महम के विधायक बलराज कुंडू की पहल:किसान की विधवा दिव्यांग पत्नी से बंधवाई राखी, रक्षा का दिया वचन, फसल खराब होने के सदमे में हो गई थी किसान की मौत

रोहतकएक वर्ष पहले
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अपनी धर्मबहन सविता के साथ महम के विधायक बलराज कुंडू। - Dainik Bhaskar
अपनी धर्मबहन सविता के साथ महम के विधायक बलराज कुंडू।

हरियाणा में रोहतक जिले के महम सीट के विधायक बलराज कुंडू शनिवार को एक किसान की विधवा दिव्यांग पत्नी सविता से राखी बंधवाने के लिए जुलाना के देशखेड़ा गांव पहुंचे। सविता के पति कुलदीप की पिछले साल फसल नष्ट हो जाने के सदमे से मौत हो गई थी। उसके बाद बलराज कुंडू ने कुलदीप की दिव्यांग पत्नी सविता को धर्मबहन बना लिया।

शनिवार को सविता ने विधायक बलराज कुंडू की कलाई पर राखी बांधी तो कुंडू ने शगुन देते हुए उनका सुख-दुःख में साथ देने और रक्षा करने का वचन दिया। कुंडू ने सविता के 4 वर्षीय बेटे और डेढ़ साल की बिटिया के साथ समय बिताया। उन्होंने दिवंगत कुलदीप की बुजुर्ग मां से आशीर्वाद भी लिया।

गौरतलब है कि देशखेड़ा गांव के रहने वाले किसान कुलदीप की फसल बारिश और ओलावृष्टि के कारण बर्बाद हो गई थी। इस सदमे में उसकी जान चली गई थी। तब कुलदीप की दृष्टिहीन बुजुर्ग मां, दिव्यांग पत्नी सविता और दो बच्चों के सामने रोटी का संकट नजर आ रहा था। उस समय इस परिवार की जानकारी मिलने पर महम के विधायक बलराज कुंडू देशखेड़ा पहुंचे थे। उन्होंने किसान परिवार को एक लाख की आर्थिक मदद करते हुए कुलदीप की पत्नी सविता को धर्मबहन बना लिया और बच्चों का खर्च उठाने का वादा किया।

अजय मोर की पत्नी भावना से राखी बंधवाते बलराज कुंडू।
अजय मोर की पत्नी भावना से राखी बंधवाते बलराज कुंडू।

धर्मभाई का फर्ज निभाने बरोदा पहुंचे बलराज कुंडू

विधायक बलराज कुंडू रक्षाबंधन के मौके पर धर्मभाई का फर्ज निभाने के लिए किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले बरोदा गांव के युवा किसान अजय मोर के घर भी पहुंचे। यहां भी उन्होंने अजय की पत्नी भावना से राखी बंधवाकर शगुन और आशीर्वाद दिया। अपने धर्म भाई बलराज को अचानक से घर आया देख भावना भावुक हो उठी तो कुंडू ने सिर पुचकारते हुए कहा कि तेरा भाई सदा साथ खड़ा है। किसी भी बात की फिक्र मत करो।

मृतक अजय की मां कृष्णा और पिता ईश्वर सिंह ने देखते ही बलराज कुंडू को गले से लगा लिया और खूब आशीर्वाद दिया। कुंडू ने भावना की तीनों बेटियों पूर्वी, परी और वंशिका को गोद में खिलाया। उन्होंने तीनों बेटियों की पढ़ाई-लिखाई और स्कूल के बारे में बातचीत करते हुए कहा कि फीस और कॉपी-किताबों के खर्चे की फिक्र मत करना, वो मेरी जिम्मेदारी है।

बता दें कि किसान आंदोलन में शामिल अजय अपने परिवार का इकलौता सहारा था और दिसंबर की सर्दी में दिल्ली बॉर्डर पर उसका निधन हो गया था। तब विधायक बलराज कुंडू ने किसान का बेटा होने का फर्ज निभाते हुए अजय की पत्नी भावना को अपनी धर्म की बहन बनाया और परिवार को 2 लाख की आर्थिक सहायता भी दी। तीनों बेटियों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च वहन करने का वादा भी किया था।

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