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डीलर्स मांग रहे कमीशन में बढ़ोतरी:डेढ़ साल में घटी तेल की 30% खपत, दाम बढ़े, डीलर्स के कमीशन नहीं; पेट्राेलियम डीलर्स एसोसिएशन ने उठाया मुद्दा

राेहतकएक महीने पहलेलेखक: रत्न पंवार
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  • वर्ष 2017 से कोई बदलाव नहीं किया

कोरोना काल के डेढ़ साल में लॉकडाउन के चलते पेट्रोल-डीजल की 30 फीसदी तक खपत घट गई है। दाम लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन डीलर्स का मार्जिन नहीं बढ़ने से अब इनकी तंगहाली शुरू हो गई है। फिलहाल लोन लेकर बजट पूरा करना पड़ रहा है। ऐसे में पेट्रोल पंप डीलर्स ने मंत्रालय में मांग उठाई है कि उनके कमीशन को बढ़ाया जाए और पुराना एरियर भी दिया जाए। वर्ष 2017 के बाद से तेल विपणन कंपनियों की ओर से डीलर्स मार्जिन नहीं बढ़ाया गया है।

पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन का कहना है कि हमारे डीलर्स मार्जिन बढ़ाए जाने से किसी भी तरह से ग्राहकों पर असर नहीं पड़ेगा। रेट बढ़ रहे हैं तो मार्जिन बढ़ना भी स्वाभाविक है। अब मांग है कि जब तेल के दाम बढ़े और घटे तो उसी के आधार पर कमीशन तय होना चाहिए, लेकिन वर्ष 2017 से कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है। मंत्रालय, कंपनियों पर और कंपनियां मंत्रालय पर इस मामले को डालती आ रही है।

डीलर्स मार्जिन बढ़ाए जाने से किसी भी तरह से ग्राहकों पर असर नहीं पड़ेगा: एसो.

प्रदेश में तीन हजार पेट्रोल पंप
प्रदेश में करीब तीन हजार पेट्रोल पंप हैं। फिलहाल डीजल पर 2.40 रुपए प्रति लीटर और पेट्रोल पर 3.10 रुपए प्रति लीटर का कमीशन तय किया गया है। यह दाे श्रेणियों में बांटा गया है। वर्ष 2016 में तय किया था कि सभी तेल विपणन कंपनियां यानि ओएमसी हर छह महीने में पहली जनवरी और एक जुलाई को डीलर्स मार्जिन को संशोधित करेंगी।

इन चार बातों से जानें डीलर्स का गणित

  • पहले तेल का 1 टैंकर साढ़े 8 लाख रुपए में आ रहा था, लेकिन अब यह साढ़े 10 लाख रुपए में आ रहा है। ऐसे में 4 टैंकर मंगवाने वाले को आठ लाख रुपए का अतिरिक्त प्रबंध करना पड़ेगा। इसके लिए लोन लेना पड़ रहा है।
  • हवा में तेल उड़ने की निर्धारित सीमा 0.1 फीसदी डीजल और 0.4 फीसदी पेट्रोल है, जिसे कंपनी भी मानती है, लेकिन वातावरण के मुताबिक यह ज्यादा भी होता है। अभी 30 पैसे प्रति लीटर तक का लॉस माना जाता है।
  • सेल्समैन के वेतन के मापदंड निर्धारित कर दिए हैं। एक नोजल मशीन पर सेल्समैन रखना है। पीएफ सभी का दिया जाए। ईएसआई का बेनीफिट देना है। यह राज्य सरकार के न्यूनतम मानदेय की गाइडलाइन से अधिक है। जो कंपनी की गाइडलाइन नहीं मानते हैं उन पर जुर्माना लगता है।
  • ऑटोमेशन नोजल मशीन होने के चलते वह टैंक से तेल उठाती ही नहीं है। एक टैंक के अंडरग्राउंड टैंक में दो हजार लीटर तेल बचा ही रहता है, जोकि प्रयोग ही नहीं हाेता है। फिर दूसरा, टैंकर में डिजीटल लॉक लगाने के बाद भी चोरी नहीं रुक रही है।

2017 से डीलर्स मार्जिन नहीं बढ़ा
कोरोना काल के चलते डेढ़ साल से तेल की बिक्री भी 30 फीसदी तक गिर गई है। लाेन तक लेना पड़ रहा है। वर्ष 2017 के बाद से डीलर्स मार्जिन नहीं बढ़ा है। पिछले कमीशन के एरियर के साथ ही नए कमीशन को भी लागू किया जाए।
-महेंद्र वर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसो.।

सरकार अपनी तिजोरी भरना छोड़े
डीलर्स मार्जिन और अन्य मुद्दों को लेकर एक वेबिनार 22 जनवरी काे किया था। इसमें नीति निर्माण से संबंधित मुद्दे आज भी लंबित हैं। डीलर्स मार्जिन बढ़ने पर ग्राहक को असर नहीं पड़ेगा। - डॉ. अशोक कुमार रंगा, नॉर्थ इंडिया प्रेजिडेंट, डिक्की, पेट्रोलियम वर्टीकल

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