मजदूर दिवस कार्यक्रम रद्द:रोडवेज कर्मचारियों ने कोरोना बीमा पॉलिसी में शामिल करने की मांग की

रोहतक6 महीने पहले
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  • कोरोना हालात बिगड़ने पर 1 मई को होने वाला मजदूर दिवस कार्यक्रम रद्द

कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर रोडवेज कर्मचारी यूनियन हरियाणा संबंधित हरियाणा कर्मचारी महासंघ ने प्रदेश सरकार से चिकित्सक एवं पुलिस कर्मचारियों की भांति रोडवेज कर्मचारियों को भी कोरोना बीमा पाॅलिसी में शामिल करने की मांग की है। साथ ही महासंघ की ओर से एक मई को हिसार में मनाया जाने वाला मजदूर दिवस कार्यक्रम को भी रद्द कर दिया गया है।

यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश ग्रेवाल व महासचिव पहल सिंह तंवर ने बताया कि वर्तमान समय में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है, साथ ही प्रशासन की ओर से सभी जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है, ऐसे में कर्मचारियों की जान जोखिम में डालने का कोई औचित्य नहीं है।

बीते वर्ष भी कोरोना संक्रमण के कारण रोडवेज के तीन कर्मचारियों की जान चली गई थी और अब भी रोडवेज के कर्मचारी कोरोना संक्रमित है। कर्मचारी नेताओं ने प्रदेश सरकार से रोडवेज कर्मचारियों को भी चिकित्सक एवं पुलिस कर्मचारियों की भांति बीमा पॉलिसी में शामिल किया करने की मांग की, क्योंकि क्योंकि रोडवेज कर्मचारियों की ड्यूटी भी आवश्यक सेवा नियम में शामिल है और रोडवेज का कर्मचारी लगातार प्रवासी मजदूरों को छोड़ने एवं प्रदेश भर में डाक्टरों के साथ कोरोना संक्रमित की सेवा में लगा हुआ है।

डिपो महाप्रबंधकों ने अभी तक लागू नहीं किया रोस्टर सिस्टम

यूनियन के नेताओं ने शीर्ष अधिकारियों पर भी लापरवाही का आरोप लगाते कहा कि आपदा विभाग की ओर से कई दिनों पहले परिवहन के संचालन संबंधित मापदंड जारी दिए थे, लेकिन महानिदेशक कार्यालय की ओर से अभी तक इससे संबंधित कोई आदेश जारी नहीं किए गए हैं और जो आदेश जारी किए गए हैं उन्हें डिपो महाप्रबंधकों द्वारा धरातल पर लागू नहीं किया गया है।

सरकार द्वारा जारी हिदायतों की पालना रोडवेज विभाग में नहीं की जा रही है और रोडवेज की बसें खचाखच भर कर चल रही है। साथ ही सभी दफ्तर, कर्मशाला के कर्मचारी एवं चालक परिचालकों को पूरी क्षमता के साथ बुलाया जा रहा है और अभी तक रोस्टर सिस्टम भी लागू नहीं किया है।

दाे बार वार्ता काे रद्द किया, आंदाेलन की चेतावनी: कर्मचारी नेताओं ने बताया कि परिवहन मंत्री के साथ वार्ता के लिए दो बार पत्र जारी किया जा चुका है, लेकिन दोनों ही बार वार्ता को रद्द कर दिया गया है, जिसको लेकर रोडवेज कर्मचारियों में सरकार के प्रति रोष है। उन्होंने कहा कि अगर परिवहन मंत्री ने जल्द एक वर्चुअल बैठक बुलाकर कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया तो रोडवेज कर्मचारी सरकार के खिलाफ आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।

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