पैरोल पर आकर फरार हुआ 10 हजार का इनामी काबू:12 साल पहले गांव ईस्माइला में बाप-बेटे की थी हत्या

रोहतक3 महीने पहले
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पुलिस की गिरफ्त में हत्यारोपी। - Dainik Bhaskar
पुलिस की गिरफ्त में हत्यारोपी।

करनाल जेल से पैरोल पर आकर फरार हुए 10 हजार के इनामी बदमाश संदीप को रोहतक सीआईए-2 टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी गांव ईस्माइला में 12 साल पहले अपने भाई संग मिलकर पिता-पुत्र की हत्या करने के मामले में करनाल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। यहां से दो साल पहले उसे छह सप्ताह की पैरोल मिली थी, लेकिन बाहर आने के बाद वह पैरोल का समय पूरा होने पर भी जेल वापस नहीं गया। तभी से पुलिस उसकी तलाश में थी। अब जाकर सीआईए-2 टीम ने काबू किया। मंगलवार को इसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।

गांव ईस्माइला निवासी संदीप ने अपने भाई कुलदीप के साथ मिलकर वर्ष 2010 गांव के ही रमेश व उसके बेटे रिंकू की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में संदीप व उसके भाई को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। कुलदीप हाईकोर्ट में अपील के बाद जमानत पर बाहर आ गया। वहीं, संदीप को करनाल जेल से वर्ष 2020 में छह सप्ताह की पैरोल मिली थी। पैरोल का समय पूरा होने पर भी वह जेल वापस नहीं गया। पुलिस ने संदीप को अति वांछित आरोपी घोषित करते हुए उस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।

गांव में जमीन बेच बहादुरगढ़ में रह रहा था
पुलिस ने बताया कि आरोपी संदीप पैरोल पर आने के बाद अपने गांव की जमीन बेचने के बाद बहादुरगढ़ में किराये के मकान में रह रहा था। दो साल तक पुलिस को उसकी भनक तक नहीं लगी। वह अपने आजीवन कारावास में से दस साल की सजा काट चुका है। आरोपी संदीप पर रोहतक सहित विभिन्न जिलों के थानों में हत्या, हत्या का प्रयास, चोरी, तस्करी के दस केस दर्ज हैं। आरोपी का पुराना आपराधिक रिकार्ड रहा है। चोरी का एक केस विकासपुरी, दिल्ली में भी दर्ज है। आरोपी ने गांव ईस्माइला में इन्वर्टर लगाने को लेकर छोटी सी कहासुनी के बाद पिता-पुत्र की हत्या कर दी थी।

सवा साल बढ़ाई पैरोल, लेकिन जेल नहीं गया फिर तलाश शुरू की
पुलिस ने बताया कि आरोपी संदीप को 4 अप्रैल वर्ष 2020 को छह सप्ताह की पैरोल दी गई थी, लेकिन वह तय तारीख 17 मई वर्ष 2020 तक वापस जेल नहीं आया। इसके बाद उसकी पैरोल 25 मार्च 2021 तक बढ़ा दी गई, हालांकि आरोपी फिर भी तय तारीख तक नहीं लौटा। इसके बाद जेल प्रशासन की शिकायत पर सांपला थाने में उसके खिलाफ केस दर्ज किया। हालांकि, हाईकोर्ट के आदेश पर आरोपी की पैरोल 1 सितंबर वर्ष 2021 तक कर दी गई व केस को रद्द कर दिया। इन सब छूट के बाद भी आरोपी जेल तक नहीं पहुंचा। इस पर करनाल जेल से पत्र प्राप्त होने पर सांपला थाना में केस दर्ज होने के बाद और आरोपी की तलाश की जा रही थी।

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