डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला का पुतला फूंका:भाजपा का साथ देने पर किसानों ने फूंका उप मुख्यमंत्री दुष्यंत का पुतला

रोहतक9 महीने पहले
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अविश्वास प्रस्ताव के दौरान भाजपा का साथ देने पर किसान दुष्यंत का पुतला का फूंकते हुए। - Dainik Bhaskar
अविश्वास प्रस्ताव के दौरान भाजपा का साथ देने पर किसान दुष्यंत का पुतला का फूंकते हुए।
  • महंगाई के खिलाफ किसान ट्रेड यूनियन के साथ मिलकर डीसी ऑफिस के बाहर 15 को करेंगे प्रदर्शन

किसानों ने अविश्वास प्रस्ताव के दौरान भाजपा का साथ देने पर डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला का पुतला फूंका। इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई हरियाणा पंजाब एकता मंच के प्रधान एवं किसान यूनियन सतीश राणा व मकड़ौली टोल धरना कमेटी के राजू मकड़ौली ने की।

सतीश राणा ने बताया कि ये केंद्र सरकार निरंकुश हो चली है। प्रतिदिन पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ रहे हैं। रसोई गैस की बढ़ती कीमतों ने हर वर्ग के लोगों की कमर तोड़ दी है। इसलिए 15 मार्च को डीसी ऑफिस के बाहर ट्रेड यूनियन के साथ मिलकर पेट्रोल डीजल व रसोई गैस के बढ़े हुए दामों के विरोध में प्रदर्शन किया जाएगा।

विरोध प्रदर्शन में संदीप सासरौली, पवन गांधरा, जगजीत हुड्डा, सतबीर हुड्डा खिड़वाली, बनी खड़वाल, वेद सांघी, डॉ. जयपाल मकड़ौली, चंदरपाल, रामकिशन मास्टर बलबीर प्रधान सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

पैदल चलते हुए बाॅर्डर पर पहुंचेंगे 5 जत्थे

तीन कृषि कानूनों के विरोध में मदीना टोल प्लाजा पर चल रहे धरने की अध्यक्षता शनिवार को नफे सिंह, दयानन्द, सत्या देवी और लड्डू देवी ने की। संचालन अखिल भारतीय किसान सभा के जिला कोषाध्यक्ष बलवान सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि किसानों को बर्बाद करने वाले तीनों काले कानून खेत खलिहान पर निर्भर मजदूरों व अन्य लोगों को भी नुकसान पहुंचाने का काम करेंगे।

इनके लागू होने से डिपो के माध्यम से सस्ते दर पर मिलने वाली खाद्य सुरक्षा भी बंद हो जाएगी। सीटू जिला कोषाध्यक्ष सत्यनारायण ने बताया कि प्रदेश के 5 अलग-अलग रूटों से जल्द ही राष्ट्रीय मजदूर संगठन सीटू व अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में संयुक्त पैदल जत्थे चलेंगे। जो विभिन्न गांवों से होते हुए 23 मार्च को भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव की शहादत दिवस के दिन टिकरी बॉर्डर पर पहुंचेंगे।

इसी दौरान संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर दिल्ली बॉर्डर पर शहादत दिवस मनाया जाएगा। राष्ट्रीय संगठन सीटू के जिला सचिव प्रकाश ने बताया कि केंद्र सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, रोडवेज, रेल, बैंक, बीमा कंपनियों का निजीकरण करके रोजगार मिलने वाले सार्वजनिक क्षेत्रों को बर्बाद करके देश में बेरोजगारी पैदा कर दी है। वहीं बड़े-बड़े उद्योग और कंपनियों के काम को 12 घंटे का काम और न्यूनतम वेतन खत्म करके मजदूरों को राहत देने वाले तमाम कानूनों को बदल दिया।

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