रोहतक का जाट कॉलेज अखाड़ा हत्याकांड:6 लोगों की जान लेने वाले सुखविंद्र की दलील-मेरी जान को खतरा, जेल बदलने की याचिका पर कोर्ट का फैसला सुरक्षित; अगली सुनवाई 13 को

रोहतक10 महीने पहले
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हरियाणा के रोहतक में कोर्ट ने 6 हत्याओं के आरोपी की जान का खतरा बता शिफ्टिंग की याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान रोहतक जिला जेल और पुलिस प्रशासन ने भी अपना जवाब रखा। प्रशासन ने कोर्ट के समक्ष जेल में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध होने संबंधी जवाब दिया है। इसे सुनने के बाद कोर्ट फैसला सुरक्षित रखते हुए अगली सुनवाई 13 सितंबर तय की है।

गौरतलब है कि शहर के जाट कॉलेज परिसर में चल रहे मेहर सिंह के अखाड़े में 12 फरवरी को सोनीपत जिले के बरोदा गांव के रहने कोच सुखविंद्र मोर ने मुख्य कोच मनोज समेत 6 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतकों में मुख्य कोच मनोज के अलावा, उसकी पत्नी साक्षी, 3 साल का बेटा सरताज, कोच प्रदीप, सतीश और पूजा शामिल थे। पुलिस ने आरोपी कोच सुखविंद्र और उसको हथियार उपलब्ध कराने वाले मनोज को गिरफ्तार किया है। मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रहा है।

कोर्ट कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए खेली गेम

21 सितंबर को इस हत्याकांड में कोर्ट में बहुत ही अहम सुनवाई होनी है। इस सुनवाई में 6 हत्याओं के आरोपी सुखविंद्र पर आरोप तय हो सकते हैं। ऐसे में कोर्ट कार्रवाई आगे बढ़े और ट्रायल आदि में देरी हो, इसके लिए आरोपी ने नई गेम खेली है। 6 लोगों की जान लेने वाले सुखविंद्र ने अपनी जान को खतरा बताया है। उसने खुद को रोहतक की जिला जेल से करनाल या भौंडसी जेल में ट्रांसफर करने की याचिका लगाई है।

मंगलवार 7 सितंबर को दायर ‌की गई याचिका पर कोर्ट ने 8 सितंबर को सुनवाई की। इस दौरान शिकायतकर्ता पक्ष के वकील जय हुड्डा के अलावा पुलिस और जेल प्रशासन ने अपना तर्क दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने जेल प्रशासन से इस संबंध में पूरी जानकारी के साथ जवाब मांगा। शुक्रवार को फिर से इस याचिका पर सुनवाई हुई।

पुलिस ने सुरक्षा व जेल ने दिया अलग से रखे जाने का जवाब

आज कोर्ट ने पूछा कि जिस जेल में राम रहीम सुरक्षित है, उसमें सुखविंद्र को जान का खतरा कैसे है? क्या जेल में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध नहीं हैं? इस पर जेल प्रशासन की ओर से मौजूद रहे अधिकारी ने जवाब दिया कि जेल में किसी भी तरह की किसी भी बंदी को कोई दिक्कत नहीं है। सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाएं पर्याप्त हैं। जेल प्रशासन ने कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को सुनारियां जेल में अलग बैरक में रखा जा रहा है। वह अन्य बंदियों से दूर है। उसकी जान को वहां कोई खतरा नहीं है। रोहतक पुलिस ने जवाब दिया है कि बीच रास्ते से आरोपी को दूसरे जिले से रोहतक कोर्ट लाने में सुरक्षा के नजरिये से काफी जद्दोजहद करनी पड़ेगी। दूसरे जिलों की जेल से ज्यादा सुरक्षित रोहतक सुनारियां जेल है।

शिकायतकर्ता पक्ष के वकील ने कहा-गेम खेल रहा है आरोपी

उधर मामले में शिकायत पक्ष की पैरवी कर रहे एडवोकेट जय हुड्डा के मुताबिक आरोपी सुखविंद्र ने यह तर्क दिया है कि जिला जेल में मोखरा, मांडौठी आदि क्षेत्रों के कैदी भी हैं। इन क्षेत्रों के दो लोगों की हत्याओं का उस पर आरोप है, जिसके चलते उसे इन बंदियों से उसे अपनी जान का खतरा है, इसलिए उसे यहां से करनाल एवं भौंडसी जेल में ट्रांसफर किया जाए। दूसरी तरफ हकीकत यह है कि आरोपी 21 सितंबर को होने वाली आगामी सुनवाई को टालने के लिए यह गेम खेल रहा है, क्योंकि यहां से ट्रांसफर करने पर उसे तारीख पर कोर्ट में लाने और ट्रायल आदि में देरी होनी लाजमी होगी, जिससे तारीख आगे बढ़ने की संभावना रहेगी।

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