इंडस्ट्री बंद करने के फैसले पर भड़के उद्यमी:CPCB के खिलाफ कल सड़कों पर उतरेंगे, कहा- मांगे नहीं मानी तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन होगा

रोहतकएक वर्ष पहले
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पानीपत में टेक्सटाइल उद्यमियों की बैठक को संबोधित करते डायर्स एसोसिएशन के चेयरमैन भीम राणा। - Dainik Bhaskar
पानीपत में टेक्सटाइल उद्यमियों की बैठक को संबोधित करते डायर्स एसोसिएशन के चेयरमैन भीम राणा।

हरियाणा के पानीपत के उद्यमी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के दिल्ली-एनसीआर में सभी इंडस्ट्री को 12 दिसंबर तक बंद करने के फैसले से खफा हैं। इस फैसले के विरोध में CPCB के खिलाफ उद्यमी शनिवार को सड़कों पर उतरेंगे। उघमियों का कहना है कि पानीपत में प्रदूषण का स्तर कम होने के बावजूद यहां की इंडस्ट्री को बंद करा दिया गया है।

कोयला आधारित इंडस्ट्री तो 12 दिसंबर तक बंद ही है। केवल गैस आधारित इंडस्ट्री ही चल सकती है। गैस के कनेक्शन ही उद्यमियों के पास नहीं है। कारोबार ठप होने लगा है। शनिवार को पचास हजार लोगों के साथ जुलूस निकाला जाएगा। इधर, पूर्व विधायक रोहिता रेवड़ी के पति सुरेंद्र रेवड़ी भी फ्रंट फुट पर आ गए हैं। यार्न एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र रेवड़ी का कहना है कि वह अपनी एसोसिएशन के साथ शहर भर की एसोसिएशन को जुलूस में शामिल होने का निमंत्रण दे रहे हैं।

पानीपत को NCR से निकालने के लिए अलग एसोसिएशन बनाएंगे

उद्यमियों ने कहा कि पानीपत को एनसीआर से निकालने के लिए एक अलग से एसोसिएशन बनाएंगे। यह एसोसिएशन प्रदेश व केंद्र स्तर पर उद्यमियों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करेगी। वहीं टेक्सटाइल उद्योग से जुड़ी 36 एसोसिएशन एक मंच पर आ गई है। सभी उद्यमियों ने CPCB के निर्देशों को हास्यप्रद बताया। मीटिंग में फैसला किया गया कि शनिवार को 60 हजार टेक्सटाइल उद्योगपति व श्रमिक सड़कों पर उतरेंगे। CPCB व सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन करेंगे।

रोष प्रदर्शन जिम खाना क्लब से लघु सचिवालय तक निकाला जाएगा। अगर CPCB व सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो वह प्रदेश स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगे। उद्यमियों के एक दल ने डीसी से मुलाकात कर उन्हें प्रदर्शन के बारे में ज्ञापन भी सौंपा। शहर के दो हजार उद्योग लगातार तीसरे दिन भी पूर्ण रूप से बंद रहे। उद्यमियों को इन तीन दिनों में लगभग 950 करोड़ रुपये का नुकसान हो गया है। लगभग दो लाख श्रमिक घर बैठ गए हैं।

मांगे नहीं मानी तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन होगा

पानीपत डायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा ने कहा कि सरकार के लिए इंडस्ट्री को टारगेट करना बड़ा आसान है। CPCB प्रदूषण के असल कारणों का पता नहीं लगाती। सीधे तौर पर उद्योगों को टारगेट करती है। मीटिंग में ये तय हुआ है शनिवार को वो सड़कों पर उतरेंगे। विरोध प्रदर्शन करेंगे। CPCB ने उनकी मांगे नहीं मानी तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन होगा।