रोहतक का पहलवान परिवार हत्याकांड:हत्यारोपी मोनू के वकील की अर्जी पर कोर्ट में सुनवाई पूरी नहीं; वकील का तर्क-केस को समझने के लिए बातचीत करना जरूरी, कल फिर होगी सुनवाई

रोहतक2 महीने पहले
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पुलिस गिरफ्त में हत्यारोपी अभिषेक उर्फ मोनू। - Dainik Bhaskar
पुलिस गिरफ्त में हत्यारोपी अभिषेक उर्फ मोनू।

बबलू पहलवान और उसके परिवार के 3 सदस्यों की हत्या के आरोपी, बबलू के इकलौते बेटे अभिषेक मलिक उर्फ मोनू से जेल में मिलने के लिए उनके वकील मोहित वर्मा ने सेशन कोर्ट में अर्जी लगाई। इस अर्जी पर बुधवार दोपहर बाद सुनवाई हुई। मोनू के वकील मोहित वर्मा ने बताया कि बुधवार को सुनवाई पूरी नहीं हो पाई इसलिए सेशन कोर्ट वीरवार को इस पर फिर से सुनवाई करेगा।

गौरतलब है कि रोहतक शहर में झज्जर चुंगी स्थित विजयनगर की बाग वाली गली में रहने वाले बबलू पहलवान, उनकी पत्नी बबली, बेटी तमन्ना और सास रोशनी देवी की 27 अगस्त को उन्हीं के घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी। चारों लोगों की हत्या के बाद इस परिवार में बबलू पहलवान का इकलौता बेटा अभिषेक मलिक उर्फ मोनू ही बचा है। पुलिस ने उसी को चारों की हत्या के जुर्म में गिरफ्तार किया है।

मोनू के वकील मोहित वर्मा ने कोर्ट में लगाई अर्जी में लिखा कि वह आरोपी का वकील है और इस मामले में अभी तक आरोपी से बातचीत नहीं कर पाए हैं। इसलिए वह मोनू से मिलकर इस केस के बारे में बात करना चाहते है। मामले की तह तक जाने और अगली सुनवाई पर कोर्ट में अपने मुवक्किल का पक्ष सही तरह रखने के लिए उनका मोनू से मिलना जरूरी है।

मोनू ने कहा था- उसे फंसाया जा रहा
मोहित वर्मा के अनुसार, वह 4 हत्याओं के आरोपी मोनू से 6 सितंबर को कोर्ट परिसर में मिले थे। वहां प्रारंभिक बातचीत में मोनू ने बताया था कि उसे इस मामले में फंसाया जा रहा है। उसके परिवार का कातिल कोई और है। वह बेकसूर है। हालांकि अदालत में पूरा समय नहीं मिल पाने के कारण मोनू उन्हें डिटेल में ज्यादा कुछ नहीं बता पाया। मंगलवार सुबह वह मोनू से मिलने जेल गए मगर वहां उन्हें मिलने की इजाजत नहीं दी गई।

कोर्ट परिसर में 6 सितंबर को वकील और अभिषेक की मुलाकात का फाइल फोटो
कोर्ट परिसर में 6 सितंबर को वकील और अभिषेक की मुलाकात का फाइल फोटो

पुलिस का दावा-रिमांड में कबूला जुर्म
पुलिस का दावा है कि रिमांड में मोनू ने कई खुलासे किए। उसे बड़ी बहन तमन्ना से रंजिश थी जो उसकी राजदार थी। तमन्ना ने ही मोनू के एक लड़के के साथ लिव-इन में रहने की बात घर पर बताई थी। इससे पूरा परिवार नाराज था इसलिए उसने सबको मार डाला। पुलिस के अनुसार, मोनू ने बताया कि वह वारदात वाले दिन, 27 अगस्त सुबह 11 बजे वह घर आया और पापा की पिस्तौल लेकर सीधे ऊपर तमन्ना के कमरे में चला गया। वह उसे धीरे से कमरा बंद किया और बेड पर चद्दर ओढ़कर सो रही तमन्ना की कनपटी पर पिस्तौल सटाकर गोली मार दी। इसके बाद तकिए से उसका मुंह ढंक दिया। उसके बाद नानी रोशनी देवी ऊपर आई तो वह दरवाजे के पीछे छिप गया। जैसे ही रोशनी देवी कमरे में दाखिल हुई, उसने पीछे से उन्हें गोली मार दी। इसके बाद उसकी मां बबली ऊपर कमरे में आई तो उसने उन्हें भी पीछे से गोली मार दी। उसके बाद मां के जेवर उतारे और कमरे को बाहर से लॉक कर नीचे पापा बबलू पहलवान के कमरे में आ गया। बबलू बैड पर लेटकर फोन पर किसी से बात कर रहे थे। जैसे ही बबलू पहलवान ने कॉल काटी, उसने उनके माथे में दो गोलियां मार दी। दो गोली लगने के बाद भी जब बबलू ने उठने की कोशिश की तो उसने एक और गोली मार दी। इसके बाद पापा के हाथ से सोने का 11 तोले वजनी कड़ा निकाला व लाश को कमरे में लॉक करके चाबी रख ली।

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