रोहतक में घर के बेटे ने ही की 4 हत्याएं:5 लाख रुपये न देने पर मां-बाप, बहन और नानी को मारीं गोलियां; कत्ल के बाद दोस्तों के साथ पार्टी करने गया होटल, प्रॉपर्टी बहन के नाम होने से भी था नाराज

रोहतक5 महीने पहले

हरियाणा के रोहतक में हुईं 4 हत्याओं की गुत्थी सुलझ गई है। बेटी के नाम परिवार की सारी प्रॉपर्टी करने, घरवालों से मांगे पांच लाख न देने और आपसी कहासुनी के कारण बेटे ने ही अपने मां-बाप, बहन और नानी पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर मार दिया था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी अभिषेक उर्फ मोनू (20) गिरफ्तार कर लिया है।पुलिस पूछताछ में आरोपी अभिषेक मोनू ने बताया कि वारदात के बाद वह दोस्तों के साथ पार्टी करने एक होटल में गया था। दोस्तों ने खाने पीने का बहुत कुछ आर्डर किया, लेकिन उससे एक निवाला भी नहीं निगला गया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर 5 दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से वारदात में प्रयुक्त हथियार सहित पूरे मामले में जुड़ी कड़ियों को जानने का प्रयास करेगी।

बहन को पता था मोनू के गलत आचरण का
रोहतक शहर की झज्जर चुंगी स्थित विजय नगर में 27 AUGUST को बबलू पहलवान, उसकी पत्नी बबली, सास रोशनी और बेटी तमन्ना की घर में ही गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के पीछे परिवार में तनाव, अभिषेक उर्फ मोनू के पर्सनल ईश्यू, रुपयों और प्रॉपर्टी विवाद रहा है। मोनू के मुताबिक उसकी बहन को उसके गलत आचरण का पता था। मोनू इस बात से भी नाराज था कि उसके पिता ने सारी प्रॉपर्टी उसकी बहन के नाम कर दी थी। पुलिस का दावा है कि अभी सिर्फ अभिषेक को गिरफ्तार किया है। उसने किस प्रकार वारदात को अंजाम दिया जल्द ही इस बारे में खुलासा किया जाएगा। पुलिस मामले की बाकी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। फिलहाल पुलिस रिकॉर्ड में मोनू का कोई CRIMINAL रिकॉर्ड नहीं मिला है।

5 लाख रुपए ना देना भी बना वारदात का बड़ा कारण
अभिषेक ने खुलासा किया कि वह पिछले कई दिन से पिता सहित परिवार से 5 लाख रुपए मांग रहा था। बड़ी रकम की जरूरत के बारे में जब परिजनों ने कारण जानना चाहा तो उसने फीस भरने और दोस्तों को देने की बात कही। अभिषेक तरह-तरह के बहाने करके बार-बार घर पर रुपए मांग रहा था। इसके बाद परिजनों ने अपने स्तर पर जानने की कोशिश की कि आखिर बेटे मोनू को इतने रुपयों की जरूरत क्यों है तो यह बात सामने आई कि वह इन रुपयों का गलत इस्तेमाल करेगा। पिता ने डांट लगाई और बहन व मां ने भी कड़े शब्दों में नसीहतें दीं। नानी भी उसे लगातार समझाने का प्रयास कर रही थी। 27 अगस्त को हत्याकांड के पीछे एक यह भी बड़ा कारण था। अपने पिता बबलू को उसने तीन गोलियां मारीं। पहली गोली लगने के बाद बबलू के शरीर में कुछ हलचल की थी तो उसने दो और फायर किए।

वारदात की कहानी, आरोपी अभिषेक की जुबानी
अभिषेक के मुताबिक कई दिन से उसका मम्मी-पापा और बहन के साथ झगड़ा चल रहा था। सभी से मनमुटाव हो गया था। बहन की बहुत ज्यादा दखलअंदाजी से वह परेशान था और उससे बहुत ज्यादा खफा था। बहन के सपोर्ट में मम्मी-पापा अक्सर उससे झगड़ते थे। मोनू के मुताबिक उसका खर्चा भी बंद कर दिया था, गाड़ी भी ले ली थी और उसकी बहन को काफी छूट दे रखी थी। इस बारे में उसने अपने दोस्तों से बताया था। फैमिली वालों ने घर में भी दोस्तों का आना भी बंद कर दिया था। इससे उसके मन में और ज्यादा खुन्नस हो गई थी। हत्याओं की वह पिछले काफी समय से तैयारी कर रहा था। वारदात से दो-तीन दिन पहले से घर में ज्यादा झगड़ा चल रहा था, नानी रोशनी झगड़े के कारण घर पर सुलह करवाने आई थी। 27 अगस्त की सुबह 11 से 11:30 के बीच में घर पर गया और एकाएक पापा को तीन गोलियां, नानी-मां और बहन को एक-एक गोली मारी और सभी को कमरे में बंद कर चाबियां साथ लेकर बाहर आ गया। बाहर कुछ दूर उसके दोस्त इंतजार कर रहे थे। उनके साथ में इन हत्याओं की पार्टी करने के लिए होटल में गया। जहां बहुत कुछ खाने पीने का आर्डर किया। दोस्तों ने वह सब खाना खाया, उससे एक निवाला भी नहीं निगला गया। वारदात के करीब दो-ढाई घंटे बाद वह एक नया प्लान बना कर घर पर लौटा और प्लान के मुताबिक उसने घर के दरवाजे बंद होने, लगातार सभी को फोन करने और ना जवाब मिलने की कहानी मामा को बताई और फिर गेट तोड़कर अंदर घुसा था।

