• Hindi News
  • Local
  • Haryana
  • Rohtak
  • District Administration Appeals To Farmers, Told Vertical Farming Is Beneficial, Grant Will Be Given To Those Adopting The Method

सब्जियों के लिए अपनाएं वर्टिकल फार्मिंग, पानी बचाएं:जिला प्रशासन की किसानों से अपील, वर्टिकल फार्मिंग को बताया फायदेमंद, पद्धति को अपनाने वालों को देंगे अनुदान

रोहतक8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

किसानों से लंबवत खेती (वर्टिकल फार्मिंग) अपनाने का आह्वान करते हुए कहा है कि सब्जियों की कास्त में लंबवत खेती बेहद लाभकारी है। इस पद्धति को अपनाने वाले किसानों को सरकार की ओर से योजना के तहत अनुदान देने का भी प्रावधान किया गया है। यह जानकारी रविवार को डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि इस खेती से जहां किसान अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। वहीं, पानी की भी बचत की जा सकती है।

उन्होंने किसानों से अपील की कि आगामी खरीफ सीजन में धान की बजाए लंबवत खेती करके प्रकृति के अनमोल रत्न पानी को बचाने में अपना योगदान दें। यह खेती बांस-तार के साथ बेल वाली सब्जियों के उत्पादन के लिए की जाती है। यह बेहद फायदेमंद तकनीक है। इस विधि को अपनाकर किसान बेल वाली सब्जी जैसे लौकी, तोरी, करेला, खीरा, खरबूजा, तरबूज व टमाटर आदि का उत्पादन करके अपनी आमदनी को बढ़ा सकता है।

बेल वाली सब्जियों की काश्त बांस-तार विधि प्रचलित: कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि बांस-तार के अतिरिक्त आयरन स्टाकिंग विधि जिसमें बांस-तार की जगह लोहे की एंगल लगाकर ढांचा बनाया जाता है और इस पर बेल वाली सब्जियां लगाई जाती है। उन्होंने कहा कि इस विधि के अपनाने पर प्रति एकड़ लगभग 1 लाख 42 हजार रुपये खर्च आता है, जिस पर बागवानी विभाग 70 हजार 500 रुपए प्रति एकड़ का अनुदान किसानों को देता है। कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि जिला रोहतक में बेल वाली सब्जियों की काश्त बांस-तार विधि पर काफी प्रचलित हो चुकी है।

खबरें और भी हैं...