भास्कर खास / देशभर के 20 आईआईएम में से सिर्फ रोहतक आईआईएम ने शुरू किया पीजीपी बैच, आठ हजार में से 267 का किया चयन

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  • कोविड-19 के बीच आईआईएम रोहतक ने पहली बार वर्चुअल माेड में शुरू किया रेजिडेंशियल पीजीपी कोर्स

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 06:23 AM IST

रोहतक. (रत्न पंवार)  कोविड-19 के बिगड़ते हालातों के बीच पहली बार आईआईएम रोहतक ने संस्थान में ही करवाए जाने वाले रेजिडेंशियल पीजीपी कोर्स को वर्चुअल मोड में शुरू कर दिया है। अब कोरोना वायरस के देश में हालात सुधरने तक स्टूडेंट्स घर से ही पढ़ाई करेंगे। यानि अभी उन्हें संस्थान में आने की मनाही की गई है। पहली बार स्टूडेंट्स किसी क्लास वर्क प्रोग्राम के लिए कोर्स ज्वाइनिंग भी वर्चुअल मोड पर ही की गई है। चूंकि देश के 24 राज्यों से स्टूडेंट्स ने आईआईएम में दाखिला लिया है।

स्टूडेंट्स के स्वास्थ्य की सुरक्षा को देखते हुए ऐसा कदम उठाया गया है। आईआईएम का एकेडमिक कैलेंडर ना बिगड़े इसके लिए हर बार की तरह जून के अंतिम सप्ताह में बैच को शुरू कर दिया गया है। इसी के साथ पीजीपी बैच 2020-22 शुरू करने वाला आईआईएम रोहतक देश के 20 संस्थानों में पहला संस्थान बन गया है।

अभी तक किसी अन्य संस्थान की ओर से इस कोर्स को शुरू नहीं किया गया है। इसी के साथ संस्थान में रहकर पढ़ाई करवाए जाने वाले इस काेर्स में अभी ऑनलाइन वर्चुअल मोड में ही पढ़ाई करेंगे। हालात सुधारने पर ही उन्हें संस्थान में बुलाया जा सकेगा।

सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी
हालांकि इस पीजीपी बैच के लिए हर बार स्टूडेंट्स जब संस्थान में आ जाते थे, तभी अन्य प्रक्रिया को पूरा किया जाता था, लेकिन इस बार कोविड-19 की महामारी ने इस पूरी प्रक्रिया को ही बदल डाला। पहली बार पीजीपी बैच के लिए रिजल्ट जारी करना, एडमिशन रजिस्ट्रेशन, लोन दिलवाने की प्रक्रिया ऑनलाइन की गई। सभी दस्तावेज भी ऑनलाइन ही स्टूडेंट्स को मंगवाए गए।

वहीं इसके अलावा 267 में से 188 स्टूडेंट्स लड़कियां हैं। जोकि कुल बैच का 60 फीसदी है। इसे भी देशभर के आईआईएम से बेहतर माना गया है। छात्र-छात्राओं का अब तक पिछले दो साल में एक-एक का अनुपात दर्ज किया गया था। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में होने के चलते आईआईएम रोहतक की डिमांड कुछ ज्यादा ही है।

इसी के चलते कैट की परीक्षा पास करने वाले 2.44 लाख स्टूडेंट्स में से 1.6 लाख स्टूडेंट्स ने आईआईएम रोहतक में दाखिला लेने की इच्छा जताई थी। इनमें से सिर्फ 8000 आवेदक ही आईआईएम के क्राइटेरिया पर खरा उतरे। इसके बाद निजी साक्षात्कार और लिखित एनालिसिस टेस्ट करवाया गया। इसके बाद मात्र 267 स्टूडेंट्स ही कोर्स में दाखिला ले पाए हैं।

प्रो. धीरज शर्मा, डायरेक्टर, आईआईएम रोहतक ने कहा कि आईआईएम रोहतक में पहली बार पीजीपी बैच की ऑनलाइन मोड पर स्टडी करवाई जाएगी। इसके लिए कोविड-19 की वजह से बने माहौल को लेकर ऐसा फैसला लिया गया है। संस्थान की ओर से स्टूडेंट्स का नियमित एसेसमेंट किया जाएगा और उन्हें ऑनलाइन सेशन के जरिए ही जानकारी दी जा सकेगी। आईआईएम रोहतक में स्टूडेंट्स के रुझान का एक कारण लगातार तीसरे वर्ष 100 फीसदी प्लेसमेंट दिया जाना और इसके लिए औसत वेतन 18 फीसदी से अधिक होना है। 

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