पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

स्वास्थ्य विभाग की तैयारी:कोरोना संक्रमितों का पता लगाने के लिए दूसरे चरण का सीरो सर्वे 19 से

रोहतक8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • शहर और देहात एरिया में स्वास्थ्य विभाग की टीमें करेंगी रेंडम एंटीबॉडी टेस्ट, टीम को दी ट्रेनिंग

जिले में कोरोना संक्रमितों का पता लगाने के लिए सरकार की ओर से जिले में दूसरे चरण का सीरो सर्वे 19 अक्टूबर से शुरू किया जाएगा। सर्वे शुरू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। मंगलवार को सिविल सर्जन कार्यालय में नोडल अधिकारी के निर्देशन में सर्वे के लिए गठित की टीम के सदस्यों को ट्रेनिंग दी गई।

किट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही
इस सर्वे में ग्रामीण और शहरी एरिया में लोगों के बीच टीम के सदस्य रेंडम एंटीबॉडी टेस्ट करेंगे। इसके लिए लोगों से सहमति पत्र भी भरवाया जाएगा। दो से तीन दिन तक चलने वाले सीरो सर्वे में औसतन 900 महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों और युवाओं को शामिल किया जाएगा। सर्वे के लिए स्वास्थ्य विभाग को एंटी बॉडी टेस्ट किट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है।

पहले चरण के सर्वे में जिले में 1.1 फीसदी लोगों में मिली थी एंटी बॉडी
अगस्त माह में हुए पहले चरण के सर्वे में स्वास्थ्य विभाग ने शहरी व ग्रामीण एरिया में 875 लोगों पर सीरो सर्वे कर एंटीबॉडी टेस्ट किए। सर्वे रिपोर्ट में 1.1 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी पाई गई थी। कम लोगों में एंटीबॉडी बनने का मतलब यह है कि अभी जिले की बड़ी आबादी में कोरोना नहीं हुआ है। सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला का दावा है कि छह माह में लगातार मिलने वाले कोरोना मरीजों की कांटेक्ट ट्रेसिंग कराई गई और संपर्क में आए लोगों के सैंपल टैस्ट कराकर पॉजिटिव मिलने वाले केसों के मरीजों को होम आइसाेलेट किया गया। यही वजह है कि अभी तक जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में ज्यादा इजाफा नहीं हुआ है।

ऐसे समझें सीरो सर्वे को
बता दें, सीरो सर्वे कोरोना वायरस के इंफेक्शन के ट्रेंड का पता लगाने में मदद करता है। सीरो सर्वे यह समझने में भी मदद करता है कि जिले की आबादी का कितना हिस्सा कोविड-19 के संक्रमण के दायरे में आया है। जिले में मिलने वाले सीरो सर्वे के नतीजे के हिसाब से स्वास्थ्य सुविधाओं में बदलाव किया जा सकता है। सीरो सर्वे के नतीजे के हिसाब से ही रोग के संक्रमण को रोकने और उसके नियंत्रण के लिए प्लानिंग करने में मदद मिलती है। सीरो सर्वे के जरिए कोरोना वायरस की चपेट में आए लोगों में एंटीबॉडी के बारे में भी पता लगाने में मददगार साबित होता है।

पूरी आबादी का कितना हिस्सा आया काेराेना की चपेट में पता लगेगा
सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने बताया कि दूसरे चरण के सीरो सर्वे के लिए आदेश मिले हैं। 19 अक्टूबर से सीरो सर्वे कराने की तैयारी शुरू कर दी है। सीरो सर्वे से यह पता लगाया जाता है कि एरिया में कोरोना वायरस का संक्रमण कितना फैला है और पूरी आबादी का कितना बड़ा हिस्सा कोरोना से संक्रमित है और कितने लोगों के अंदर इस वायरस से लड़ने के लिए इम्युनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता बन चुकी है और कितने शरीर में एंटीबॉडी पैदा हो चुकी है।

खबरें और भी हैं...