पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Haryana
  • Rohtak
  • In The Live Video That The Principal Told PM Modi Responsible For Suicide, She Withdrew From Social Media Account After 10 Hours

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

सोशल मीडिया से अहम सबूत हटने पर उठ रहे सवाल:प्रिंसिपल ने जिस लाइव वीडियो में बताया पीएम मोदी को सुसाइड का जिम्मेदार, वो 10 घंटे बाद सोशल मीडिया अकाउंट से हटी

रोहतक15 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
मृतक मुकेश डागर - Dainik Bhaskar
मृतक मुकेश डागर
  • भाई बोला- लॉक खुलवाकर पुलिस ले गई थी फोन
  • रैनकपुरा मोहल्ले में निजी स्कूल के प्रिंसिपल मुकेश डागर ने सल्फास निगलकर की आत्महत्या,

शहर के रैनकपुरा निवासी 40 वर्षीय स्कूल प्रिंसिपल मुकेश डागर के आत्महत्या करने के 10 घंटे बाद ही उसकी लाइव वीडियो की पोस्ट हटा दी गई है। इस दो मिनट 31 सेकेंड के वीडियो में मुकेश ने किसानों की पीड़ा से दुखी होने और अपनी मौत के लिए प्रधानमंत्री मोदी को जिम्मेदार ठहराया था।

इस वीडियो के हटाने को लेकर कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं। मृतक मुकेश डागर के छोटे भाई नरेंद्र ने सवाल उठाए हैं कि आखिर ऐसा क्यों किया गया है, मुझे नहीं पता, लेकिन भाई किसानों के दुख से ज्यादा ही दुखी थे। उनके ही बारे में चर्चा करते थे। चूंकि हमारी भी साढ़े तीन बीघा जमीन है और पिता ही खेती संभालते हैं। नरेंद्र के अनुसार दोपहर को पुलिस पहले आई तब वहां घटनास्थल को देखने के बाद वहां पर मुकेश का फोन कब्जे में ले लिया।

इसके बाद पीजीआई के पोस्टमार्टम हाउस पर पुलिस दोबारा आई और मुझसे ही फोन का लॉक भी खुलवाया। हालांकि मैंने कहा भी था कि वीडियो से छेड़छाड़ या डिलीट ना करना। उनके साथ साइबर टीम का भी एक व्यक्ति शामिल था, उसने कहा कि वीडियो तो डिलीट करेंगे ही। जैसे ही मैंने आपत्ति उठाई तो इस पर एसएचओ ने कहा था कि ऐसा कुछ नहीं है, लेकिन हमें बारीकी से जांच तो करनी ही पड़ेगी। सीधे तौर पर पुलिस ने बात पलट दी थी। हर कोई मामला दबाने में लगा है। सबूत मिटाना गलत है। मुझे उम्मीद है कि अंतिम बयान ही भाई को न्याय दिलाएगा।

मुकेश डागर की जुबानी : 2 मिनट 31 सेकंड के वीडियो में पीएम को बताया मौत का जिम्मेदार

राम-राम भाईयों, मैं मुकेश डागर, रैनकपुरा रोहतक से। मेरा मन बहुत ज्यादा विचलित है आज, किसानों के लिए। तीन महीने से ज्यादा टाइम हो गया मेरे को विचलित हुए। मैं हर पोस्ट आपकी शेयर करता हूं और अंदर से बहुत ज्यादा दुखी हूं। किसान भाईयों, 4 महीने से ऊपर हो गया आपको यहां पर बैठे हुए। और मोदी हमारे माननीय प्रधानमंत्री से कोई भी उम्मीद नहीं है। क्योंकि उन्हें अपने राज में अपनी वोट की राजनीति से फुर्सत ही नहीं मिलती। वो तो ये चाहते हें कि यहीं पर बैठे रहे किसान और ऐसे ही शहादतें देते रहे।

आज मैं अपनी शहादत देने जा रहा हूं। और मेरी मौत का कारण सिर्फ और सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी जी हैं....। और मैं उन भाईयों का भी शुक्रिया करता हूं, दिल से धन्यवाद करता हूं। जिन्होंने अपनी पोस्टें छोड़कर, अपनी नौकरी को लात मारकर किसानों का जो साथ दिया है, उसका दिल से धन्यवाद।

भाई-बहनों की शादी करवाई, खुद रहा अविवाहित

बालकनाथ कॉलाेनी स्थित एसडीएम स्कूल में प्रिंसिपल रहे मुकेश डागर के मन में परिवार को आगे बढ़ाने का ही सपना था। इस सपने को पूरा करने के लिए ही उसने सबसे बड़ा होने का फर्ज भी निभाया। बड़ी बहन की शादी करने के बाद बीएड कर खुद प्रिंसिपल लगा और घर को कमजोर आर्थिक हालात से निकालने के लिए बच्चों को कोचिंग भी देता था। खुद अविवाहित रहा और छोटे भाई की शादी भी करवाई।

कोराेना में लॉकडाउन के कारण तब से ही स्कूल बंद ही पड़ा था। फिर 128 दिन से चल रहे किसान आंदोलन ने भी उनकी पीड़ा बढ़ा दी थी। पिताजी भी किसान ही है और परिवार पैतृक तौर पर खेती ही करता आ रहा है।

दीपेंद्र, कुंडू और चौटाला को किसानों का साथ देने के लिए किया शुक्रिया

मुकेश डागर ने अपने वीडियो में किसान आंदोलन को लेकर कुछ नेताओं को लेकर उनका शुक्रिया करते हुए कुछ बातें कहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेता सांसद दीपेंद्र हुड्‌डा, विधायक बलराज कुंडू और इनेलो नेता अभय चौटाला के किसानों के समर्थन में उठाए कदमों के लिए उनका धन्यवाद किया। वहीं वीडियो में कहा कि जब पीएम मोदी ऊपर स्वर्ग में उनके पास आएंगे तो वहीं पर वो किसानों की शहादत पर उनसे सवाल करेंगे। डागर ने महिला किसानों को मोर्चों पर पूरी मजबूती से डटे रहने की बात कही।

अपनापन जरूरी - एक्सपर्ट व्यू

भावनात्मक सहयोग से टाली जा सकती है स्थिति

इस केस में किसान परिवार से होने के चलते और फिर निजी स्कूल का लॉकडाउन के कारण स्कूल बंद पड़ा होना दो बड़े कारण है, जो सुसाइड की ओर ले गए। फिर आर्थिक कारण भी इसमें बड़ा कारण बन जाता है, ऐसी स्थिति में उम्मीदों के खत्म होने जैसी भावनाएं व्यक्ति में आने लगती है।

महामारी के कारण भी काफी लोग बेरोजगार होने और उम्मीदों के टूटने के चलते इस तरह का कदम उठा रहे हैं। जोकि ठीक नहीं है। ऐसे समय में व्यक्ति को समय पर दोस्तों व परिजनों से भावनात्मक सहयोग मिल जाए तो इन हालातों को टाला जा सकता है। परिजनों को भी चाहिए कि आपस में मिलकर बातचीत करते रहे, दुखों को बांटना चाहिए।
- प्रो. सोनिया मलिक, विभागाध्यक्ष, मनोविज्ञान विभाग, एमडीयू।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आज आप किसी विशेष प्रयोजन को हासिल करने के लिए प्रयासरत रहेंगे। घर में किसी नवीन वस्तु की खरीदारी भी संभव है। किसी संबंधी की परेशानी में उसकी सहायता करना आपको खुशी प्रदान करेगा। नेगेटिव- नक...

    और पढ़ें