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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान:बॉर्डर मजबूत करने के लिए किसान दिल्ली रवाना, 5 जून काे तीन कृषि कानूनाें की प्रतियां जलाएंगे

​​​​​​​रोहतक22 दिन पहले
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रोहतक से टिकरी बॉर्डर के लिए रवाना होते अखिल भारतीय किसान के सदस्य। - Dainik Bhaskar
रोहतक से टिकरी बॉर्डर के लिए रवाना होते अखिल भारतीय किसान के सदस्य।
  • किसान टिकरी बाॅर्डर पहुंचे, कृषि कानूनोंं के विरोध में सरकार के खिलाफ जताया विराेध

कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन को मजबूत करने के लिए रविवार काे किसान सभा के नेतृत्व में किसानों का जत्था रोहतक से टिकरी बॉर्डर के लिए रवाना हुअा। बॉर्डर पर पहुंच आंदोलन को मजबूत किया गया। किसानों के जत्थे का नेतृत्व किसान सभा राज्य उपप्रधान इंद्रजीत सिंह, जिला प्रधान प्रीत सिंह व बलवान सिंह ने किया।

किसान सभा के जिला सचिव सुमित दलाल ने बताया कि बॉर्डर्स को मजबूत करने के संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान के तहत जिले के दर्जन गांवों से किसान टिकरी बॉर्डर पहुंचे। किसानों का सभी गांवों के किसान खरावड़ एकत्रित होकर टिकरी बॉर्डर पहुंचे। इस माैके पर मदीना व सैमाण गांव से अनाज एकत्रित करके लंगर में दान दिया गया। प्रदर्शन में सैमाण, मदीना, घड़ाैठी, मायना, शिमली, खरावड़, रोहद, रोहद टोल प्लाजा से किसान शामिल रहे।

भाजपा के सहयोगी सांसदों व विधायकों का करेंगे घेराव : संयुक्त किसान मोर्चा

किसान सभा इंद्रजीत सिंह ने कहा कि मोदी सरकार कृषि कानूनों के माध्यम से किसानों को उजाड़ना चाहती है। विभिन्न बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन को छह माह जो चुके हैं, पर सरकार कानूनों को रद्द करने की बजाय आंदोलन को तोड़ने के उद्देश्य से काम कर रही है।

परंतु सरकार की इन साजिशों को विफल करते हुए किसानों का आंदोलन आने वाले समय में और मजबूत होगा व बॉर्डर्स को मजबूत किया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान के तहत 5 जून जिस दिन सरकार इन कानूनों को अध्यादेश के तौर पर लाई थी, उसे एक साल पूरा हो रहा है।

इसलिए 5 जून को सम्पूर्ण क्रांति दिवस मनाते हुए भाजपा व उसके सहयोगी सांसदों व विधायकों का घेराव करते हुए कानूनों की प्रतियां जलाई जाएंगी। किसानों का संकल्प है कि कृषि बिल रद करवाने, एमएसपी पर सरकारी खरीद की गारंटी का कानून बनवाकर ही वापिस लौटेंगे।

धरना बॉर्डर या टोल प्लाजा पर जारी रखें : अठगामा तपा बोहर

अठगामा तपा बोहर की बैठक रविवार काे गांव बोहर में प्रधान अशोक ठेकेदार की अध्यक्षता में की गई। इसमें किसान आंदोलन की समीक्षा करते हुए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किए गए। सभी सदस्यों ने कहा कि अठगामा तपा बोहर आंदाेलन का समर्थन करता है। संयुक्त किसान मोर्चे का आह्वान है कि दिल्ली के चारों ओर चल रहे धरनों पर सभी किसान-मजदूर हिस्सा लें और सभी टोल प्लाजा पर धरने जारी रखेंगे।

कुछ लोग अपने स्तर पर आईएमटी चौक खेड़ी साध पर धरना देने का कार्यक्रम बना रहे हैं। इसलिए अठगामा इस तरह के धरने का समर्थन नहीं करता है और धरना देने वालों को सलाह दी जाती है कि किसान एकता के लिए काम करें और अपना धरना टिकरी बॉर्डर या टोल प्लाजा पर रखें।

बैठक में कसरैंटी के पूर्व सरपंच राजेन्द्र, जितेन्द्र बलियाणा, चन्द्रभान खेड़ी साध, शम्मी खेड़ी साध, पहरावर गोशाला प्रधान नरेश शर्मा, सतबीर शर्मा, सतीश शर्मा पहरावर, मा. देवराज नांदल, बिल्लू कुताना, ईश्वर सिंह, बलजीत नौनंद, कृष्ण पाकस्मा, अनूप ठेकेदार, सतीश कौशिक, मनीश नांदल, सुमित, जगदेव आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

किसान 5 जून को मनाएंगे खेती बचाओ-कॉरपोरेट भगाओ दिवस, कृषि कानूनों की प्रतियां जलाएंगे

ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन की हरियाणा प्रदेश कमेटी की ऑनलाइन बैठक की गई। इसकी अध्यक्षता संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अनूप सिंह मातनहेल ने की और संचालन प्रदेश सचिव जयकरण मांडौठी ने किया। बैठक में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यवान ने भी भाग लिया।

बैठक में निर्णय लिया कि आने वाली 5 जून को “खेती बचाओ-कॉरपोरेट भगाओ” दिवस के रूप में मनाया जाए और उस दिन पूरे प्रदेश में किसान तथा नए कृषि कानूनों तथा बिजली बिल 2020 की प्रतियों की प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा गांवों में होली जलाई जाएगी।

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यवान बताया कि अब आंदोलनों की अगली कड़ी के रूप में ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने 5 जून 2021 को “खेती बचाओ-कॉरपोरेट भगाओ” दिवस देश भर में मनाने का फैसला किया है‌।

5 जून को गांव गांव में किसान इकट्ठा होकर इन काले कानूनों की प्रतियां जलाएंगे। बैठक में उपस्थित संगठन के नेताओं, राजकुमार सारसा, रामकुमार, बलवीर सिंह, रोहतास, करतार सिंह मलिक, ईश्वर सिंह दहिया, रामकरण, सुखबीर सिंह, भीम सिंह तथा करतार सिंह आदि शामिल हुए।

किसानों को आर्थिक सहायता दी जाए

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अनूप सिंह मातनहेल ने कहा कि आज से एक वर्ष पहले 5 जून 2020 को खेती और देश के किसानों व आम जनता के हितों के खिलाफ भाजपा की मोदी सरकार ने अचानक तीन अध्यादेश जारी किए थे। इन्हीं अध्यादेशों को बाद में तीन काले कृषि कानूनों की शक्ल दी गई थी जिनके खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले हम सब मिलकर लड़ रहे हैं।

संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय कुमार तथा बाबूराम ने बताया कि किसानों पर पराली जलाने के नाम पर प्रदूषण फैलाने के आरोप में एक करोड़ रुपए तक का जुर्माना लगाने का फैसला भी ले रखा है, जिसका संगठन कड़ा विरोध करता है। हम प्रदेश सरकार से मांग करते हैं कि पराली प्रबंधन के लिए किसानों को आर्थिक सहायता दी जाए।

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