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समस्या से समाधान की ओर:सीवर-पानी पर फील्ड में महकमे, शहर की हर गली-मोहल्ले का होगा रिव्यू, एक्शन- तय डेडलाइन में काम नहीं तो नपेंगे अफसर

रोहतक2 दिन पहले
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प्रेम नगर इलाके की एक गली में ओवरफ्लो सीवर से हुआ जलभराव। - Dainik Bhaskar
प्रेम नगर इलाके की एक गली में ओवरफ्लो सीवर से हुआ जलभराव।
  • मॉनसून सीजन के आखिरी दौर में चुनौती बन चुकी समस्याओं से निजात के एक्शन प्लान का खाका तैयार

मॉनसून सीजन के आखिरी दौर में ओवरफ्लो होते सीवर, खुले मेनहोल व घरों में दूषित पेयजल सप्लाई से जुड़ी ये बड़ी खबर है। अब इन समस्याओं से शायद शहरवासियों को निजात मिल सकती है। इसके लिए जिम्मेदार नगर निगम, पब्लिक हेल्थ विभाग और हुडा एक्शन मोड में आ गए हैं। एक्शन मोड में आने की घुट्टी एक दिन पहले सोमवार को डीसी की मीटिंग में मिली घुड़की से मिली है। नगर निकाय विभाग के साथ दोनों अन्य महकमों ने मंगलवार को अपना एक्शन प्लान तैयार करते हुए टीमें फील्ड में उतार दी हैं।

पहले चरण में शहर के इलाकों में उन पॉइंट को तय किया जाएगा जहां पर सीवरेज जाम, ओवरफ्लो व खुले मेनहोल की समस्या है। पेयजल में नगर निगम कंट्रोल रूम में आने वाली दूषित पेयजल सप्लाई की शिकायतों को शामिल किया जाएगा। वहीं वार्ड वार पार्षदों से भी इस बारे में फीडबैक मांगा गया है। वो सीधे विभागों को इस बारे में समस्या दर्ज करा सकते हैं।

वहीं तीनों विभागों ने फील्ड टीमों के ऊपर मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों की ड्यूटी तय कर दी है। यानी शहर के हर मोहल्ले गली का रिव्यू होगा। एक्शन प्लान में खास बात ये की नगर निगम, हुडा व पब्लिक हेल्थ तीनों आपस में तालमेल बनाते हुए समस्याओं पर एक दूसरे की जिम्मेदारी तय करेंगे। इस बारे में अपने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट देंगे। 24 घंटे में शहर के सभी इलाकों की पूरी रिपोर्ट डीसी के पास भेजी जाएगी। तय डेडलाइन में समस्या का समाधान न करने वाले अफसर नपेंगे।

कंट्रोल रूम की शिकायतों पर फील्ड में पहुंची निगम टीम, सच-समाधान में कहीं बजट का रोड़ा तो कहीं तालमेल कमी चुनौती

निगम कमिश्नर ने इंजीनियरिंग ब्रांच और सफाई शाखा के अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम बनाई है। जो वार्ड वार मोहल्लों व गलियों में सीवरेज समस्या व दूषित पानी के पानी की आपूर्ति के बाबत जानकारी जुटाकर पब्लिक हेल्थ विभाग को देगी। नगर निगम के कंट्रोल रूम में आने वाली शिकायतों के मद्देनजर मंगलवार को निगम की टीमों ने वार्ड-14 और वार्ड-20 के मोहल्लों व कॉलोनियों का निरीक्षण किया। लंबे समय से मुश्किल झेल रहे शहरवासियों ने नाराजगी भी जताई। शहरवासियों का कहना है कि बार बार शिकायत के बाद भी पब्लिक हेल्थ विभाग की टीम सीवरेज व्यवस्था दुरुस्त करने नहीं आती है। वहीं निगम व पब्लिक हेल्थ का कहना है कि हर समस्या का समाधान करते हैं पर बड़ी समस्या में बजट की कमी कई बार आड़े आती है।

चीफ इंजीनियर के दौरे के बाद भी नहीं बदले हालात
शहर में सीवरेज व दूषित पेयजल की समस्या वर्षों पुरानी है। मामला विधानसभा सत्र तक उठ चुका है। विधायक बीबी बतरा की पहल पर पब्लिक हेल्थ विभाग के चीफ इंजीनियर टीम सहित दो बार शहर के विभिन्न मोहल्लों का निरीक्षण कर चुके हैं। इसके बाद सर्किट हाउस में हुई बैठक में पब्लिक हेल्थ अधिकारियों ने जल्द समाधान का आश्वासन भी दिया। लेकिन आज तक हालात नहीं बदले।

शहर में यहां चल रही सीवर व दूषित पीने के पानी की समस्या
नगर निगम के वार्ड एक में आने वाली नेहरू कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी, शास्त्री नगर, सूर्य नगर कॉलोनी, कुताना बस्ती, जनता कॉलोनी, ओल्ड हाउसिंग बोर्ड, गांधी नगर, गांधी कैंप, न्यू चिन्योट कॉलोनी, डीएलएफ कॉलोनी, प्रेम नगर, डेयरी मोहल्ला, जसबीर कॉलोनी, रैनकपुरा, खोखराकोट आदि मोहल्ले ऐसे हैं जहां पर पानी व सीवर की समस्या यहां के निवासियों को झेलनी पड़ रही है।

दूषित पानी की शिकायतों की मौके पर समाधान की कोशिश
शहर में जहां भी जलघर से होने वाली पीने के पानी की आपूर्ति में दूषित होने की शिकायत है, वहां की समस्या के समाधान के लिए मंगलवार को पब्लिक हेल्थ विभाग के एसडीओ, जेई व ठेकेदार को टीम के साथ फील्ड में उतार दिया गया है। समस्याओं का समाधान करेंगे। -भानु प्रकाश शर्मा, एक्सईएन पब्लिक हेल्थ विभाग।

कंट्रोल रूम की शिकायतों की सूचना पब्लिक हेल्थ को
नगर निगम की ओर से मानसरोवर पार्क के पास स्थित कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। वार्ड वार पार्षदों के स्तर से भी इस बारे में जानकारी आती है। उन शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के लिए पब्लिक हेल्थ विभाग को सूचित किया जाता है। जरूरत के हिसाब से नगर निगम की भी टीम मौका देखने जाती है। -मंजीत दहिया, एक्सईएन हेड क्वार्टर नगर निगम।

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