19 जनवरी को आयोजित होगी संकल्प सभा:बारिश से खराब हुई फसलों की स्पेशल गिरदावरी करवाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरेंगे किसान

रोहतक8 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
किसानों के फसली मुआवजे को लेकर चर्चा करते किसान सभा के पदाधिकारी। - Dainik Bhaskar
किसानों के फसली मुआवजे को लेकर चर्चा करते किसान सभा के पदाधिकारी।

बारिश से हुए फसल खराबे की स्पेशल गिरदावरी करवाने, खरीफ फसल के बकाया मुआवजे के भुगतान, मनरेगा के तहत इच्छुक मजदूरों को काम देने, दिहाड़ी मारे जाने के मामलों में सख्त कार्रवाई करने को लेकर 9 जनवरी को किसान मजदूर एकता दिवस पर किसान सभा, खेत मजदूर यूनियन और सीटू संयुक्त रूप से प्रदर्शन करेंगे। यह निर्णय तीनों संगठनों के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता किसान सभा के जिला प्रधान प्रीत सिंह और सीटू जिला प्रधान कमलेश लाहली ने की। बैठक में पिछले 38 दिन से प्रदेश सरकार की हठधर्मिता के चलते आंदोलनरत आंगनबाड़ी कर्मियों के आंदोलन के प्रति एकजुटता प्रकट की गई।

वक्ताओं ने कहा कि 1982 में देश के केंद्रीय श्रमिक संघों के आह्वान पर पहली देशव्यापी हड़ताल की गई। इसके मांग पत्र में खेत मजदूरों के मुद्दों व किसानों के महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया गया था। इस हड़ताल के दमन के दौरान 10 से ज्यादा साथियों की शहादत हुई। इस दिन को किसान-मजदूर एकता दिवस के तौर पर याद किया जाता है। इस 19 जनवरी को इसके 40 वर्ष पूरे हो रहे है।

मीटिंग में रोहतक जिले के किसानों और मजदूरों के मुद्दों को सामूहिक रूप से उठाने और हल करवाने पर सहमति बनाते हुए कहा गया कि खरीफ की फसल का मुआवजा किसानों को अभी तक नहीं मिला है और पिछले दिनों हुई बारिश से गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है, जलभराव के चलते जिले में हजारों एकड़ जमीन पर बुवाई नहीं हो पाई है। वही ग्रामीण आंचल में कोरोना के चलते बदहाली झेल रहे मजदूरों को मनरेगा के तहत काम न देकर उनके साथ दोहरा छलावा हो रहा है।

श्रम कानूनों की खुलेआम अवहेलना हो रही है। इसके चलते आए दिन दिहाड़ी मारे जाने के मामले बढ़ रहे हैं। इन मुद्दों को लेकर 19 जनवरी को किसान मजदूर एकता को मजबूत करते हुए संकल्प सभा की जाएगी और स्थानीय मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। अगर प्रशासन किसान मजदूरों के इन मुद्दों का समाधान नहीं करता है तो यह आंदोलन अनिश्चित कालीन भी हो सकता है।

मीटिंग में केंद्रीय मजदूर संगठनों और कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर 23-24 फरवरी को होनेवाली देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए महीने भर का अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में खेत मजदूर यूनियन के नेता संदीप सिंह, किसान सभा के सुमित सिंह व अतर सिंह हुड्डा, सीटू के जिला सचिव कामरेड विनोद व संजीव सिंह भी मौजूद रहे।

खबरें और भी हैं...