तीसरी लहर से बचाव की तैयारी:राजकीय स्कूलों के पहली से आठवीं के 50 हजार बच्चों के लिए पहुंचे ऑक्सीमीटर

रोहतक3 महीने पहले
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  • जिले के 211 प्राइमरी व 81 माध्यमिक स्कूलों में बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए स्कूलों में बंटेंगे ऑक्सीमीटर

हरियाणा स्कूल शिक्षा निदेशालय की तरफ से अगस्त में पहली से पांचवी कक्षा के राजकीय स्कूल खोलने को लेकर विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग की ओर से जिले के प्राइमरी व माध्यमिक स्कूलों में विद्यार्थियों को कोविड से सुरक्षित रखने के लिए 1645 ऑक्सीमीटर भेजे हैं। तीसरी लहर से बचाव के लिए विभाग द्वारा तैयारियां चल रही हैं, 28 जुलाई को जहां विभाग ने जिले को 43.21 लाख की कोविड ग्रांट जारी की थी।

वहीं अब ऑक्सीमीटर भेजे हैं। जिले के 211 प्राइमरी और 81 माध्यमिक स्कूलों में नए सत्र में पहली से आठवीं तक करीब 50 हजार बच्चे शामिल हुए हैं। शुक्रवार शाम को ऑक्सीमीटर जिला मौलिक शिक्षा कार्यालय पहुंचे। जल्द ही इन्हें स्कूलों में वितरित किया जाएगा। जिले के माध्यमिक व प्राथमिक स्कूलों में प्रत्येक एक सेक्शन को एक ऑक्सीमीटर दिया जाएगा। इन ऑक्सीमीटर से विद्यार्थियों नब्ज और खून में ऑक्सीजन लेवल का पता चल सकेगा। जिले के पांचों ब्लॉक में ऑक्सीमीटर वितरित किए जाएंगे।

क्या है ऑक्सीमीटर-

पल्स ऑक्सीमीटर डिजिटल डिस्पले वाली एक छोटी डिवाइस मशीन होती है। इसे पीपीओ यानी पोर्टेबल प्लस ऑक्सीमीटर भी कहा जाता है। पेपर या क्लॉथ क्लिप की तरह इसे पीछे से दबाकर अंगुली में फंसाया जाता है। इसे ऑन करने पर डिवाइस की मदद से जांचने वाले का नब्ज और खून में ऑक्सीजन लेवल कम-ज्यादा या सामान्य होने का पता चलता है, क्योंकि डिजिटल डिस्पले में इसकी रीडिंग दिख जाती है।

ये होगा फायदा: ऑक्सीमीटर प्लस रेट, ऑक्सीजन लेवल व तापमान चेक करता है। इससे विद्यार्थी की सेहत का मापन होने में फायदा मिलेगा। छात्र की तबीयत खराब होने पर पता लगते ही शीघ्र चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा सकेगी। रीडिंग की जांच से प्रतिदिन अभिभावकों को संतुष्टि रहेगी कि उनका बच्चा कोरोना से सुरक्षित है। स्कूलों में रोजाना सेनेटाइजर, मास्क, थर्मल स्कैनर के साथ ऑक्सीमीटर से भी जांचा जाएगा, इससे उनकी हेल्थ ही रोजाना अपडेट रहेगी।

कोरोना की तीसरी लहर के लिए तैयारियां चल रही हैं। एक से आठ तक के सभी स्कूलों में हर एक सेक्शन के लिए एक-एक ऑक्सीमीटर आए हैं। इससे बच्चों की ऑक्सीजन लेवल व प्लस रेट चेक कर सकें। इससे बच्चे की हेल्थ की रोजाना अपडेट रहेगी और कोई दिक्कत होने पर तुरंत इलाज कराया जा सकेगा।- सुनीता पंवार, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, रोहतक।

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