उत्तराखंड के दोस्त समेत 2 की संलिप्तता बताई
पुलिस पूछताछ में अभी तक अभिषेक ने यह बताया कि उसने चारों की हत्या अकेले ही की है। मगर हत्या की साजिश में उत्तराखंड का रहने वाला उसका एक दोस्त समेत दो और शामिल हैं।

...तो क्या इसलिए ही चिता को मोनू ने नहीं दी थी मुख्याग्नि
अभिषेक उर्फ मोनू ने अंतिम संस्कार के समय मां-बाप और बहन की चिता को मुखाग्नि नहीं दी थी। इस बात की चर्चा है कि उसके साथ के लोगों को इस बात की भनक थी कि इस नृशंस वारदात के पीछे वही है। वारदात को अंजाम देने के बाद भी मोनू अपने दोस्त के साथ होटल में बिल्कुल नॉर्मल सिचुएशन में गया था। घर पर परिजनों के शव देखकर वह खूब कर रोया भी था। पुलिस का दावा है कि उसने यह सब इसलिए किया ताकि किसी को उस पर कोई शक ना हो।
आज तीनों की तेहरवीं, बंधनी थी जिम्मेदारी की पगड़ी और लगी हथकड़ी
आज बबलू, बबली और तमन्ना की तेहरवीं हैं। हिन्दू शास्त्रों के हिसाब से परिवार के इकलौते चिराग के सिर पर जिम्मेदारी की पगड़ी बंधनी थी, मगर उसके कर्मों की वजह उसके हाथ में हथकड़ी लग गई।

पुलिस गिरफ्त में आरोपी बेटा अभिषेक उर्फ मोनू।
पुलिस गिरफ्त में आरोपी बेटा अभिषेक उर्फ मोनू।

कॉल डिटेल्स और CCTV फुटेज के बाद किया राउंडअप
रोहतक के SP राहुल शर्मा ने बताया कि पहले दिन से ही मामले में संदिग्धों से पूछताछ की जा रही थी। बेटे से पहले दिन ज्यादा पूछताछ नहीं हुई थी। फिर भी उसके बयानों के कारण पहले दिन से ही उस पर शक था। मृतक बबलू पहलवान के रिश्तेदारों, दोस्तों और आस-पड़ोस के लोगों से भी पूछताछ कर जानकारी जुटाई। मंगलवार सुबह इलाके की CCTV फुटेज, होटल की CCTV फुटेज, कॉल डिटेल्स, टेक्निकल डिटेल्स पुलिस के हाथ लगीं तो दोपहर बाद बबलू के एकलौते बेटे अभिषेक उर्फ मोनू को राउंडअप किया।
पहले नहीं हो पाई आरोपी मोनू से खुलकर पूछताछ
SP के मुताबिक मोनू से पूछताछ के दौरान हर बार उसका कोई ना कोई परिचित साथ होता था। इस वजह से उससे बहुत ज्यादा पूछताछ नहीं हो पा रही थी। मंगलवार को उससे अकेले में पूछताछ की तो उसने एक के बाद एक सभी की हत्या करने की बात कुबूली। इसके बाद सुबूत जुटाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को बुधवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेकर पूरे मामले की गुत्थी सुलझाएंगे। रिमांड पर लेने के बाद आरोपी से हथियार बरामद किया। सीन ऑफ क्राइम रिक्रिएट किया जाएगा। मर्डर का कारण था, उसे जानने की कोशिश पुलिस करेगी।

होटल में रिसेप्शन पर अपने दोस्त के साथ अभिषेक उर्फ मोनू।
होटल में रिसेप्शन पर अपने दोस्त के साथ अभिषेक उर्फ मोनू।

