम साढ़े 6 बजे तक अलग अलग रूट पर 2 फेरे लगाए। साथ ही कुल 2170 रुपए की कमाई की। बसों ने क्रमश: 610 रुपए, 360 रुपए, 500 रुपए, 400 रुपए व 300 रुपए का टिकट काटा।

जहां का नहीं था रूट...वहां से आगे की सवारी भी बैठा ली
बसों के संचालन के दौरान चालक-परिचालक इन बसों के लिए निगम की ओर निर्धारित किए स्टाफ से बेखबर रहे। उन्होंने बस स्टैंड पर रोकने की बजाए जहां सवारी दिखी वहां बसें रोकी और रूट से आगे की भी सवारी बैठा ली।

यात्रियों से विनम्र व्यवहार की ट्रेनिंग देगा निगम: नगर निगम के एलओ सुरेंद्र गाेयल ने बताया कि सिटी बसों के चालकों-परिचालकों को नगर निगम कार्यालय बुलाकर ट्रेनिंग दी जाएगी। बताया जाएगा कि वे यात्रियों के साथ किस तरह विनम्रता के साथ और अच्छा व्यवहार करें। जल्द ही शहरवासी इनको वर्दी, पहचान पत्र के साथ देखेंगे। फिलहाल 5 सिटी बसें चलाई गई हैं। प्रयोग सफल होते ही महीने बाद और 15 सिटी बसें विभिन्न रूटों पर संचालित की जाएंगी।

आज से बलियाणा के लिए रवाना होगी
हुडा सिटी पार्क के सामने पार्किंग में रात को पांचों सिटी बसें खड़ी कर दी। शनिवार सुबह 7 बजे सिटी बसें बस स्टैंड परिसर से अपने रूट के लिए रवाना होंगी। पहली बस दिल्ली बाईपास चौक, आईएमटी चौक, खेड़ी साध होकर बलियाणा जाएगी। 10 मिनट बाद दोबारा नए बस स्टैंड के लिए चलेगी। ठेकेदार भीष्म शर्मा ने बताया कि वे नगर निगम कमिश्नर प्रदीप गोदारा से मिलकर नए बस स्टैंड के आसपास निगम की जमीन में बसों को रात में खड़ी करने के लिए जगह की मांग करेंगे।

ठेकेदार से बात कर दिक्कतें दूर कराएंगे
इन बसों के संचालन से सड़कों पर अनावश्यक रूप से बढ़ रहे वाहनों में भी कमी आएगी। जो दिक्कत आ रही है उसे दूर करने के लिए ठेकेदार से बात करेंगे।
- मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम रोहतक।

गांव वासियों की सुविधा पर भी है फोकस
निगम सीमा में शामिल गांववासियों को सिटी बस सेवा का अधिकाधिक लाभ पहुंचाने पर फोकस किया जाएग।
- प्रदीप गोदारा, कमिश्नर, नगर निगम रोहतक।

...बस के अंदर का कॉमेडी शो- बैठ बैठ लो, नई बस चाल्ली है, सबनै घर ते छोड़ कै आवैंगे

एक बस जब वापस मेडिकल मोड़ आई तो भ्रम की स्थिति बनी। कंडक्टर नए बस स्टैंड की पुकार लगाता रहा। तभी 3 महिलाएं माता दरवाजा जाने के लिए बस में बैठ गईं। ड्राइवर बोला- बैठ लो बैठ लो, जावांगे। घर ते छोड़ कै आवैंगे। इस बार ड्राइवर व कंडक्टर ने आपस में बात की और बस डी पार्क की ओर लेकर चल पड़े। देव कॉलोनी से एक सवारी बस में चढ़ी। फिर अशोका चौक, सोनीपत स्टैंड, अंबेडकर चौक, गोहाना अड्‌डा होकर पुराने गोहाना अड्‌डा पहुंची।

कंडेक्टर बोला- माता दरवाजा चौक की सवारी आड़ै उतर लो। बस सुखपुरा चौक होकर नए बस स्टैंड जावैगी। इस पर महिलाएं भड़क गई। उन्होंने कहा कि माता दरवाजा का किराया लिया है। उड़े छोड़ कै आ। यहां फिर बस चालक सोच विचार में पड़ गया कि आखिर किधर बस ले चलूं। इसी उधेड़बुन में उसने बस माता दरवाजा चौक की ओर मोड़ दी। पूछने पर चालक ने कहा कि- भाई, बस में सवारी माता दरवाजा की ओर जाने वाली है। इसलिए बस उधर ले चल रहा हूं।

इसके बाद बस ने वाया जींद चौक, सुखपुरा चौक होते हुए दोपहर 2:20 बजे नए बस स्टैंड परिसर पहुंचकर पहला चक्कर पूरा किया। एक चक्कर में 22 सवारी बैठीं, लेकिन जींद बाईपास चौक पहुंचने पर उसके अागे और एक सिटी बस जाती हुई दिखी। इस पर परिचालक ने कहा कि भाई हम उसके रूट पर आ गए हैं। वह तो ठीक जा रही है। गलत हम हो गए। हमें पुराना गोहाना अड्‌डा चौक से ही सुखपुरा चौक निकलना था।

इससे पहले, शुक्रवार दोपहर 12 बजे हरी झंडी दिखाकर बसों काे रवाना किया जाना तय था, लेकिन मेयर मनमाेहन गोयल 45 मिनट देरी से नए बस स्टैंड पहुंचे। जहां से बसें चलाई जानी थी। पूजन के बाद नारियल फोड़ गया। इस माैके पर मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर राजकमल राजू सहगल, डिप्टी मेयर अनिल कुमार, पार्षद सुरेश किराड़, पार्षद गीता देवी, पार्षद प्रतिनिधि दीपू नागपाल, अमित कुमार जोजी, एलओ सुरेंद्र गोयल आदि उपस्थित रहे।

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