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विश्व तंबाकू निषेध दिवस:तंबाकू सेवन से कमजोर फेफड़ो पर कोरोना का वार, ऑक्सीजन कमी से बना जिंदगी पर खतरा

राेहतक13 दिन पहले
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  • मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के वरिष्ठ चिकित्सक की अगुवाई में टीम तंबाकू छोड़ने के लिए प्रतिबद्ध थीम पर करेंगे जागरूक

मानसिक स्वास्थ्य संस्थान की ओर से सोमवार 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाएगा। कम्युनिटी व प्रीवेंटिव साइकेट्रिक सर्विसेज(कैप्स) टीम में शामिल डॉ. प्रीति सिंह व डॉ. पुरुषोत्तम ने बताया कि तंबाकू सेवन से हर साल लगभग 8 मिलियन लोगों की मौत होती है।

इस बार कोरोना काल धूम्रपान करने वाले लोगों पर भारी गुजरा है। संस्थान के शोध के अनुसार धूम्रपान करने वालों में कोविड-19 होने का खतरा ज्यादा रहता है। धूम्रपान जैसे कि सिगरेट हुक्का, बीड़ी, सिगरेट पीते समय होठों के साथ उंगलियों का संपर्क भी शामिल होता है जिससे हाथ से मुंह में संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है।

हुक्का पीने वालों में अक्सर कई लोग इकट्ठे बैठकर हुक्का पीते हैं जिससे सामाजिक परिवेश में कोविड-19 वायरस के फैलने का खतरा बढ़ जाता है। धूम्रपान रहित उत्पादों का प्रयोग करने वाले इसे थूक देते हैं जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

कोरोना की दो लहरों में धूम्रपान करने वाले लोग चपेट में आए हैं। संक्रमणग्रस्त फेफड़ों में ऑक्सीजन न पहुंचने से ऐसे मरीजों की जिंदगी पर खतरा मंडराता रहा। इसलिए ऐसे लोगों को तंबाकू को छोड़ देना चाहिए।

7 दिन में 60 से ज्यादा मरीज ले चुके टेली साइकेट्री सेवाएं

स्टेट ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर (एसडीडीटीसी) की टीम लगातार नशे से लड़ने में लोगों की मदद कर रही है। कोरोना महामारी में ओपीडी बंद होने से मानसिक रोगियों को इलाज से वंचित न होना पड़े, इसके लिए संस्थान की ओर से टेली साइकेट्री सेवाएं दी जा रही हैं।

एक सप्ताह में 60 से ज्यादा मरीज टेली साइकेट्री सेवा के माध्यम से इलाज ले चुके हैं। एसडीडीटीसी की टीम डॉ. सिद्धार्थ ने आह्वान किया है कि तंबाकू का सेवन छोड़ने के लिए सबसे पहले इसे छोड़ने की तिथि निर्धारित करें। जब आप छोड़ने का निर्णय ले तो परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों को बताएं ताकि धूम्रपान छोड़ने में भी आपकी सहायता कर सकें व आप को प्रोत्साहित कर सकें।

तंबाकू सेवन न करने के ये हैं फायदे

  • तंबाकू छोड़ने के 20 मिनट के भीतर हृदय गति और रक्तचाप में गिरावट आती है।
  • तंबाकू सेवन छोड़ने के 12 घंटे बाद रक्त प्रभाव में कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर सामान्य हो जाता है।
  • दो से 12 सप्ताह के भीतर रक्त प्रवाह के परिसंचरण में सुधार होता है और फेफड़ों की कार्य क्षमता बढ़ जाती है।
  • तंबाकू छोड़ने के 1 से 9 महीनों में खांसी और सांस की तकलीफ कम हो जाती है।

तंबाकू के सेवन से कम हो जाती है फेफड़ों की क्षमता, कोरोना अटैक का खतरा बढ़ता

डॉ. विनय कुमार ने बताया कि किसी भी प्रकार के तंबाकू का सेवन करने से फेफड़ों की क्षमता कम हो जाती है। इससे सांस से संबंधित कई संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है और सांस के रोगों की गंभीरता बढ़ सकती है। कोविड-19 एक संक्रामक बीमारी है जो मुख्य रूप से फेफड़ों पर अटैक करती है। धूम्रपान फेफड़ों के काम को बाधित करता है जिससे शरीर को कोरोना वायरस और अन्य श्वसन संबंधित रोगों से लड़ने में सक्षम नहीं होता। इसलिए इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

तंबाकू के सेवन से करना सेहत के लिए हानिकारक है। शोध बताते हैं कि धूम्रपान करने वालों को गंभीर कोविड-19 परिणामों और उससे संबंधित मृत्यु दर का खतरा अधिक रहता है। तंबाकू सेवन से होने वाले जोखिमों को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन तंबाकू सेवन को पूरी तरह छोड़ने की सलाह देता है। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार तंबाकू सेवन छोड़ने से फेफड़े और दिल को उसी क्षण से बेहतर काम करने में मदद मिलती है।

हुक्का, ई-सिगरेट किसी से साझा न करें: डॉ. सुनीला

डॉ. सुनीला राठी ने बताया कि तंबाकू का सेवन छोड़ने से आपके प्रिय जनों विशेष रूप से बच्चों को धुएं के संपर्क से बचाने में मदद मिलती है। अगर आप सिगरेट, ई-सिगरेट बीड़ी या धूम्रपान रहित तंबाकू का उपयोग करते हैं, तो इन्हें छोड़ने का यह सही समय है।

हुक्का और ई-सिगरेट, बीड़ी आदि को साझा ना करें। हुक्का, ई-सिगरेट, बीड़ी, खैनी, गुटखा आदि तंबाकू उत्पादों से होने वाली हानियों के बारे में लोगों में जागरूकता फैलाएं। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार के धूम्रपान करने वालों में धूम्रपान की तलब बहुत तीव्र होती है जिसको रोकने के धूम्रपान करने की इच्छा बनने पर 10 बार गहरी सांस लें और छोड़ें।

धूम्रपान करने की जगह धीरे-धीरे पानी पिएं। धूम्रपान करने की इच्छा कम करने के लिए नहाना, मनपसंद पुस्तक पढ़ना, संगीत सुनना व सैर पर जाने के उपाय अपना सकते हैं।

तंबाकू छोड़ने के लिए लोगों को जागरूक करेंगे

विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को तंबाकू व इसके उत्पादों से स्वास्थ्य पर होने वाले खतरे और साइड इफेक्ट को लेकर जागरूक करना है। इस साल की थीम है तंबाकू छोड़ने के लिए प्रतिबद्ध। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए तंबाकू सेवन करने वालों को प्रेरित किया है कि वे तंबाकू छोड़ने का संकल्प लें और प्रतिज्ञा पर हस्ताक्षर करें।
-डॉ. राजीव गुप्ता, डायरेक्टर एंड सीईओ, मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, रोहतक।

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