सीबीएसई 10वीं रिजल्ट:तलवारबाजी में नेशनल मेडलिस्ट साकेत 99.8% अंक के साथ टॉपर... 98.62 फीसदी रहा जिले का ओवरऑल परिणाम

रोहतक4 महीने पहले
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  • 100 स्टूडेंट्स का रिजल्ट रुका
  • साकेत के हिंदी में 99, बाकी में 100/100 अंक

तलवारबाजी में नेशनल मेडलिस्ट रह चुके पठानिया पब्लिक स्कूल के छात्र साकेत मेहला 99.8 प्रतिशत अंकों के साथ सीबीएसई 10वीं कक्षा के परिणाम में जिला टॉपर बने हैं। 97 स्कूलों में 10वीं क्लास में पढ़ रहे 7193 बच्चों का रिजल्ट मंगलवार दोपहर जारी हुआ। जिले में टॉप थ्री पोजिशन में इस बार 8 स्टूडेंट्स ने जगह बनाई है। इसमें 6 लड़के हैं। जिले का ओवरऑल रिजल्ट 98.62 फीसदी रहा है। हालांकि 100 बच्चों का रिजल्ट विभिन्न कारणों से रोका गया है।

कोरोना की दूसरी लहर में बोर्ड परीक्षा न होने की वजह से सीबीएसई ने 20 अंक इंटरनल असेसमेंट, 10 अंक यूनिट टेस्ट/पीरियोटिक टेस्ट, 30 अंक मिडटर्म/हाफ ईयर टेस्ट, 40 अंक प्री बोर्ड एग्जामिनेशन के अंकों के आधार पर रिजल्ट जारी किया है। बोर्ड ने लगातार दूसरे साल टाॅपर्स की मेरिट लिस्ट जारी नहीं की है। जिले की टॉप थ्री पोजिशन में पठानिया स्कूल के छात्र लक्ष्य, सिमरनप्रीत कौर, धीरज और बहु अकबरपुर के एचडी स्कूल के निशांत सांगवान 99.6 फीसदी अंक पाकर दूसरे स्थान पर रहे हैं। वहीं तीसरे स्थान पर पठानिया स्कूल की नैयनिका कालरा, अंशुल सैनी और स्कॉलर रोजरी स्कूल के अभिनव गोयल ने 99.4 फीसदी अंक हासिल किए हैं।

टॉपर्स स्टूडेंट्स के 4 सब्जेक्ट में 100/100

  • टॉप थ्री में शामिल सात विद्यार्थियों में पांच छात्र व दो छात्राएं शामिल हैं। टाॅपर्स विद्यार्थियों ने गणित, कम्प्यूटर साइंस, अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान में 100 अंक पाए हैं।
  • स्कूलों की ओर से देर शाम तक जारी किए अपडेट के अनुसार, पास हुए विद्यार्थियों ने सभी विषयों में 90 से ज्यादा नंबर हासिल किया है।
  • अधिकांश स्कूलों ने 100% रिजल्ट का दावा किया है। सीबीएसई के सिटी कोआर्डिनेटर व प्रिंसिपल एचके सिंह ने बताया कि 60% बच्चों को 90% और शेष 40% को 91% से अधिक अंक मिले हैं।

टाॅपर के मन की बात... कोरोना के दौर में पेपर होंगे या नहीं इसकी चिंता नहीं की, रेगुलर स्टडी पर फोकस बनाए रखा

सा केत ने बताया कि कोरोनाकाल में उन्होंने कभी इस बात की चिंता नहीं की कि पेपर होंगे या नहीं, हमेशा रूटीन स्टडी पर फोकस रखा। साकेत की मां सुमन देवी सैनी सीनियर सेकंडरी स्कूल में टीचर हैं। स्टडी स्ट्रेटजी में सब्जेक्ट टाइम प्लानिंग में उन्होंने साकेत का साथ दिया। साकेत ने बताया कि रेगुलर स्टडी में उन्होंने पिछले दो-तीन साल के सभी पेपर सॉल्व किए। उनसे सीबीएसई के एग्जाम स्टाइल को समझा।

ऑनलाइन क्लास तक को कभी मिस नहीं किया। सोशल मीडिया का इस्तेमाल केवल टॉपिक क्लीयरेंस के लिए ही किया। अब 12वीं तक की पढ़ाई नॉन मेडिकल संकाय से करना चाहते हैं। इनका सपना मैकेनिकल इंजीनियर बनने का है। साकेत का कहना कि अगर एग्जाम होते तो उनके पूरे 100 फीसदी अंक भी सकते थे। क्योंकि उनकी तैयारी एग्जाम के लिए पूरी थी।

पिता ही मेरे गुरु, पढ़ाई के साथ सिखाए तलवारबाजी के गुर

साकेत के पिता सुरेंद्र मेहला एक्स आर्मी मैन हैं। दिसंबर 2017 में सेना को छोड़ने के बाद उन्होंने खेल विभाग में तलवारबाजी कोच के रूप में ज्वाइन किया। साकेत को भी उन्होंने तलवारबाजी की ट्रेनिंग दी है। बचपन से उनमें चैंपियन बनने के गुण उभारे हैं। 2019 में नासिक में आयोजित राष्ट्रीय तलवारबाजी स्पर्धा में साकेत ने ब्रांज मेडल जीता था।

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