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रोहतक का पहलवान परिवार हत्याकांड:मनोचिकित्सकों ने कहा- मोनू ने पूरे होशोहवास में किया मां-बाप-बहन और नानी का मर्डर; 5 दिन का रिमांड पूरा होने पर कोर्ट ने भेजा न्यायिक हिरासत में

रोहतक15 दिन पहले
हत्यारोपी अभिषेक उर्फ मोनू को कोर्ट में पेश करती पुलिस।

रोहतक के बहुचर्चित बबलू पहलवान और उनके परिवार के 3 सदस्यों की हत्या के मुख्य आरोपी बबलू पहलवान के इकलौते बेटे अभिषेक मलिक उर्फ मोनू को कोर्ट ने सोमवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। 5 दिन का रिमांड खत्म होने पर मोनू को सोमवार दोपहर 1:46 बजे रोहतक कोर्ट में पेश किया गया। मोनू की पेशी कोर्ट कॉम्पलेक्स की तीसरी मंजिल पर जेएमआईसी सुयशा जावा की अदालत में हुई। इस दौरान मोनू को देखने के लिए कोर्ट परिसर में वकीलों और आम लोगों की भीड़ जुट गई। अदालत में मोनू की ओर से उसकी पैरवी वकील मोहित वर्मा ने की। उधर हत्याकांड के बाद पुलिस ने मोनू की मनोचिकित्सकों से जो जांच करवाई थी, उसकी प्राइमरी रिपोर्ट आ गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, मोनू ने अपने पिता बबलू पहलवान, मां बबली, बहन तमन्ना और नानी रोशनी देवी की हत्या पूरे होशोहवास में रहते हुए की थी।

कोर्ट के बाहर बैठकर रोता रहा मोनू
शिवाजी कॉलोनी पुलिस थाने की एक टीम आरोपी मोनू को लेकर दो बजे कोर्ट पहुंची। वहां उन्हें बाहर बैंच पर इंतजार करने को कहा गया। बैंच पर बैठकर मोनू रोता रहा और खुद ही आंसू पोंछता रहा। इस दौरान उसे संवेदनाएं देने वाला कोई नहीं था। उसी समय एडवोकेट कर्ण सिंह नारंग वहां से गुजरे जो बबलू पहलवान के परिचित थे और इसी नाते मोनू भी उन्हें जानता था। मोनू ने एडवोकेट नारंग को आवाज लगाकर रोका और अदालत में अपने केस की पैरवी करने की गुजारिश की। इसके बाद एडवोकेट कर्ण सिंह नारंग और एडवोकेट मोहित वर्मा ने वकालतनामा भरा। लगभग 2 बजे मोनू को कोर्ट के अंदर ले जाया गया।

20 सितंबर को फिर कोर्ट में होगी पेशी
अदालत के अंदर पुलिस ने जज के सामने वारदात का ब्यौरा रखा। पुलिस टीम ने आरोपी से पूछताछ पूरी होने और वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल व दूसरी चीजों की बरामदगी की जानकारी भी अदालत को दी। सभी पहलुओं को सुनने और पुलिस टीम के रिमांड की मांग नहीं करने पर जज ने मोनू को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। मोनू की अगली पेशी 20 सितंबर को होगी। अदालत से निकलने के बाद मोनू को 2ः16 बजे कोर्ट से जेल के लिए ले जाया गया।

इस हत्याकांड की जांच के लिए गठित SIT के इंचार्ज DSP गोरखपाल राणा ने बताया कि मोनू से हर तरीके से और हर एंगल पर पूछताछ की जा चुकी है। हत्याएं करने में इस्तेमाल किया गया पिस्तौल व दूसरी चीजें भी बरामद हो चुकी है। ऐसे में अब मोनू से और पूछताछ की जरूरत नहीं रही इसलिए SIT ने उसका रिमांड बढ़ाने की अपील अदालत से नहीं की।

