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फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भेजा:जिला कोर्ट में चपरासी के जिन पदों पर भर्ती पूरी हो चुकी, शातिरों ने कहा- सिक्योरिटी राशि दो, डेढ़ घंटे में ड्यूटी चढ़ो

रोहतक18 दिन पहलेलेखक: राजेश कौशल
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विजय नगर निवासी हिमांशु को भेजा गया फर्जी नियुक्ति पत्र। - Dainik Bhaskar
विजय नगर निवासी हिमांशु को भेजा गया फर्जी नियुक्ति पत्र।
  • सरकारी नौकरी के आवेदकों का डेटा ठगों के हाथ में
  • अलर्ट करने वाली खबर- जनवरी में जिला अदालत के लिए निकली चपरासी पद की भर्ती के आवेदकों के साथ ठगी की कोशिश

जिला अदालत के लिए जनवरी में निकले चपरासी पदों पर नौकरी के लिए आवेदन करने वालों का डेटा लीक हो चुका है। ये दावा रोहतक में इस भर्ती के आवेदक साथ हुई घटना से पुख्ता हुआ है और सामने आया है कि डेटा जालसाजों के हाथ में है और वो आवेदकों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।

हालांकि रोहतक के विजय नगर निवासी हिमांशु सतर्कता से झांसे में आने से बच गए। शातिरों ने उन्हें भर्ती में चयनित होने और जिला अदालत में नियुक्ति का पत्र विधि एवं न्याय मंत्रालय के फर्जी लेटर हेड पर भेजा है। ट्रेनिंग के नाम पर सिक्योरिटी राशि के 13,200 रुपए ऑनलाइन खाते में मांगे। लेकिन हिमांशु ने ऐसा नहीं किया। अंदेशा है कि अन्य कई आवेदकों को भी ऐसे लेटर भेजे हैं।

बड़ा सवाल- आवेदकों का डेटा कैसे पहुंचा शातिरों के पास, शातिर चाल-उन्हीं युवाओं को बना रहे निशाना जो किसी प्रकार नौकरी में चूक गए

साक्षात्कार दिया नहीं, फिर चयन कैसे हुआ, इसलिए बच गया

शहर के विजय नगर निवासी हिमांशु के अनुसार उसने जनवरी 2021 में जिला अदालत में चपरासी के 13 पदों की नौकरी के लिए आवेदन किया था। उसे साक्षात्कार के लिए पानीपत सेंटर अलॉट हुआ। लेकिन किन्हीं कारणों से वो साक्षात्कार में शामिल नहीं हुआ।

अब 28 जनवरी को उसे रजिस्टर्ड डाक से एक पत्र मिला है। इसमें विधि एंव न्याय मंत्रालय के एक लेटर हैड पर चपरासी पद पर सीधे नियुक्त होने के बारे में कहा गया है। साथ ही नियुक्ति से पहले 15 दिन की ट्रेनिंग की कहते हुए 13,200 रुपए की सिक्योरिटी राशि मांगी गई।

साथ ही इसमें एक मोबाइल नंबर दिया गया है। जिस पर संपर्क कर ये राशि ऑनलाइन जमा कराने को लिखा है। हिमांशु को इस पत्र पर संदेह हुआ तो उसने जानकारों के साथ इस बारे में बात की। इससे पता चला कि उसे शातिरों ने फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भेजा है और उससे ठगी की कोशिश हुई है।

फर्जी लेटर की स्कैनिंग़

  • मंत्रालय: का फर्जी लैटर हैड इस्तेमाल किया। पता तक गलत।
  • रोल नंबर: अभ्यर्थी का रोल नंबर नहीं लिखा। नाम भी पैन से लिखा।
  • सीधी भर्ती: साक्षात्कार-टेस्ट के बगैर िकसी नौकरी की प्रक्रिया नहीं होती।
  • एक्ट: कानून विशेषज्ञ के अनुसार इसका संदर्भ ही यहां सही नहीं बैठता।
  • संपर्क: इस ढंग से कभी ज्वाइनिंग लेटर में मोबाइल नंबर दर्ज नहीं हेाता।

लेटर में दिए नंबर पर कॉल की तो शातिर बोला- फोन नहीं है तो जनसेवा केंद्र से ऑनलाइन दो पैसे

युवक- मेरे पास आपका लेटर आया है। उसका क्या करना है? ठग- लिस्ट में आपका नाम कंफर्म है। सिक्योरिटी फीस जमा करवा दीजिए। मैं आपकी फाइल अप्रूव के लिए ले रहा हूं। युवक-कहां जमा करानी है फीस? ठग- जो वेरीफिकेशन टीम आएगी। उसी के हेड के नाम जमा करवानी है। ऑनलाइन बैंक ऐप यूज करते हो। युवक-मेरे पास छोटा फोन है। ठग-आपके पास छोटा फोन है तो आपके आसपास जनसेवा केंद्र होगा। वहां से फीस जमा करवाइए। युवक-ज्वाइनिंग कब होगी? ठग- फीस जमा कराने के बाद आपके एड्रेस पर वेरीफिकेशन टीम आएगी। उसके डेढ़ घंटे के अंदर।

दिल्ली से जुड़े तार, रमेश नगर से डिस्पैच हुआ था ये लेटर

पड़ताल में ये सामने आया है कि हिमांशु को जो लेटर मिला है वो दिल्ली के रमेश नगर इलाके से डिस्पैच हुआ है। रोहतक मंडल के डाकघर अधीक्षक डीबी सैनी ने इसकी पुष्टि की है।

पुलिस को तुरंत बताएं, ठगों पर होगा एक्शन

डीएसपी हेडक्वार्टर गोरखपाल राणा का कहना है कि किसी शख्स को ऐसा कोई पत्र या कॉल आती है तो तुरंत पुलिस को बताएं। ठगों पर एक्शन होगा।

एक्सपर्ट व्यू

अमरनाथ नागर, डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी झज्जर।

लेटर में लिखे तथ्य पूरी तरह फर्जी, ये धोखाधड़ी

डी ग्रुप की नौकरी जिला जज के स्तर से ही की जाती है। उनके ही हस्ताक्षर से नियुक्ति पत्र चयनित अभ्यर्थी को जाता है। जबकि युवक को भेजे ज्वाइनिंग लेटर में मिनिस्ट्री ऑफ लॉ एंड जस्टिस का हवाला दिया गया है। इसमें रोल नंबर भी नहीं है। हर साल वेतन बढ़ोतरी 10 प्रतिशत नहीं हो सकती है।

पे स्केल पर 3 प्रतिशत इंक्रीमेंट होता है। वह भी इसको एडवांस में नहीं बताया जा सकता है। क्योंकि यह पॉलिसी मेटर होता है। जो चेंज होती रहती है। ये पत्र पूरी तरह से फर्जी है और धोखाधड़ी की कोशिश हुई है।

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