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जिम्मेदारों की मोर्चाबंदी नाकाम:दीपावली पर रात 3 बजे तक बेरोकटोक बजे पटाखे, कार्रवाई के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में 14 टीमें गठित, फिर भी तालमेल की कमी में टूटे नियम

रोहतक25 दिन पहले
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दीपावली पर रात 3 बजे तक बेरोकटोक खूब पटाखे फोड़े गए। इससे वायु प्रदूषण खतरनाक श्रेणी को भी पार कर गया। लिहाजा, राजीव गांधी खेल स्टेडियम सहित शहर के पार्कों में अलसुबह सैर के लिए निकलने वालों की तादात कम रही। हवा नहीं चलने से नीचे उतर आया जहरीला धुंआ वातावरण में आसपास फैला रहा।

इस दौरान लोगों ने आंखों में जलन के साथ ही सांस लेने में दिक्कत महसूस की, जबकि डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने पुलिस की 14 टीमों के साथ ड्यूटी मजिस्ट्रेट की तैनाती की थी, लेकिन पटाखों के शोर में प्रशासन के कार्रवाई की मोर्चेबंदी फेल नजर आई। सुबह कई जगहों पर बच्चों ने पटाखे फोड़े।

इस शुरुआत ने शाम 5 बजे के बाद जोर पकड़ लिया। फिर तो इसमें बड़े-बुजुर्गों और युवाओं की मंडली भी शामिल हो गई। चारों तरफ अंधाधुंध फुलझड़ी, राकेट, चरखी और पटाखा बम चलने लगे। पुराने शहर के मोहल्लों के अलावा शहर की आउटर कॉलोनियों के ऊपर आसमान काले धुंओं और हवा बारुद की तीखी दुर्गंध से भर गई। इससे सांस के रोगियों व उम्रदराज लोगों की मुश्किल बढ़ गई। तमाम लोगों को उपचार के लिए अस्पताल भागना पड़ा।

लापरवाही के चलते कई लोगों के हाथ-पैर झुलस गए। गांधी कैंप में आगजनी की भी घटना हुई है। इसके पूर्व दिवाली के दिन सुबह बाजारों में पटाखों के स्टॉल सज गए।

8 लोगों की गिरफ्तारी का दावा; पुलिस का इनकार

सिटी मजिस्ट्रेट ज्योति मित्तल का दावा है कि पटाखों की बिक्री-खरीद पर कार्रवाई के लिए अधिकारियों व पुलिस की टीमें फील्ड में निरीक्षण अभियान चलाती रही। इस दौरान 8 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है, लेकिन पुलिस प्रशासन एक भी गिरफ्तारी से ही इनकार कर रहा है।

ये रहे जिम्मेदार, जिन्हें संभालनी थी कमान

डीसी ने दीपावली पर पटाखों की बिक्री पर पाबंदी रोक के लिए पुलिस के साथ 14 ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए थे। इसमें रोहतक एसडीएम राकेश कुमार एएसपी कृष्ण कुमार लोहचब, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेश कुमार के साथ डीएसपी सिटी डाॅ. रवींद्र, महम एसडीएम प्रदीप अहलावत के साथ एएसपी महम हेमेंद्र कुमार मीणा, नगर निगम के जॉइंट कमीश्नर सुरेश कुमार के साथ डीएसपी सज्जन कुमार, सांपला एसडीएम श्वेता सुहाग के साथ एएसपी मेधा भूषण, पीजीआईएमएस के अतिरिक्त निदेशक विजय सिंह के साथ डीएसपी ट्रैफिक महेश कुमार, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहित कुमार के साथ एसएचओ बहुअकबरपुर व एसएचओ शिवाजी कॉलोनी, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी अजीत सिंह के साथ डीएसपी सुशीला, सांपला तहसीलदार गुलाब सिंह के साथ एसएचओ सांपला व एसएचओ आईएमटी, रोहतक तहसीलदार जिवेंद्र मलिक के साथ एसएचओ सिटी, एसएचओ पुरानी सब्जी मंडी व एसएचओ सिविल लाइन, कलानौर के तहसीलदार मदनलाल के साथ एसएचओ कलानौर, रोहतक बीडीपीओ राजपाल चहल के साथ एसएचओ आर्य नगर आदि शामिल रहे।​​​​​​​

रात भर चली आतिशबाजी, 39 हुए जख्मी: सरकार की रोक और जिला प्रशासन की चेतावनी के बावजूद भी दिवाली की रात जमकर आतिशबाजी हुई। गुरुवार देर रात तक आसमान विभिन्न पटाखों से निकली चिंगारियों से रंगीन रहा। ऐसे में पीजीआई के ट्रामा सेंटर में पटाखों फोड़ते वक्त झुलसने के कारण 30 के करीब लोग पहुंचे। इनमें रोहतक समेत अन्य जिलों के लोग भी शामिल है। हालांकि किसी को ज्यादा चोट नहीं थी। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तुरंत छुट्टी दे दी गई। वहीं सिविल अस्पताल में पटाखे फोड़ते वक्त जख्मी होने के 9 मामले पहुंचे। पुलिस की ओर से दिवाली से दो दिन पहले 8 जगह छापेमारी करते हुए कई दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई।​​​​​​​

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