दोनों वकील बोले : बबलू पहलवान के परिचित, इसलिए पैरवी के लिए कहा
मोनू की ओर से वकालतनामा भरकर उसकी पैरवी करने वाले एडवोकेट मोहित वर्मा और कर्ण सिंह नारंग ने बताया कि वह दोनों मोनू के पिता स्व. बबलू पहलवान को अच्छे से जानते थे। बबलू के साथ कई बार मोनू भी उनसे मिल चुका था। इसी जान-पहचान के चलते मोनू ने उन दोनों से उसकी पैरवी करने की रिक्वेस्ट की थी।

मनोचिकित्सकों ने दी रिपोर्ट : वारदात के समय पूरे होश में था मोनू
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पुलिस रिमांड के आरोपी मोनू कभी हंसता रहता तो कभी रोने लगता। वह अपने ही परिवार के 4 लोगों के कत्ल के आरोप में रिमांड पर है, इसका उसे जरा भी दुःख नहीं था। वह सिर्फ अपने लिव-इन पार्टनर के पास जाना चाहता था और उसी के लिए दुःखी रहता था। मोनू की हालत को देखते हुए पुलिस ने 2 दिन तक लगातार उसकी काउंसिलिंग करवाई और मनोचिकित्सकों से उसका चेकअप करवाया। मनोचिकित्सकों ने अपनी रिपोर्ट रविवार दोपहर बाद पुलिस को सौंप दी। इस रिपोर्ट के अनुसार, मोनू मानसिक रूप से बिल्कुल स्वस्थ पाया गया। डॉक्टरों के मुुताबिक अगर उसी ने चारों लोगों को मारा है तो यह वारदात उसने पूरे होश में रहते हुए की।

बार-बार बयान बदलने की वजह से पकड़ा गया मोनू

रोहतक में झज्जर चुंगी स्थित विजयनगर की बाग वाली गली में रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर बबलू पहलवान, उसकी पत्नी बबली, बेटी तमन्ना और सास रोशनी देवी की उन्हीं के घर में बीती 27 अगस्त को गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इन चारों की हत्या के बाद परिवार में बबलू पहलवान का इकलौता बेटा 20 वर्षीय अभिषेक मलिक उर्फ मोनू बचा। गोलियांे की वजह से बबलू पहलवान, बबली और रोशनी देवी की मौत मौके पर ही हो गई थी जबकि तमन्ना ने 2 दिन बाद पीजीआई रोहतक में दम तोड़ दिया था। जांच-पड़ताल के दौरान पुलिस को मोनू पर शक हुआ क्योंकि वह बार-बार अपने बयान बदल रहा था। जब पुलिस ने मोनू को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने चारों की हत्या करने का जुर्म कबूल कर लिया।

रिमांड में मोनू ने किए कई खुलासे

जब शुरुआती पूछताछ में मोनू ने अपना गुनाह कबूल कर लिया तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर 5 दिन के रिमांड पर ले लिया। रिमांड के दौरान मोनू ने हत्याकांड की पूरी कहानी पुलिस को सुनाई। उसकी निशानदेही में वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल, कमरों की चाबियां, उसके कपड़े और दूसरा सामान भी बरामद कर लिया गया। पुलिस रिमांड में मोनू ने यह भी बताया कि वह दिल्ली में उसी के साथ कैबिन क्रू का कोर्स कर रहे उत्तराखंड के अभिषेक नामक युवक के साथ रिलेशन में है और उसके साथ लिव-इन में रहता रहा है। मोनू ने यह भी बताया कि वह जैंडर बदलवाकर अभिषेक से ही शादी करना चाहता था और यह बात उसने अपनी बहन तमन्ना को बताई थी। उसने जैंडर बदलवाने की फीस वगैरह भी पता कर ली थी और इसी के लिए फीस भरने का बहाना बनाकर घरवालों से 5 लाख रुपए मांगे थे। घरवाले उसे यह रकम देते, उससे पहले ही तमन्ना ने घरवालों को उसके और अभिषेक के संबंधों के बारे में बता दिया। इसके बाद मां-बाप ने उसे पैसा देने से इनकार कर दिया और सारी प्रॉपर्टी तमन्ना के नाम करने की प्लानिंग करने लगे। घरवालों के इग्नोर करने और पैसे नहीं देने पर उसने सबको मारने का फैसला कर लिया।

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