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बबलू पहलवान परिवार हत्याकांड:पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रॉपर्टी एंगल की जांच पर मांगा एफिडेविट, पुलिस को दिया 7 दिसंबर तक का वक्त

रोहतक7 महीने पहले
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हरियाणा के रोहतक जिले की झज्जर चुंगी स्थित विजय नगर की बाग वाली गली में गत 27 अगस्त को हुए बबलू पहलवान परिवार हत्याकांड मामला अब पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार और पुलिस को नोटिस भेजकर पूछा है कि हत्याकांड की किस-किस एंगल से जांच की गई है। प्रॉपर्टी विवाद के एंगल से किस-किस से पूछताछ की गई है, कितने लोगों को जांच में शामिल किया गया है। इसके लिए हाईकोर्ट ने पुलिस को 7 दिसंबर तक शपथपत्र हाईकोर्ट में दाखिल करने का समय दिया है।

दरअसल, हत्याकांड के आरोपी परिवार के एकलौते बेटे अभिषेक उर्फ मोनू ने अपनी याचिका में दावा किया है कि उसकी मां और बहन के साथ मारे गए उसके पिता और नानी के पास बहुत संपत्ति थी। उनके पिता भी रियल एस्टेट के कारोबार में लगे हुए थे, लेकिन पुलिस ने उसके खिलाफ केवल दोषियों को बचाने के लिए प्राथमिकी दर्ज की। इस पर अदालत ने पुलिस से सवाल किया है कि क्या पीड़ित पिता की संपत्ति के लेन-देन के संबंध में सभी पहलुओं पर विचार किया था। इस मुद्दे पर विस्तृत हलफनामा दाखिल करना है।

आरोपी अभिषेक उर्फ ​​मोनू ने वकील पीएस अहलूवालिया और शिवांशु मलिक के माध्यम से जांच सीबीआई या किसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की देखरेख में गठित किसी अन्य एसआईटी को स्थानांतरित करने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था। वकील ने कहा कि जांच उचित और निष्पक्ष तरीके से नहीं की गई थी। याचिकाकर्ता 20 वर्ष की आयु का एक युवा लड़का है। उस पर आरोप है कि उसने एक ही समय में अपने पिता, मां, बहन और नानी की हत्या कर दी।

पुलिस ने उसके खिलाफ केवल इस आधार पर अपराधियों को बचाने के लिए प्राथमिकी दर्ज की कि वह अपने माता-पिता से निजी उद्देश्य के लिए 5 लाख रुपए की मांग कर रहा था। हालांकि अदालत द्वारा वकील से यह पूछे जाने पर कि क्या एसआईटी ने याचिकाकर्ता के पिता की संपत्ति के सौदे के संबंध में अन्य सभी पहलुओं से जांच की है तो जवाब मिला कि उन्हें विस्तृत विवरण दाखिल करने के लिए कुछ समय दिया जाए। अदालत ने इस मुद्दे पर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने के लिए दिसंबर के पहले सप्ताह तक का समय दिया।