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  • Out Of The 291 Agendas Decided In The Meeting Held Eight Months Ago, 115 Issues Of Corona And Lack Of Funds Have Not Swallowed, Nor Made Toilets, Nor Toilets

बैठक:आठ महीने पहले हुई मीटिंग में तय 291 एजेंडों में से 115 मुद्दों को कोरोना और फंड की कमी ने निगला, न प्याऊ बना, ना शौचालय

रोहतक8 महीने पहले
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  • कोरोना काल के चलते नगर निगम पार्षदों के साथ नहीं कर सका बैठक
  • अब 15 अक्टूबर की तय मीटिंग में हंगामे के आसार

आठ महीने पहले तय किए गए एजेंडों पर नगर निगम की ओर से अब तक काम नहीं हो पाया है। नगर निगम ने फरवरी में हुई बैठक में 291 एजेंडों को तय किया था, इनमें से 115 एजेंडे तो कोरोना महामारी और कुछ फंडस की कमी के चलते सिरे ही नहीं चढ़ पाए हैं। इसका खुलासा 18 फरवरी को हुई बैठक की तैयार की गई कार्रवाई रिपोर्ट से हुआ है।

नगर निगम ने 15 एजेंडों पर तो कोरोना महामारी के संकट का हवाला देकर उन्हें पूरा न कर पाने की बात कही है। वहीं 100 के करीब एजेंडों पर फंड की कमी का रोना रोया गया है, जबकि नगर निगम लगातार लोगों से प्रापर्टी टैक्स, डेवलपमेंट चार्ज के नाम पर तमाम तरह की राशि वसूल रहा है और कोरोना काल में भी इस फीस वसूली को बंद नहीं किया गया था।

ऐसे में अब 15 अक्टूबर को होने वाली बैठक काफी हंगामेदार होने वाली है। चूंकि जनहित के काम ना होने के चलते पार्षदों को आमजन का आक्रोश झेलना पड़ रहा है। असल में इसमें गली का निर्माण ना होना, फायर ब्रिगेड कार्यालय की मरम्मत ना होना और प्याऊ व शौचालय का निर्माण ना हो पाना जैसे भी मुद्दे अटके हुए हैं।

इन एजेंडों पर कोराेना की मार या अफसरशाही की चोट

  • महेंद्रा स्कूल के पास चौक का नाम भगवान परशुराम चौक रखने बारे
  • अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद युवा ट्रस्ट द्वारा भिवानी रोड, ड्रेन नंबर आठ से पहले स्थित चौराहे का नाम चंद्रशेखर आजाद रखने का प्रस्ताव
  • सुखपुरा स्थित सामुदायिक केंद्र का नाम महात्मा ज्योतिबा फूले रखने का प्रस्ताव
  • पब्लिक पार्क, गांधी नगर, रोहतक का नाम श्री अमृतानंद महाराज स्मृति पार्क के नाम पर रखने, तेज कालोनी के पार्क के नाम संत कबीर पार्क के नाम पर रखने {कोरोना महामारी के चलते लाॅकडाउन होने का हवाला देकर वार्ड नंबर तीन में पुराना बस स्टैंड के पास मेन गेट पर वाल्मीकि द्वार नामकरण
  • वार्ड नंबर 4 में माता दरवाजा से आगे भरत सिंह चौपाल के पास छोटा सा चौराहा चौक बनवाने और स्ट्रीट लाइट लगवाकर स्व. भरत सिंह चौक नामकरण का काम शुरू नहीं हो पाया।
  • एमडीयू में एक हॉल या हॉस्टल का नाम माता सावित्री बाई फूल के नाम पर रखने।
  • भिवानी रोड पर ड्रेन नंबर 8 से पहले चौक का नाम भगवान विश्वकर्मा ही रहने देने।
  • शुगर मिल के साथ जेल रोड की तरफ गोल चक्कर का नाम बाबा शिखरवाला रखा जाना था।

नाम बदलने पर भी कोरोना ही बहाना
हैरानी की बात तो तब हो गई, जब नगर निगम के अधिकारियों ने पार्कों, चौक-चौराहों के नामकरण जैसे बहुत ही मामूली एजेंडों को भी कोरोना महामारी का हवाला देकर टाल दिया गया है। जबकि इन छोटे एजेंडों को पूरा किया जा सकता था। अनलॉक की प्रक्रिया भी जून से शुरू हो चुकी है। इन 4 माह में भी कोई काम नहीं हुआ। इस पर बड़े सवाल उठ रहे हैं।

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