मॉड्यूलर ओटी में आईं दरारें:57 करोड़ से बने मॉड्यूलर ओटी में 14 माह में आ गई दरारें, रिपेयर के लिए कंपनी को पत्र लिखा

रोहतक3 महीने पहले
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पीजीआई की न्यू माेड्यूलर ओटी में दीवार से गिरी हुई टाइलें। - Dainik Bhaskar
पीजीआई की न्यू माेड्यूलर ओटी में दीवार से गिरी हुई टाइलें।
  • पीजीआई में यूएचएस के तत्कालीन कुलपति के कार्यकाल में निजी कंपनी ने 5 मंजिला कॉम्प्लेक्स का किया था निर्माण

पीजीआई में 57 करोड़ की लागत से बने न्यू मॉड्यूलर ओटी कम आईसीयू कॉम्प्लेक्स में 14 माह में ही दरारें दिखने लगी हैं। इसे निजी कंपनी ने मई 2020 में बनाया था। अब 5 मंजिला कॉम्प्लेक्स में दीवारों से पत्थरों का उतरना, टाइलों का उखड़ना, ड्रेनेज सिस्टम बंद रहने सहित अन्य कई खामियां सामने आ रही हैं। वहीं संस्थान के अधिकारियों को कहना है कि कॉम्प्लेक्स में स्ट्रेचर लाने से टाइलें टूट रही हैं। कॉम्प्लेक्स को लेकर अक्टूबर 2021 तक निजी कंपनी की जिम्मेदारी है कि वो रिपेयर वर्क पूरा कराएंगे। इसके लिए कंपनी को पत्र भी लिखा है।

इससे पहले भी ऑपरेशन थिएटर में मरीजों की सर्जरी के दौरान एसी न चलने, ड्रेनेज सिस्टम ठीक न होने, लिक्विड बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए उचित व्यवस्था नहीं होने सहित अन्य कई समस्याओं को लेकर वरिष्ठ चिकित्सकों ने 10 जून को एक मीटिंग करके इन मुद्दों को यूएचएस के तत्कालीन कुलपति डॉ. ओपी कालरा के समक्ष रखा था। लेकिन आज तक समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है।

वरिष्ठ चिकित्सकों ने नोएडा की एचएलएल कंपनी की ओर से तैयार किए मॉड्यूलर कॉम्प्लेक्स में घटिया क्वालिटी का मेटेरियल यूज किए जाने के आरोप भी लगाए थे। हाल ही में पीजीआई के एक विभाग के हेड की ओर से मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को पत्र लिखकर कॉम्प्लेक्स के निर्माण में सरकारी राशि का दुरुपयोग किए जाने के आरोप लगाए हैं।

ट्रामा सेंटर से दोगुनी लागत से बना है कॉॅम्प्लेक्स
पीजीआई में संचालित ट्रामा सेंटर के निर्माण में आई लागत से दोगुनी लागत यानी 57 करोड़ रुपए की राशि से पांच मंजिला न्यू ओटी कम आईसीयू कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया गया है। इसमें 16 ऑपरेशन थिएटर, तीन लेटेस्ट इंटेंसिव केयर यूनिट आईसीयू हैं। इसी में आर्गन ट्रांसप्लांट के लिए मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर का भी संचालन किया जाना प्रस्तावित है। पूरी तरह आधुनिक मशीनों से युक्त ओटी में पहली ही मंजिल पर 33 बेड का मॉडर्न आईसीयू है। कॉम्प्लेक्स ऐसा सिस्टम है जिसमें कोई भी ऑपरेशन क्लास में बैठे छात्रों को लाइव दिखाया जाता है।

इन विभागों के डॉक्टर कर मरीजों की कर रहे सर्जरी
मॉड्यूलर ओटी कम आईसीयू कॉम्प्लेक्स में ऑर्थो, ईएनटी, सर्जरी, पीडियाट्रिक सर्जरी, डेंटल सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी की जा रही है। ओटी का अपना 10 हजार लीटर क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट है। ग्राउंड फ्लोर सीएसएसडी ग्राउंड फ्लोर पूरी तरह सेंट्रल स्टरलाइजेशन सर्विसेस डिपार्टमेंट (सीएसएसडी) है। इससे पूरी बिल्डिंग पूरी तरह इंफेक्शन फ्री होने का दावा किया है। सेकेंड फ्लोर पर एनेस्थीसिया विभाग है।

मई 2020 में टेकओवर किया था
न्यू मॉड्यूलर ओटी का निर्माण करने वाली नोएडा की निजी कपंनी प्रबंधन से पीजीआई प्रशासन ने 2020 के मई में टेकओवर किया था। पहले प्रशासन ने संस्थान के सर्जरी, एनेस्थीसिया व अन्य विभागाध्यक्षों से निरीक्षण कराकर रिपोर्ट तैयार कराई थी। टीम ने रिपोर्ट ओके दी थी। वर्ष 2021 के मई माह में कोविड की दूसरी लहर में इसकाे इस्तेमाल किया जाने लगा। अब 14 माह में ही दरारें साफ तौर पर दिखने लगी हैं।अक्टूबर तक कंपनी की

जिम्मेदारी, पत्र लिखा
पीजीआई के इस्टेट ऑफिसर दुष्यंत ने न्यू मॉड्यूलर ओटी कम आईसीयू कॉम्प्लेक्स में आ रही खामियों को लेकर बताया कि अक्टूबर माह तक निजी कंपनी की जिम्मेदारी है कि वो रिपेयर वर्क पूरा कराएंगे। इसके लिए कंपनी को पत्र भी लिखा जा चुका है।

ये मिली खामियां

  • 50% सेंट्रल एयर कंडीशनिंग सिस्टम में चालू हालत में नहीं।
  • 30% सीसीटीवी कैमरा सही ढंग से काम नहीं कर रहे।
  • 40% लिफ्ट तकनीकी खामियों की वजह से बंद हैं।
  • गर्म पानी के लिए वाटर सोलर सिस्टम चालू नहीं।
  • आग बुझाने का फव्वारे में लगे पानी का वॉल्व नहीं हटाए गए।
  • ड्रेनेज सिस्टम ब्लॉक रहने से ओटी फ्लोर पर आ रहा पानी।
  • बिल्डिंग की दीवारों पर दरारें आ चुकी हैं।
  • लिफ्ट के बगल के हिस्से में लगे ग्रेनाइट पत्थर उखड़ चुका है।
  • रैंप पर लगी टाइल्स उखड़कर अलग हो चुकी हैं।
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