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दूरसंचार कंपनियों का टैक्स में फर्जीवाड़ा:4 साल से जमा नहीं करवाया रोहतक शहर में लगे टॉवरों का 16 करोड़ रुपए का प्रॉपर्टी टैक्स, अब जमीन मालिकों से वसूली करेगा नगर निगम

रोहतकएक महीने पहले
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हरियाणा में रोहतक जिले के शहरी क्षेत्रों में लगे दूरसंचार कंपनियों के टॉवरों का प्रॉपर्टी टैक्स भरने में बड़ा फर्जीवाड़ा हो रहा है। ज्यादातर संचार कंपनियां बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं करवा रही हैं। इन कंपनियों पर 4 साल से करीब 16 करोड़ रुपए तक का बकाया है। नगर निगम ने संचार कंपनियों की मनमानी पर नकेल कसने के लिए बड़ी योजना बनाई है।

योजना के अनुसार, जिन लोगों की जमीन और छतों पर टॉवर लगे हुए हैं, उनसे ही प्रॉपर्टी टैक्स वसूला जाएगा। नगर निगम क्षेत्र में करीब 200 से 250 टॉवर लगे हुए हैं। नियमानुसार, टॉवर संचालित करने वाली कंपनियों को प्रति साल 10 हजार रुपए प्रति छतरी टैक्स जमा कराना होता है। निगम की टैक्स ब्रांच के अधिकारियों का मानना है कि कंपनियों ने कई साल से रिन्युअल फीस भी जमा नहीं कराई है।

प्रॉपर्टी टैक्स भी जमा नहीं कराया जा रहा है। इसलिए यह तय किया गया है कि जिन छतों, प्लॉट, मकान, दुकान, प्रतिष्ठान आदि स्थानों पर टॉवर लगे हुए हैं, उन्हीं संपत्तियों के मालिकों से टैक्स वसूला जाएगा। जल्द ही ऐसे संपत्ति मालिकों का ब्यौरा तैयार करके नोटिस भेजे जाएंगे। यदि टैक्स जमा कराने में संपत्ति मालिक कोताही बरतेंगे तो संबंधित साइट को सील कर दिया जाएगा।

टॉवर संचालन का जिम्मा एक से दूसरी और दूसरी से तीसरी कंपनी को दे दिया

नगर निगम ने करीब 3 साल पहले भी सर्वे किया था। सर्वे के दौरान संचार कंपनियों ने सहयोग नहीं किया। ज्यादातर संचार कंपनियों के टॉवर पर एक के बजाय 5 से 12 तक छतरियां लगी हुई थीं। टॉवर संचालन का जिम्मा सबलेट यानी एक से दूसरी-तीसरी कंपनी को कर दिया गया है। इसका नुकसान यह हो रहा है कि नगर निगम कंपनी मालिकों को चिह्नित नहीं कर पाता।

नगर निगम रोहतक का फाइल फोटो।
नगर निगम रोहतक का फाइल फोटो।

वित्तीय वर्ष 2021-2022 में 50 करोड़ रुपए का टैक्स जुटाने का लक्ष्य

नगर निगम के अधिकारियों ने पिछले सप्ताह 500 बकाएदारों को 7 दिन के अंदर बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने के लिए नोटिस भेजे थे। वित्तीय वर्ष 2021-2022 में 50 करोड़ रुपए का टैक्स जुटाने का लक्ष्य है। नोटिस दिए जाने के दौरान तक करीब 9 करोड़ रुपए की बकाया रकम मिल चुकी थी। सरकारी विभागों पर करीब 31 करोड़ रुपए बकाया है। इनमें करीब 5 हजार केबल संचालक भी शामिल हैं।

30 सितंबर तक 35 फीसदी की राहत

मौजूदा वित्तीय वर्ष 2021-2022 का 30 सितंबर तक बकाया टैक्स जमा कराने पर 10 फीसदी की राहत मिलेगी। 31 मार्च 2022 तक का बकाया टैक्स जमा कराने पर 25 फीसदी राहत मिलेगी। 30 सितंबर तक टैक्स जमा कराने पर कुल 35 फीसदी की राहत मिलेगी।

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