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यह पुण्य नहीं, पाप है कमाया:भिवानी में अमावस्या के दिन खीर-पूरी और अधिक अनाज खिलाने से 15 गायों की मौत, 50 गंभीर को बचाने में जुटी 15 डॉक्टरों की टीम

रोहतक17 दिन पहले
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मृत गायों को विधिवत रूप से मिट्‌टी देता गो सेवक - Dainik Bhaskar
मृत गायों को विधिवत रूप से मिट्‌टी देता गो सेवक

हरियाणा के भिवानी जिले में अमावस्या के दिन पुण्य कमाने के लिए लोगों द्वारा खिलाए खीर-पूरी और अनाज उनके प्राणों के लिए घातक हो गया। गायों को अत्याधिक खिलाने से उनकी हालत बिगड़ गई और देर शाम तक 15 गायों ने दम तोड़ दिया। ज्यादा खाने से गायें तड़पती हुई सड़क पर गिरकर बेहोश होने लगीं। सूचना मिलने पर पहुंची डॉक्टरों की टीम ने करीब 50 अन्य गंभीर गायों को बचाने के प्रयास शुरू किए।

गोरक्षा जिला प्रधान संजय परमार ने बताया कि अत्याधिक अनाज खाने से करीब 50 गाय गंभीर हो गईं। उनके इलाज में महम रोड स्थित श्री गोशाला ट्रस्ट से सरकारी डॉक्टरों की टीम लगी हुई है। पांच-पांच सदस्यों की डॉक्टरों की टीम शिफ्ट अनुसार गायों का इलाज कर रही है। प्रत्येक आठ घंटे बाद डॉक्टरों की दूसरी टीम इलाज के लिए पहुंच रही है। इलाज बुधवार दोपहर से ही जारी है। गंभीर हालत में दो गायों की बुधवार को और 13 की वीरवार शाम तक मौत हो गई।

गौशाला में बीमार गाय, पास में खोर में पड़ी खाली ग्लूकोज की बोतलें।
गौशाला में बीमार गाय, पास में खोर में पड़ी खाली ग्लूकोज की बोतलें।

यहां यहां से आए है मामले सामने

भिवानी शहर के नजदीकी गांव नाथुवास में एक, दिनोद में एक, मानहेरू में दो, दो गाय गांव बामला में मरने की खबर है। हालांकि इन गावों में ग्रामीणों ने मृत गायों को वहीं दफनाया दिया। शहर में जिन गायों की मरने की सूचना गौरक्षकों को मिली, वे तत्काल मौके पर पहुंचे और दफनाने के लिए ले गए।

पहले से कर रहे थे जागरूक, मगर नहीं माने

गौरक्षक संजय परमार ने बताया कि लोगों को इस बारे में जागरूक किया था। इसके बावजूद भी लोगों ने गायों को ज्यादा पकवान खिला दिए। लोग मानने को तैयार नहीं है। ज्यादा पकवान खिलाने व ज्यादा भोजन दिए जाने की वजह से शहर में 50 गायों की हालत गंभीर बनी है। हालांकि सभी गंभीर गायों को इलाज के लिए गौशाला ले आएं। उन्होंने बताया कि जब तक गाय के पेट का अफारा नहीं उतर जाता, तब तक उसकी हालत सही नहीं कही जा सकती। पकवान व ज्यादा अनाज खाने से पशु के पेट में अफारा बन जाता है। जिसकी वजह से पशु को सही ढंग से सांस नहीं आता। अगर पेट के अंदर बनी गैस को नहीं निकाला जाता। तो पशु का पेट ज्यादा फुल जाता है और कुछ ही देर में पशु दम तोड़ देता है।

इस उपाय का प्रयोग करे

उल्लेखनीय है कि गौ रक्षकों के अलावा जिला प्रशासन व सामाजिक संस्थाओं ने भी लोगों को अमावस्या के दिन गायों को पकवान व ज्यादा भोजन न खिलाने की गुजारिश की थी। गौरक्षकों का तर्क था कि वे गायों को पकवान खिलाने की बजाय गौशालाओं में भिजवा दे। ताकि वहां अन्य पशुओं को उचित मात्रा में अन्न खिलाया जा सके। अमावस्या के दिन लोग पुण्य कमाने के लिए गायों को पकवान व ज्यादा अन्न खिला देते हैं जो पशुओं की मौत का कारण बन जाता है।

महेंद्रगढ़ में कच्चे-पक्के भोजन से दो गायों व दो सांड़ों की मौत

महेंद्रगढ़ में सर्व पितृकार्य अमावस्या पर बुधवार को कच्चे-पक्के भोजन की अधिकता के कारण नदी क्षेत्र स्थित स्थानीय मोदाश्रम के पास दो गाय और दो सांड़ की मौत हो गई। वीरवार सुबह उन्हें विधिवत मिट्टी में दबा दिया गया। हरियाणा गौसेवा आयोग के एससीपीएफ के सदस्य प्रमोद बेवल ने बताया कि दोहान नदी क्षेत्र में मोदाश्रम के आसपास के क्षेत्र में घुमंतू गौवंश रहता है। कनागतों में लोगों द्वारा गायों को पूरी-मांडी, चावल आदि खाद्य पदार्थ खिलाया जाता है। सर्व पितृकार्य अमावस्या पर इसकी अधिकता हो जाती है। जिससे मूक जीवों की जान पर बन आती है।

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