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बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ मैनेजर ने किया घपला:163 लोगों के एफडी क्रेडिट पर 11 करोड़ का लोन ले किया फर्जीवाड़ा

रोहतक7 दिन पहले
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राेहतक | रेड के दाैरान बैंक के बाहर तैनात गार्ड। - Dainik Bhaskar
राेहतक | रेड के दाैरान बैंक के बाहर तैनात गार्ड।

प्रदेश में जब लोग साल 2020 में कोरोना काल का दंश झेल उसकी पहली लहर से उबरने की कोशिश में लगे थे उस दौरान रोहतक, जींद, सोनीपत के बैंकों में लोगों के जीवनभर की कमाई पर कोई डाका डाल रहा था। डाका डालने वाला भी कोई ओर नहीं बैंक का ही चीफ मैनेजर था। बैंक ऑफ बड़ौदा के रोहतक ब्रांच के चीफ मैनेजर मंजीत सिंह पर आरोप है कि उन्होंने अक्टूबर 2020 से नवंबर 2020 के बी बैंक के 163 एफडी खातों से फर्जी ढंग से अपनी पत्नी और रिश्तेदारों के बैंक खातों में साढ़े 11 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर लिए।

ये रकम इन खातों में लोन के तौर पर ट्रांसफर की गई थी। मामले में दिल्ली सीबीआई ने चीफ मैनेजर मंजीत सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मंगलवार को दिल्ली सीबीआई की 8 सदस्यीय टीम जांच के लिए रोहतक ब्रांच में पहुंची। यहां टीम ने इस मामले से जुड़े दस्तावेज जुटाए हैं। आरोपी चीफ मैनेजर की अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही वो फरार है।

ये है एफडी पर लोन का प्रोसेस, ऐसे उठाया चूक का फायदा
बैंक प्रबंधन लोन ओवर ड्राफ्ट अगेंस्ट बैंक ऑन डिपोजिट (ओडी बीओडी)अकाउंट पर कोई भी एक एफडी की कुल राशि का 90 फीसदी लोन जारी कर सकता है। लोन अकाउंट होल्डर की सहमति से थर्ड पार्टी को भी जारी हो सकता है। आरोपी चीफ मैनेजर ने इस प्रोसेस ने अपने खुलवाए फर्जी एफडी अकाउंट से 163 लोगों की एफडी से लोन जारी करवाया। थर्ड पार्टी को लोन पर सहमति के बगैर भी उसने अपने ओहदे का फायदा उठा ये लोन जारी करवा दिए।

गाेहाना ब्रांच में तैयार किया था फर्जीवाड़े का ब्लू प्रिंट

मंजीत सिंह अक्टूबर 2020 में गोहाना ब्रांच में तैनात था। वहां उसने 5 अक्टूबर को अपनी पत्नी के नाम 25 हजार रु. की एफडी अकाउंट खोलने की प्रक्रिया शुरू कराई थी। इसी बीच उसका ट्रांसफर रोहतक में हो गया। नवंबर 2020 में रोहतक ब्रांच में बिना दस्तावेजों के पत्नी का अकाउंट फिर खुलवा लिया। अपने चार रिश्तेदारों का भी एफडी अकाउंट खुलवाया।

कई जिलों के एफडी अकाउंट पर लिया लोन

5 एफडी अकाउंट खुलवाने के बाद चीफ मैनेजर ने फर्जीवाड़े को नवंबर में ही अंजाम देना शुरू कर दिया। खास बात ये ही उसने खुद इन अकाउंट का लोगों के एफडी अकाउंट से थर्ड पार्टी के तौर पर लिंक किया। फिर कई जिलों से संबंधित 163 लोगों के एफडी खातों पर 11.57 करोड़ रु. लोन के तौर पर अपनी पत्नी और रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर करा लिए।

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