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  • Pumpsets Purchased From The Irrigation Department Were Kept On Hold Despite Monsoon Alerts Up To Two And A Half Feet Of Water Filled In Sectors

साढ़े 3 घंटे में 66 एमएम बरसात:सिंचाई विभाग से खरीदे पंपसेट मानसून अलर्ट के बावजूद धरे रखे...सेक्टरों में भरा ढाई फीट तक पानी

राेहतक13 दिन पहले
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  • सेक्टरों का ड्रेनेज सिस्टम सुधारने का 62 लाख का बजट नहीं आया काम

शहर में बुधवार को साढ़े तीन घंटे में मॉनसून की करीब 66 एमएम बारिश दर्ज की गई। इससे गर्मी से तो राहत मिली लेकिन शहर के कई इलाकों के लिए ये आफत भी लेकर आई। सेक्टर-1, 2 और 2-3 पार्ट में करीब 370 घरों के सामने ढाई फीट तक जलभराव हो गया। 26 जून को मेयर मनमोहन गोयल ने जिस जल निकासी कार्य योजना का सेक्टर में शुभारंभ किया था उसका भी कोई फायदा नजर नहीं आया।

सेक्टरों की गलियों में जलभराव से लोगों का घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया। 62 लाख रुपए बजट वाली जिस कार्य योजना के तहत सिंचाई विभाग से पंपसेट खरीदे गए थे वो बुधवार रात को लोगों के विरोध के बाद ही निकाले गए। कायदे से ये पंपसेट कई दिन पहले ही सेक्टर से कई पॉइंट पर लग जाने चाहिए थे। लेकिन ये सेक्टर-3 के सीनियर सिटीजन क्लब परिसर में ही रखे रहे। दिनभर में हुए जलभराव को लेकर प्रशासन ने दावा किया कि देर शाम 2 पंपसेट निकासी के लिए लगा दिए गए हैं।

भास्कर पड़ताल- नगर निगम हाउस में जल निकासी की समस्या का मुद्दा उठने पर 8 अप्रैल को बनाया गया था प्रोजेक्ट, सेक्टर-2,3 में गड्‌ढे खोदकर मॉनसून की बारिश से पहले लगाए जाने थे पंपसेट

नगर निगम की बैठक में सेक्टरों में जलभराव का मुद्दा बार बार उठने के बाद 8 अप्रैल कीे बैठक में जल निकासी पर पार्षदों की सहमति बनी थी। इंजीनियरिंग ब्रांच ने साढ़े 62 लाख रुपए का प्रोजेक्ट बनाया था। इसके तहत जलभराव वाले एरिया में 15 फीट गहरे 3 गड्‌ढे बनाकर जरूरत के हिसाब से पाइप लाइन बिछाकर वहां पंप लगाने थे।

तीन सैंपवेल बनाकर पानी निकासी के लिए 6 पंपसेट लगने थे। सेक्टर-3 में सीनियर सिटीजन क्लब के पास, सेक्टर-2 की तरफ रास्ते के नजदीक ग्रीन बेल्ट और जाट भवन के नजदीक 15 फीट गड्ढे खोदकर व पाइप बिछाकर यहां निकासी के लिए पंपसेट लगाने थे।

मेयर बोले-ऐसे को जिम्मेदारी दी जिसे मेन होल का पता नहीं
मेयर मनमोहन गोयल ने कहा कि जिस इंजीनियर की ड्यूटी पहले लगाई थी, उसकी जगह दूसरे एमई को सेक्टरों के लिए निगम ने लगा दिया जिसे मेनहोल का भी पता नहीं है।

कमिश्नर ने कहा-प्रबंध किए थे, चूक कहां रही, जांच करेंगे
नगर निगम कमिश्नर प्रदीप गोदारा ने कहा कि सेक्टर में बरसाती पानी की निकासी के प्रबंध करने के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी पहले ही लगा दी गई थी। चूक कहां रही जांच की जाएगी।

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