वैश्य संस्था विवाद / प्रधान बोले-अपडेट करेंगे वोटर लिस्ट महासचिव ने असंवैधानिक बताया

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  • प्रधान की बैठक में पहुंचे 9 सदस्य

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

रोहतक. वैश्य शिक्षण संस्था में चौधर के लिए खींचतान थमने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को प्रधान विकास गोयल की ओर से गवर्निंग बॉडी की बैठक बुलाई गई। इस बैठक में कुल 21 सदस्यों वाली गवर्निंग बॉडी में से 9 सदस्यों ने ही हिस्सा लिया। एक सदस्य का देहांत होने की वजह से कुल 20 सदस्य ही बचे हैं। वैश्य कालेज आॅफ इंजीनियरिंग के सभागार में सुबह 11 बजे हुई बैठक में प्रधान विकास गोयल ने बताया कि उनकी ओर से बैठक में कई फैसले लिए गए। संस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी बैठक की वीडियोग्राफी करवाई गई व कोविड-19 के नियमों की पालना की गई।

बैठक में सर्वसम्मति से पास किया गया कि जिन्होंने सोसायटी की आजीवन सदस्यता के लिए 31 मार्च तक आवेदन किया है, उन्हें रजिस्ट्रेशन संख्या अलाट किए जाने का निर्णय लिया गया। सोसायटी के 194 पुराने आजीवन सदस्यों ने अपने नाम, पहचान व पता पुष्टिकरण के लिए 31 मार्च तक आवेदन किया था क्योंकि उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। सभी 194 आजीवन सदस्यों का नाम सोसायटी रिकार्ड से मिलान करवाकर मतदाता सूची में शामिल कर लिया जाए। पहचान पत्र पर हस्ताक्षर करने व जारी करने के लिए सह-सचिव कैलाश जैन को अधिकृत किया गया।

सदस्यों को काॅलेजियम आवंटित करने के लिए संजय सिंगला उप-प्रधान के संयोजन में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया जिसमें सन्नी गोयल, मनीश जैन, विकास गोयल, अनिल बिंदल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया। यह भी पास किया कि जिन आजीवन सदस्यों का स्वर्गवास हो गया है उनका नाम मतदाता सूची से काट दिया जाए। निर्णय लिया गया कि सोसायटी का त्रैवार्षिक चुनाव निष्पक्ष व तय समय पर करवाया जाए।

चुनाव करवाने के लिए सरकार से निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति करने के लिए मांग की जाए। वहीं प्रधान विकास गोयल ने कहा कि उनकी बैठक में कोरम भी पूरा था, कोरम के लिए 40 फीसदी सदस्य चाहिए हाेते हैं, बैठक में 9 सदस्य पहुंचे। इसमें कमेटी की ओर से सदस्यता के लिए दिए गए चेक की जांच भी कमेटी कर रही है। जल्द ही इसका फैसला हो जाएगा।  शनिवार को हुई बैठक में संजय सिंघल, कैलाश जैन, पवन मित्तल, अनिल बिंदल, आनंद बासिया, मनीष जैन, सन्नी गोयल व विकास गोयल मौजूद रहे।

बैठक कर ही नहीं सकते, अब असंवैधानिक प्रक्रिया  महासचिव:

महासचिव डॉ. चंद्र गर्ग ने कहा कि चुनाव घोषित हो चुके हैं, ऐसे में अब किसी भी तरह से कोई गवर्निंग बॉडी की बैठक बुलाई ही नहीं जा सकती। इस बारे में जिला रजिस्ट्रार सोसायटी की ओर से पत्र भी भेजा गया है कि यह बैठक की अमान्य है। अब 26 को दोबारा जिला रजिस्ट्रार सोसायटी में बैठक बुलाई गई है। वहीं सदस्यता फार्म के मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट है कि 31 मार्च तक सारे काम हो जाने चाहिए थी। वह भी महासचिव ही तय करता है।

इसके अलावा 18 मई की बैठक को जो अमान्य कह रहे हैं, वे बताएं कि वे खुद बैठक में क्यों आए। जब आए तो अपनी सहमति से ही आए। इस बैठक की वीडियोग्राफी भी की गई थी। गवर्निंग बॉडी की बैठक बुलाने की पावर ही सचिव को हैं तो ये किस आधार पर बैठक बुला रहे हैं, समझ नहीं आता। रजिस्ट्रार की ओेर से भी 300 फार्म को अमान्य कह दिया है तो अब इसमें फार्म की छंटनी की बात कहां से आई।

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