घर जाने की खुशी / स्पेशल ट्रेन चलते ही खिले श्रमिकों के चेहरे डीसी ने श्रमिकों से कहा-जल्द वापस आना

पैर नहीं ताे क्या हाैसला ताे है: लाॅकडाउन में भी दिव्यांग लछिमन ने बिजली उपकरण ठीक कर चलाया घर खर्च पैर नहीं ताे क्या हाैसला ताे है: लाॅकडाउन में भी दिव्यांग लछिमन ने बिजली उपकरण ठीक कर चलाया घर खर्च
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  • बिहार के लिए 5 जिलों के 1500 श्रमिक व 45 बच्चे स्पेशल ट्रेन से रवाना

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

रोहतक. रेलवे स्टेशन से शनिवार को 5 जिलों के 1500 प्रवासी श्रमिक और 45 बच्चे स्पेशल ट्रेन से बिहार के भागलपुर रवाना किए गए। स्पेशल ट्रेन चलते ही श्रमिकों के चेहरे खिल उठे। उन्होंने भी स्टेशन पर उपस्थित जिला प्रशासन और रेलवे के अधिकारियों व कर्मचारियों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया और ताली बजाकर अपनी खुशी का इजहार किया। रेलवे स्टेशन पहुंचे जिला उपायुक्त आरएस वर्मा ने मजदूरों से मिलकर सुविधाओं और मास्क, सेनिटाइजर, भोजन के पैकेट व पानी आदि के बारे में फीडबैक भी लिया। उपायुक्त आरएस वर्मा ने अपने घरों को जाने वाले प्रवासी श्रमिकों से अपील की है कि वे जल्द वापस लौटे और फिर से अपना काम धंधा शुरू करें। कहा कि अब स्थिति सामान्य हो रही है।

रेलवे स्टेशन से शनिवार शाम 6 बजे भागलपुर (बिहार) के लिए रवाना हुई स्पेशल श्रमिक रेलगाड़ी में 1500 श्रमिक तथा 45 बच्चें सवार रहे। यह सभी प्रवासी श्रमिक हरियाणा के झज्जर, सोनीपत, सिरसा, हिसार व रोहतक से भागलपुर के लिए गए हैं। रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वार पर सभी प्रवासी श्रमिकों की थर्मल स्कैनिंग की गई। उन्हें मास्क व सेनिटाइजर दिए गए। इसके अलावा इन श्रमिकों को भोजन व पानी उपलब्ध करवाया गया। 

बिना रजिस्ट्रेशन पहुंचे श्रमिकों को शेल्टर हाेम में भेजा:

उपायुक्त आरएस वर्मा ने अग्रसेन चौक पर लगभग एक दर्जन श्रमिकों को देखा तो वहीं पर अपनी गाड़ी रुकवाई और श्रमिकों से बातचीत की। पता लगा कि ये सभी श्रमिक बिना रजिस्ट्रेशन के रेलवे स्टेशन पर जा रहे थे। इस पर एसडीएम को निर्देश दिए कि इन सभी मजदूरों को शेल्टर होम में सरकारी वाहन से भेजा जाए।  

ये रहे मौजूद:

इस अवसर पर एसडीएम रोहतक राकेश कुमार सैनी, डीएसपी गोरखपाल, भाजपा के जिला महामंत्री सतीश आहुजा, सती भाई सेवादास दल के प्रधान  नरेश आनंद, राकेश सिक्का, मनोज शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी महावीर गोदारा व रेलवे अधिकारी मौजूद रहे।

जिंदगी का सबसे मुश्किल भरा समय रहा : बिहार के कटिहार निवासी रतनलाल विश्वास अपनी बेटी, मां और भांजे व भांजी के साथ हरियाणा घूमने आए थे। लॉकडाउन होने पर वे जींद शहर में ही कैद होकर रह गए। रतनलाल ने बताया कि दो महीने का समय जिंदगी का सबसे मुश्किल भरा रहा।  

टूटा तीर्थ स्थलों के भ्रमण का अरमान:

पटना के छितरौली गांव निवासी निरंजन कुमार सरन महाभारत कालीन कुरुक्षेत्र भ्रमण पर जनता कर्फ्यू से पहले आए थे। पूरे हरियाणा के तीर्थ स्थलों को जानना व समझना था। लेकिन कोविड-19 से सारे अरमानों पर पानी फेर दिया।

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