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वीडियो कांफ्रेंस से प्रबंधों की समीक्षा:केंद्र से जिले को मिलेंगे 4 ऑक्सीजन जेनरेटर, अभी कोटा 23 का, जरूरत 25 एमटी तक बढ़ी

राेहतकएक महीने पहले
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वीडियाे कांफ्रेसिंग करते जिला प्रशासन के अधिकारी। - Dainik Bhaskar
वीडियाे कांफ्रेसिंग करते जिला प्रशासन के अधिकारी।
  • खेल एवं युवा कार्यक्रम राज्य मंत्री व जिला प्रभारी ने वीडियो कांफ्रेंस से जिले में कोविड-19 से निपटने के प्रबंधों की समीक्षा की

राज्य मंत्री सरदार संदीप सिंह ने कहा कि वे प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ जिले के निर्धारित ऑक्सीजन के कोटा को बढ़ाकर 24 मीट्रिक टन करने, पीजीआईएमएस में 200 अतिरिक्त बेड शुरू करने और केंद्र सरकार से जिले के लिए 4 ऑक्सीजन जनरेटर उपलब्ध करवाने के बारे में बातचीत करेंगे।

राज्य मंत्री ने कहा कि जिलावासियों को यह सुविधाएं उपलब्ध करवाने का पूरा प्रयास करेंगे। एक ऑक्सीजन जनरेटर प्रतिदिन 1.5 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन करता है। इसके अतिरिक्त, पीजीआईएमएस में नॉन कोविड मरीजों के लिए 150 से 200 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने जिले में ऑक्सीजन की उपलब्धता, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता व अस्पतालों में बेड की स्थिति के बारे में भी जानकारी हासिल की।

एक ऑक्सीजन जेनरेटर प्रतिदिन करता है 1.5 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन

जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाएं

हरियाणा के खेल एवं युवा कार्यक्रम राज्य मंत्री एवं जिला प्रभारी सरदार संदीप सिंह ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जिले में कोविड-19 से निपटने के लिए किए गए प्रबंधों की समीक्षा की। उन्होंने ऑक्सीजन व अन्य आवश्यक उपकरणों की मांग के संदर्भ में प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ शीघ्र विचार विमर्श करने का आश्वासन दिया।

उन्होंने जिले में कोविड-19 के संक्रमण से निपटने के लिए डीसी कैप्टन मनोज कुमार के नेतृत्व में किए जा रहे उत्कृष्ठ कार्य के लिए प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाएं। रिकवरी रेट को बढ़ाने के प्रयास करें।

जिले को मिलेंगे 4 जेनरेटर

ऑरंगाबाद की एक कंपनी की ओर से केंद्र सरकार को 150 ऑक्सीजन जनरेटर उपलब्ध करवाए गए हैं, जिनमें से पीजीआई सहित जिले को 4 ऑक्सीजन जनरेटर उपलब्ध करवाए जाएं, ताकि ऑक्सीजन की कमी न हो। पीजीआई में लगभग 200 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी उपलब्ध करवाए जाए, ताकि ऑक्सीजन गैस सिलेंडर का अन्य आवश्यक स्थानों पर प्रयोग किया जा सके।

जिले में रोजाना भर्ती हो रहे 900 कोविड मरीज : डीसी

​​​​​​​डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि जिले में पीजीआई के साथ एक सिविल अस्पताल, 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व 15 निजी अस्पतालों को कोविड केयर सेंटर बनाया है। प्रतिदिन लगभग 900 कोविड मरीज दाखिल हो रहे हैं, जिनमें से 400 मरीज पीजीआई और अन्य 500 मरीज सिविल अस्पताल व निजी अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। जिले में पीजीआई व शहर को रोज लगभग 25 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है।

रेमडेसिवर व अन्य दवाओं के लिए सीएमओ की अध्यक्षता में समिति गठित की है, जो मरीजों की रिपोर्ट के अवलोकन के बाद ही इन दवाओं के प्रयोग के बारे में सुझाव देती है। पीजीआई में 2050 बेड की क्षमता है, जिनमें से 1100 नाॅन कोविड मरीज उपचाराधीन है। विभिन्न संस्थाओं, एसोसिएशनों व औद्योगिक इकाइयों के सहयोग से जरूरत पर जिले में 5 हजार बेड की व्यवस्था की जा सकती है।

नहीं हो ऑक्सीजन की कमी, हर संभव मदद करें

अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद मोहन शरण ने कहा कि जिले में कोविड-19 संक्रमण नियंत्रण में है। जिला प्रशासन ने इस संक्रमण से निपटने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए हैं। पीजीआई में 1100 नॉन कोविड मरीज भी उपचाराधीन है, जिन्हें भी ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ती है।

उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जिले के आक्सीजन कोटा को 23 मीट्रिक टन किया गया है, जिसे मौजूदा हालात के मद्देनजर लगभग 25 मीट्रिक टन करवाया जाए। ऑक्सीजन के निर्धारित कोटे की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए, ताकि अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी न हो। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कोरोना पीड़ित मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आए। उनकी हर संभव मदद की जाए।

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