रोहतक में ग्रामीण चौकीदारों का प्रदर्शन:ऐलान- मांगें नहीं मानी गईं तो 2-3 अगस्त को करनाल में राज्य स्तरीय महापड़ाव डालेंगे

रोहतक3 महीने पहले
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मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपते हुए ग्रामीण चौकीदार - Dainik Bhaskar
मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपते हुए ग्रामीण चौकीदार

हरियाणा के जिला रोहतक में ग्रामीण चौकीदारों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान डीसी के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांगें जल्द से जल्द पूरी की अपील की गई। जिला प्रधान रामनिवास व जिला सचिव भगत सिंह ने कहा कि अगर मांगें जल्द से जल्द पूरी नहीं हुई तो ग्रामीण चौकीदार 2-3 अगस्त को करनाल में राज्य स्तरीय महापड़ाव करेंगे।

ग्रामीण चौकीदारों ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि 4 साल से उनके मानदेय में कोई वृद्धि नहीं हुई है। 7 हजार में बड़ी मुश्किल से खर्च चलता है। उन्होंने मांग की कि ग्रामीण चौकीदारों को पक्का किया जाए। जब तक पक्का नहीं किया जाता, तब तक 24 हजार रुपए दिए जाएं और महंगाई के अनुसार प्रत्येक छह माह में वेतन के साथ महंगाई भत्ता दिया जाए।

ईपीएफ में कवर करने की घोषणा की है, लेकिन कवर नहीं किया गया। सफाई कर्मचारियों की तर्ज पर बीडीपीओ ब्लॉक को इकाई मानकर चौकीदारों को ईपीएफ में कवर किया जाए। ईएसआई दायरे में लाया जाए। कोरोना की चपेट में आने से मौत होने पर ग्रामीण चौकीदार को सरकार 20 लाख रुपए बीमा राशि व परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार ने गांव में मृत्यु का इंद्राज करने के लिए 300 रुपए देने के आदेश 2019 में जारी किए थे, लेकिन ग्रामीण चौकीदारों की आईडी नहीं बनने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। सांपला ब्लॉक के ग्रामीण चौकीदारों को ग्राम पंचायत की वोटर लिस्ट अपडेट करने के लिए ब्लॉक में बुलाया गया। यह काम बीएलओ का होता है, इससे ग्रामीणों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

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