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ओलिंपिक के सूरमा:स्ट्रैंथ बढ़ाने के लिए लड़कों के साथ करती हैं ट्रेनिंग, काउंटर अटैक के साथ लैग अटैक के जरिए विपक्षी पहलवान पर बनाएंगी दबाव

रोहतक21 दिन पहलेलेखक: अनिल बंसल
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  • तीन साल नेशनल नहीं खेल पाई सीमा बिसला ने अब 17 किलो कम किया वजन

रोहतक के गांव गुढन की पहलवान सीमा बिसला को अपनी पहचान बनाने का जुनून है, इसलिए कभी परवाह नहीं कि उनके लिए लोगों का नजरिया क्या है। कुश्ती में लड़कों के साथ भी अभ्यास किया। उन्हें भी शारीरिक दमखम का अहसास करवाया। पिछले ओलिंपिक से पहले ही टोक्यो ओलंपिक को ध्यान में रख तैयारी शुरू कर दी थी।

राष्ट्रमंडल कुश्ती चैंपियनशिप से लेकर एशियन चैंपियनशिप में अपनी ताकत को लगातार बढ़ाती गईं। ओलिंपिक कोटा हासिल कर वो अब निर्णायक तैयारी पहले से ही कर रही हैं। विश्व रैकिंग में नंबर चार की पहलवान सीमा ने ओलिंपिक के लिए 17 किलो वजन कम किया। कभी 67 किलो में चुनौती पेश करती थीं, अब 50 किलो में खेलेंगी। सीमा ने कहा, ‘ओलिंपिक में खेलना मेरे से ज्यादा मेरे पिता का सपना था।

मेरी कोशिश है कि पदक जीतकर उनके सपने को साकार रूप दे सकूं। जो तैयारी है, उससे लगता है कि मैं ऐसा कर सकती हूं। हर संभावित पहलवान के हिसाब से तैयारी हो रही है, जो अच्छी है। छह-छह मिनट की तीन कुश्ती के जरिए अपने स्टेमिना को मजबूत कर रही हूं।’ सीमा अभी पानीपत में सरकारी कोच हैं।

सीमा का जुनून उसे ओलिंपिक तक ले गया: पिता

कैंसर से जुझ रहे पिता आजाद बिसला के लिए सीमा का ओलिंपिक में जाना किसी संजीवनी से कम नहीं है, उनमें इस कदर उत्साह है कि मानो वे अपनी बीमारी भूल ही गए हैं। पिता कहते हैं कि सीमा का जुनून ही उसे ओलिंपिक तक ले गया है, हर परेशानी से लड़ीं, लेकिन पीछे नहीं हटीं। मां बरमी देवी, बहन सुशीला, शीला, शर्मिला, भाई मैनपाल बिसला, भाभी रविता बिसला व भतीजी इशिका को विश्वास है सीमा ओलिंपिक में कमाल करेंगी।

हाथों की पकड़ काफी मजबूत: कोच

कोच परमजीत यादव ने बताया कि सीमा शारीरिक दमखम वाली खिलाड़ी हैं, दबाव को खुद पर हावी नहीं होने देती। काउंटर अटैक उ‌नकी बड़ी ताकत है। हाथों की पकड़ के साथ लैग अटैक भी खूब लगाती हैं। स्ट्रैंथ के लिए पुरुष पहलवानों के साथ भी मुकाबला करती हैं।

67 से 50 किलो वजन में हुई शिफ्ट

2009 की एशियाई स्पर्धा के लिए 46 किग्रा भार वर्ग में उतरीं और जून 2012 में 67 किग्रा वर्ग में खेलीं। तीन साल सीनियर में खेल भी नहीं सकीं। 2018 में विनेश 48 से 53 में आईं तो सीमा को 50 किलो वर्ग मिला तो उसकी तैयारी की।

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