हत्याओं के बाद अपने दोस्त के साथ होटल गया था मोनू
वारदात से एक रात पहले भी आरोपी अपने दोस्त के साथ दिल्ली बाईपास स्थित होटल में ठहरा था। सभी की हत्या करने के बाद भी वह दोस्त के साथ होटल में गया था। पुलिस मामले में दोस्त की भूमिका की जांच के लिए पूछताछ कर रही है। होटल से आने और जाने की फुटेज में मोनू के चेहरे पर किसी भी प्रकार की कोई शिकन नजर नहीं आ रही है।
अभिषेक उर्फ मोनू ने पुलिस को सुनाई थी यह कहानी
जाट कॉलेज में BA फर्स्ट ईयर का छात्र मोनू ने पुलिस को बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ होटल में खाना खाने गया था। दोपहर 2 बजे के बाद घर वापस लौटा तो घर का मेन गेट बिना कुंडी लगाए बंद था। नीचे के कमरे में गया तो दरवाजा बंद था। ऊपर कमरे में तो वहां का दरवाजा भी बंद मिला। उसने दोनों दरवाजे खूब जोर-जोर से खटखटाए। मम्मी-पापा सहित घर के अन्य नंबरों पर फोन भी मिलाया, मगर कोई जवाब नहीं मिला। उसे डर लगा तो उसने सांपला निवासी अपने मामा को फोन मिलाया और पूरी बात बताई। मामा ने दरवाजा तोड़ने की सलाह दी। उसने किसी तरह दरवाजे के लॉक को तोड़ा तो अंदर खून से लथपथ परिजनों को देख उसके पैरों तले की जमीन खिसक गई। उसकी बहन जोर-जोर से सांस ले रही थी, जिसे वह तुरंत पीजीआई लेकर गया। फिर मामा को फोन करके सारी बात बताई और इसके बाद वह बेहोश हो गया।

मृतक बबलू, पत्नी बबली और सास रोशनी के शव।
मृतक बबलू, पत्नी बबली और सास रोशनी के शव।

घर में घुसकर मारी गई थीं गोलियां
27 अगस्त की दोपहर को विजय नगर की बाग वाली गली में प्रॉपर्टी डीलर और पहलवान प्रदीप उर्फ बबलू, उसकी पत्नी बबली, सास रोशनी और बेटी तमन्ना को घर में घुसकर गोली मारी गई थी। बबलू, बबली और रोशनी की मौत मौके पर हो गई थी, तमन्ना ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ा।
चारों को सिर में मारी गई थी गोलियां, मिले थे 5 खाली खोल
पुलिस व FSL की संयुक्त जांच के दौरान टीम को ऊपर वाले कमरे से दो खाली खोल मिले व नीचे के कमरे से तीन खाली खोल बरामद हुए हैं। नीचे वाले कमरे में बबलू बेड पर लेटा हुआ था और वह मोबाइल फोन पर किसी से बात कर रहा था। जब उसे गोली मारी गई तो उसका फोन उसके कान और कंधे के बीच में लगा रह गया। दोनों कमरों में वारदात को अंजाम देकर बदमाश कमरों को लॉक करके चाबी अपने साथ ही ले गए थे। पुलिस ने वह चाबी भी बबलू के करीबी से बरामद कर ली है।
बबलू के साले प्रवीन ने दी थी पुलिस को शिकायत
पुलिस को बबलू के साले प्रवीन, निवासी सांपला ने मामले की लिखित शिकायत दी थी। प्रवीन ने पुलिस को मौखिक तौर पर यह भी बताया था कि जब उसे वारदात की सूचना मिली तो वह तुरंत ही घर से रोहतक के लिए निकल पड़ा। रास्ते में एक संदिग्ध वरना गाड़ी सवारों ने उसका काफी दूर तक पीछा किया। उसकी गाड़ी पर गोलियां भी चलाई गईं, लेकिन वह बहुत तेजी से गाड़ी चलाता हुआ रोहतक घटनास्थल पहुंचा।

गोली लगने से घायल तमन्ना का दम तोड़ने से पहले का फोटो।
गोली लगने से घायल तमन्ना का दम तोड़ने से पहले का फोटो।

वारदात ने ताजा किया 20 साल पुराना हिसार का रेलूराम पुनिया हत्याकांड
रोहतक में प्रॉपर्टी के लिए हुए हत्याकांड ने 20 साल पहले हिसार के उकलाना एरिया में हुए विधायक रेलूराम पुनिया हत्याकांड को ताजा कर दिया है। प्रॉपर्टी के लिए रिश्तों से नाराजगी के कारण निर्दलीय विधायक रेलूराम पुनिया समेत उनके परिवार के 8 लोगों की हत्या उन्हीं की बेटी सोनिया व दामाद संजीव ने की थी। 23 अगस्त 2001 को सोनिया व संजीव ने उकलाना के लितानी गांव में विधायक रेलूराम पुनिया (50), उनकी दूसरी पत्नी कृष्णा (41), बेटी प्रियंका (16), बेटा सुनील (23), बहू शकुंतला (20), पोते लोकेश (4), पोतियां शिवानी (2) और प्रीती (3 महीने) की फार्म हाउस में लोहे की रॉड से हमला करके हत्या कर दी थी। हत्याकांड के बाद सोनिया ने भी जहर पीकर जान देने को कोशिश की थी, लेकिन वह बच गई। इस पूरे हत्याकांड और उसके खुलासे ने पूरे प्रदेश को हैरान कर दिया था। सोनिया और संजीव को इस हत्याकांड के लिए दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई गई है। राष्ट्रपति द्वारा दोनों दोषियों की दया याचिका खारिज की जा चुकी है, लेकिन फांसी न दिए जाने को ज्यादा समय बीत जाने के कारण मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है।

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