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  • Fast Tag Card Was Installed On The Car, If It Is Not Scanned, 120 Rupees Will Be Charged, Then 60 Rupees Will Be Deducted From The Account, The Toll Company Will Pay 30 Thousand For The Fine.

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष कमीशन ने लगाया जुर्माना:कार पर फास्ट टैग कार्ड लगा था, स्कैन नहीं होने पर 120 रुपए वसूले, फिर अकाउंट से भी काटे 60 रुपए, टोल कंपनी जुर्माने के देगी 30 हजार

रोहतकएक महीने पहले
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  • जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष कमीशन का रोहद टोल से जुड़े प्रकरण में आदेश, अप्रैल 2019 में सेक्टर-4 निवासी एक्सईएन के साथ टोल पर हुई थी घटना

टाेल प्लाजा पर टैक्स वसूली को लेकर कभी ज्यादा फास्ट टैग से ज्यादा पैसे कट जाने, वाहन गुजरे बगैर टोल कट जाने, वाहन चालकों से बदसलूकी जैसे कई आरोप अक्सर चर्चा में रहते हैं। इस बार भी टोल प्लाजा प्रबंधन को चर्चा में है। वजह है 30 अप्रैल 2019 को रोहद टोल पर हुए प्रकरण में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष कमीशन के फैसले में टोल प्रबंधन पर जुर्माना लगाया जाना। कमीशन ने टोल प्रबंधन पर 30, 260 रुपए का जुर्माना लगाया है। रोहद टोल प्रबंधन पर आरोप है कि वाहन पर फास्ट टैग कार्ड लगा होने के बावजूद उनसे दोगुनी राशि का टैक्स वसूला गया।

इसके बाद फास्ट टैग अकाउंट से भी पैसे काटे गए। मामले में सेक्टर-4 निवासी व सरकारी विभाग में एक्सईएन शिकायतकर्ता हैं। उनका आरोप था कि कार में फास्ट टैग लगा होने के बाद भी रोहद टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने 120 रुपए की पर्ची काट दी और टोल पार करते ही फास्ट टैग से 60 रुपए कट गए। 120 रुपए की अवैध वसूली किए जाने से नाराज एक्सईएन ने कंपनी प्रबंधन को लिखित शिकायत दी। सुनवाई न होने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष कमीशन को शिकायत दी।

जाने पूरा मामला... कंपनी को लिखित शिकायत दी, सुनवाई नहीं की तो कमीशन में पहुंचे, 15 जनवरी 2020 को केस दायर किया

केस में शिकायतकर्ता एक्सईएन के वकील एडवोकेट दिग्विजय जाखड़ ने बताया कि शिकायतकर्ता एक्सईएन 30 अप्रैल 2019 को रोहद टोल प्लाजा से गुजरे थे। टोल अथॉरिटी ने शिकायतकर्ता से दोहरा टोल शुल्क 120 रुपए चार्ज कर लिए, जबकि शिकायतकर्ता की कार पर फास्ट टैग लगा हुआ था। शिकायतकर्ता ने टोल अधिकारियों से आग्रह किया कि फास्ट टैग लगा हुआ है और वो स्कैन नहीं हो रहा तो इसमें वाहन मालिक की गलती नहीं है। आरोप है कि इसके बावजूद भी टोल कर्मियों ने शिकायतकर्ता के साथ अभद्र व्यवहार किया और दोहरा टोल शुल्क ले लिया। शिकायतकर्ता को अचंभा तब हुआ जब वह टोल से आगे निकला और उनके मोबाइल पर फास्ट टैग से भी 60 रुपए कटने का एसएमएस आया। इस बारे में उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष कमीशन में 15 जनवरी 2020 को केस दायर किया।

टोल के खराब रोड से गाड़ी को हुआ नुकसान, कंपनी को 14889 रुपए ब्याज समेत चुकाने होंगे
21 माह तक चले केस पर फैसला देते हुए प्रेसीडेंट नागेंद्र सिंह कादयान व मेंबर डॉ. तृप्ति पानू की कोर्ट ने शिकायतकर्ता के हक में फैसला सुनाते हुए रोहद टोल प्लाजा व एनएचएआई को आदेश किए कि दोनों टोल अथॉरिटी शिकायतकर्ता को फास्ट टैग की एवज में वसूल किया गया दोहरा शुल्क 120 रुपए अदा करेंगे व टोल रोड पर खामियों के चलते शिकायतकर्ता द्वारा अपनी गाड़ी को ठीक कराने की एवज में हुए खर्चे के रूप में 14,889 रुपए नौ प्रतिशत ब्याज सहित 1 महीने के भीतर देने के आदेश दिए। 10 हजार रुपए सेवाओं में कमी के चलते मुआवजा व तीन हजार रुपए कानूनी खर्च के देने के आदेश दिए हैं। कमीशन ने कुल 30,260 रुपए जुर्माना लगाया।

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