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रोहतक में भारत विकास स्वामित्व योजना:DC का आदेश- रोजाना की 1000 र‌जिस्ट्री न करवाने वाले नपेंगे अफसर और अधिकारियों को मौके पर भी जाना होगा

रोहतकएक महीने पहले
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प्रतीकात्मक तस्वीर - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक तस्वीर

हरियाणा के रोहतक जिले में विकास एवं पंचायत और जिला राजस्व विभाग के अधिकारियों की दिक्कतें व काम दोनों ही डीसी के एक पत्र ने बढ़ा दी हैं। डीसी के पत्र से संबं‌धित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की सांसें ऊपर-नीचे हो गई हैं। पत्र में डीसी ने स्वामित्व योजना को लेकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि जिले में भारत सरकार स्वामित्व योजना का काम काफी धीमा चल रहा है। जबकि सरकार ने तय समय में इस स्कीम को पूरा करने को कहा है।

पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक खंड एवं विकास अधिकारी हर सप्ताह 1000-1200 रजिस्ट्री करवाएंगे। इस हिसाब से सभी 5 खंडों में एक सप्ताह में 5-6 हजार रजिस्ट्री अधिकारियों को करवानी होंगी। चूंकि सप्ताह में 5 कार्य दिवस होते हैं। ऐसे में एक दिन में 1000-1200 रजिस्ट्री होंगी। यहां गौर करने लायक है कि डेढ़-पौने दो साल में कुल 5000 से 5500 रजिस्ट्री ही हुई हैं। सख्त निर्देश हैं कि हर रोज रजिस्ट्री की संख्या बढ़ाने के काम को अति आवश्यक समझा जाए और इसको लेकर गंभीरता भी बरती जाए। गंभीरता न बरतने पर अफसरों पर कार्रवाई की तलवार लटकने की पूरी संभावना है।

पांचों खंड के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त

योजना गति पकड़े इसके लिए डीसी ने सभी 5 खंडों के अलग-अलग नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए हैं। रोहतक खंड की जिम्मेदारी एसडीएम रोहतक को, कलानौर की जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को, महम की उपमंडल अधिकारी नागरिक महम को, सांपला की एसडीएम सांपला को और लाखनमाजरा की नोडल अधिकारी नगराधीश ज्योति मित्तल को लगाया गया है। योजना में कार्य करने में अगर कोई दिक्कत खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय को हो रही है तो वह तुरंत इसके बारे में अपने नोडल अधिकारी को अवगत करवाएगा।

स्वामित्व योजना राष्ट्रीय पंचायती दिवस 24 अप्रैल 2020 को शुरू की गई थी। पंचायती राज मंत्रालय ही इस योजना को लागू कराने वाला नोडल मंत्रालय है। ड्रोन के जरिए प्रॉपर्टी के सर्वे के लिए सर्वे ऑफ इंडिया नोडल एजेंसी है। योजना का मकसद है कि ग्रामीण इलाकों की जमीनों का सीमांकन ड्रोन सर्वे टेक्नोलॉजी के जरिए हो। इससे ग्रामीण इलाकों में मौजूद घरों के मालिकों के मालिकाना हक का एक रिकॉर्ड बनेगा। सरकार का कहना है कि इस रिकॉर्ड का प्रयोग बैंकों से कर्ज लेने के अलावा अन्य कामों में भी कर सकते हैं।

डीसी कैप्टन मनोज कुमार।
डीसी कैप्टन मनोज कुमार।

कम संसाधन बनेंगे रोड़ा

एक खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी एक सप्ताह में 1000-1200 रजिस्ट्री करवाएगा। डीसी ने बेशक अधिकारियों को ओदश देकर रजिस्ट्री करवाने को कहा है, लेकिन ये आदेश जमीन पर कैसे उतरेंगे। क्योंकि पंचायत और राजस्व विभाग के पास इतने संसाधन नहीं हैं कि तय लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। स्वामित्व योजना को शुरू हुए डेढ़-पौने दो साल होने को हैं। लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि जिले के 69 गांवों में बीते सप्ताह तक 5000-5500 के करीब रजिस्ट्रियां करवाई जा सकी हैं। कम संसाधन इस मिशन में रोड़ा बनेंगे।

तुरंत पोर्टल पर अपलोड करवाना होगा

जिला राजस्व अधिकारी को भी उपायुक्त ने आदेश दिया है कि वह ग्राम सचिवों द्वारा हर रोज तहसील में करवाई जा रही रजिस्ट्री को तुरंत पोर्टल पर अपलोड करवाएं। कुल मिलाकर अब जोड़ यह है कि स्वामित्व योजना ने विकास एवं पंचायत और राजस्व विभाग के पसीने छुड़वा दिए हैं। गत 4 सितंबर को जारी किए आदेश में डीसी रोहतक ने स्पष्ट कर दिया है कि स्वामित्व स्कीम में ढिलाई बरतने पर अफसरों पर कार्रवाई होगी।

रोज रिपोर्ट चेक करेंगे डीसी

रोहतक डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने दो टूक कह दिया है कि कोताही बरती तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। इसके अलावा जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी को आदेश दिए हैं कि वे प्रत्येक दिन गांव-गांव जाकर ग्राम सचिवों द्वारा करवाए जा रहे रजिस्ट्री कार्य का भी मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे। मौका निरीक्षण खानापूर्ति न बनें, इसके लिए डीसी खुद इसकी रिपोर्ट हर रोज चेक करेंगे। ‌

किस खंड में कितनी रजिस्ट्री

खंडरजिस्ट्री
महम1700
रोहतक1400
सांपला500
कलानौर1400
लाखनमाजरा229
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