बिजली मुफ्तखोरी में सरकारी विभाग आगे:3 करोड़ से ज्यादा की बिजली फूंक सरकारी विभागों ने बिल नहीं भरा

रोहतक9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • निगम ने नोटिस दे डिफाल्टर किए पर कनेक्शन नहीं काटे
  • बिगड़ता कुछ नहीं है इसलिए इतने बिगड़े हैं

बिजली निगम गर्मी के सीजन में बिजली चोरों के साथ मुफ्तखोरों से खासा परेशान है। लेकिन खुद उसकी कार्यप्रणाली मुफ्तखोरों पर लगाम नहीं लगा पा रही है। जिले के 20 से ज्यादा सरकारी विभागों पर करोड़ों रुपए के बिजली बिल बकाया हैं। निगम इन्हें कई बार नोटिस थमा चुका है। यहां तक की अब कुछ विभागों को बिजली निगम ने डिफाल्टर भी घोषित कर दिया है। लेकिन कभी कनेक्शन काटने तक की कार्रवाई इन डिफाल्टर विभागों पर नहीं की गई।

यही वजह है कि निगम की इस कार्यप्रणाली के चलते सरकारी विभाग बिजली फूंकने के सबसे बड़े मुफ्तखोर बने हैं। जिले में 20 सरकारी विभागों के कार्यालयों में अब तक तीन करोड़ 5 लाख 89 हजार रुपए की बिजली खर्च की जा चुकी है। इनमें डीसी ऑफिस, हुडा, पब्लिक हेल्थ, बीएसएनएल, पीजीआईएमएस, एमडीयू, पीडब्ल्यूडी आफिस, सर्विस क्लब, रेडक्रॉस, ट्रेजरी आफिस, सिविल अस्पताल, खेल स्टेडियम, रेडियो स्टेशन तक शामिल हैं। डीसी ऑफिस पर 20 लाख से ज्यादा का बिल बकाया है। पब्लिक हेल्थ विभाग सबसे बड़ा बकाएदार है। उस पर एक करोड़ से ज्यादा का बिल बकाया है। रोहतक सर्कल के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि आने वाले कुछ दिनों में सरकारी विभागों पर बिल वसूली का बड़ा अभियान चलाएंगे।

डीसी तक मीटिंग में दे चुके निर्देश, स्थिति आज भी वही

बकाया बिजली बिलों की वसूली में बिजली निगम सरकारी विभागों पर पूरी तरह से कभी शिकंजा नहीं कस पाया है। वजह उसे अन्य विभागों के तालमेल व जनसुविधाओं से जुड़े मामलों को हवाला देकर हर बार आश्वासन पर ही टरका दिया जाता है। सीधे उस विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं होती। कई बार इस मामले में डीसी लेवल पर संबंधित विभागों व बिजली निगम की मीटिंग हो चुकी है। मीटिंग में जल्द बिल अदायगी की बात पर बातचीत का समापन होता है। लेकिन कार्रवाई के नाम पर दोनों ओर से आगे कुछ बढ़ता है तो वो केवल बकाया की राशि ही।

दावा- अब सख्त हुए हैं कई कनेक्शन भी काटे

बिजली निगम के रोहतक सर्कल के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अब उच्चाधिकारियों की ओर से सरकारी विभागों से बकाया राशि वसूलने के लिए सख्ती बरतने के निर्देश मिल चुके हैं। एसडीओ लेवल पर टीमें बना ली हैं। हाल ही में टीम कैनाल रेस्ट हाउस, जिला बार लाइब्रेरी और वाटर वर्क्स सोनीपत रोड पर बिजली कनेक्शन काटे गए हैं। बकाया वसूलने के लिए कनेक्शन काटने की तैयारी शुरू कर दी है।

पब्लिक हेल्थ पर 1 करोड़ रुपए से ज्यादा बकाया

सब डिवीजन नंबर एक के एसडीओ आरएन हुड्‌डा ने बताया कि पब्लिक हेल्थ विभाग पर सर्वाधिक एक करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि का बिल बकाया चल रहा है। कई बार बिजली निगम ने विभाग को नोटिस दिए हैं। लेकिन बिल अदायगी न होने पर कुछ दिन पहले सोनीपत रोड जलघर का कनेक्शन काटा गया। लेकिन कुछ ही घंटे में ये जल्द बिल अदायगी के वादे पर जोड़ दिया गया। दोबारा कनेक्शन जोड़ने को बिजली निगम मामला जनता की सुविधा से जुड़ा बताता है। लेकिन अब कार्रवाई क्या होगी ये स्पष्ट नहीं कर रहा।

तैयारी : शहर में 5 हजार से ज्यादा राशि के 2 हजार से ज्यादा बकाएदार, निगम देगा नोटिस, नहीं भरा तो काटेंगेे कनेक्शन

बिजली निगम के अफसर सिर्फ सरकारी विभागों पर ही सख्ती नहीं बरतेंगे बल्कि उनके राडार पर घरेलू मीटर कनेक्शन वाले उपभोक्ता भी हैं। सब डिवीजन नंबर एक के अंतर्गत आने वाले सेक्टर, रामगोपाल कालोनी, छोटूराम स्टेडियम, आदर्श नगर, भरत कालोनी, चिन्योट कालोनी, सुभाष नगर, गांधी नगर, मेडिकल मोड़, कमल कालोनी सहित अन्य एरिया में रहने वाले ऐसे उपभोक्ता जिन पर पांच हजार से अधिक राशि के बिल बकाया हैं।

बिजली निगम के एसडीओ आरएन हुड्‌डा ने ऐसे दो हजार उपभोक्ताओं को बकायेदारों की सूची में शामिल करते हुए नोटिस जारी करने शुरू करदिए हैं। नोटिस के जरिए उपभोक्ताओं को चेतावनी दी जा रही है कि यदि जल्द ही उन्होंने बकाया राशि जमा नहीं कराई तो कनेक्शन काट दिए जाएंगे।

एक आखिरी नोटिस देंगे, फिर इन विभागों के कनेक्शन काटेंगे

बार बार पत्र जारी करने के बाद भी सरकारी अफसर बिल नहीं जमा करा रहे हैं। ऐसे में एक बार सभी को पत्र भेजा जा रहा है। यदि अब भी वो बिल जमा कराने को आगे नहीं आते हैं तो कार्यालयों के कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस बाबत एक्सईएन और एसडीओ को गाइडलाइंस जारी कर दी गई है। -एसके बंसल, एसई, रोहतक सर्कल, बिजली निगम।

इन आंकड़ों से समझें विभागों पर कितना बकाया

बाल भवन 73,862 बीएसएनएल 10,65,585 डीसी आॅफिस 20,81,493 हुडा विभाग 55,65,876 एक्जीक्यूटिव ऑफिसर पार्क 11,58,028 पीजीआईएमएस 6,90,856 पुलिस विभाग 5,16,386 पोस्ट ऑफिस 1,01,357 पब्लिक हेल्थ 1. 40 लाख पीडब्ल्यूडी ऑफिस 26,82,713 सर्विस क्लब 21,885 टास्क ऑफिस 4,15,792 ट्रेजरी ऑफिस 6,66,493 रेडियाे स्टेशन 3,54,853 सिविल अस्पताल 7,98,098 छोटूराम स्टेडियम 1,67,484

खबरें और भी हैं...