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जींद में धरने पर बैठे लोगों को देर रात हटाया:पुलिस ने 20 मिनट का लिखित अल्टीमेटम देकर खाली करवाया मिनी सचिवालय तो गेट पर टेंट गाड़कर बैठ गए प्रदर्शकारी

जींद/रोहतक3 दिन पहले
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मिनी सचिवालय के बाहर टेंट लगाकर धरने पर बैठे लोग। - Dainik Bhaskar
मिनी सचिवालय के बाहर टेंट लगाकर धरने पर बैठे लोग।

जींद में एक युवक की मौत पर मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे विशेष समुदाय के लोगों को मंगलवार देर रात पुलिस ने हटा ‌दिया। पुलिस ने लोगों को 20 मिनट का लिखित अल्टीमेटम दिया और प्रदर्शनकारियों से मिनी सचिवालय खाली करा लिया। रात को तो प्रदर्शनकारी चले गए, लेकिन बुधवार सुबह लोगों ने सचिवालय के सामने सड़क पर टेंट गाड़ा और प्रदर्शन शुरू किया। लोगों ने युवक की मौत के चौथे दिन भी उसका शव सिविल अस्पताल के शवगृह से नहीं उठाया है। लोगों का कहना है कि पहले प्रशासन उनकी मांगों को पूरा करें, इसके बाद ही वे मृतक का अंतिम संस्कार करेंगे।

यह है प्रदर्शनकारियों की मांग
​​​प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि मृतक की एक बेटी है, जो सिर्फ एक साल की है। अब युवक के परिवार के सामने रोटी का संकट है। ऐसे में उसके परिवार को 20 लाख रुपए का मुआवजा और उसकी पत्नी को डीसी रेट पर नौकरी दी जाए। साथ ही आरोपी बाइक चालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

पुलिस के हटाने के बाद मिनी सचिवालय से बाहर जाते प्रदर्शनकारी।
पुलिस के हटाने के बाद मिनी सचिवालय से बाहर जाते प्रदर्शनकारी।

बाइक सवार ने मारी थी टक्कर
पुलिस के अनुसार, जींद शहरी एरिया में गोवंश को पकड़ने का ठेका समालखा के राजेश शर्मा ने लिया है। राजेश शर्मा के पास काम करने वाले राम कॉलोनी निवासी दीपक, राहुल, अमन, सुरेश व सुनील 11 सितंबर की रात को मिनी सचिवालय के सामने गोहाना रोड पर बैठे गोवंश को पकड़ रहे थे। उसी दौरान जींद की डिफेंस कॉलोनी में रहने वाला यश नामक युवक बाइक पर वहां से निकल रहा था। गोवंश को पकड़ते हुए ठेकेदार राजेश शर्मा का कर्मचारी सुनील उसकी मोटरसाइकिल की चपेट में आ गया।

बाइक की सीधी टक्कर लगने से सुनील की मौके पर ही मौत हो गई। यश को भी गंभीर चोटें आईं। एक्सीडेंट के बाद ठेकेदार राजेश शर्मा के अन्य कर्मचारियों ने दोनों को संभाला और अस्पताल पहुंचाया। हादसे का पता चलते ही यश के परिवार वाले भी अस्पताल पहुंच गए और ठेकेदार राजेश शर्मा के कर्मचारियों से हाथापाई शुरू कर दी। जब लोगों ने बताया कि यश की बाइक की टक्कर से एक कर्मचारी की मौत हो चुकी है तो यश का परिवार उसे घायल हालात में ही लेकर वहां से चला गया।

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