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रोहतक का पहलवान परिवार हत्याकांड:पुलिस ने तहसीलदार से मांगा परिवार की प्रॉपर्टी का ब्यौरा; इकलौते बेटे ने जेंडर बदलवाकर लिव-इन FRIEND से शादी से रोकने पर किया मां-बाप, बहन और नानी का मर्डर

रोहतक19 दिन पहले
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हरियाणा के रोहतक जिले की झज्जर चुंगी स्थित विजय नगर की बाग वाली गली में गत 27 अगस्त को बबलू पहलवान परिवार हत्याकांड मृतक के बेटे अभिषेक ने अंजाम दिया था। मामले की जांच के लिए गठित SIT के इंचार्ज डीएसपी गोरखपाल राणा ने कहा कि आरोपी से हर तरीके से, हर एंगल पर बारीकी से पूछताछ हो चुकी है। वारदात में प्रयुक्त पिस्तौल सहित अन्य चीजें बरामद हो चुकी हैं। अब उससे और कोई पूछताछ बाकी नहीं है।

पुलिस ने प्रॉपर्टी विवाद में पहली बार अपना बयान दिया है। पुलिस ने बताया कि अभी बबलू की प्रॉपर्टी उसके खुद के नाम पर ही थी। मगर घर में करीब एक माह से चल रहे झगड़े के बीच उसने कई बार बेटी के नाम प्रॉपर्टी करवाने की बात कही थी। इस पूरी प्रॉपर्टी के बारे में पुलिस ने तहसीलदार को चिट्ठी लिखकर ब्यौरा मांगा है। अभी पुलिस ने वारदात वाले मकान को सील नहीं किया है। खुले मकान से उन्हें आने वाले दिनों में और भी अहम सबूत मिल सकते हैं। पुलिस का इशारा था कि प्रॉपर्टी पर आने वाले दिनों में दावेदारी ठोंकने वालों के चेहरे सामने आ सकते हैं।

रिमांड के आखिरी दिन बताई थी वारदात की पूरी असलियत

पुलिस रिमांड के आखिरी दिन रविवार को हत्यारोपी अभिषेक उर्फ मोनू ने वारदात की पूरी असलियत बताई। उसने बताया कि उसकी सबसे बड़ी रंजिश बहन तमन्ना से थी। क्योंकि वह उसकी सबसे बड़ी राजदार थी और घर पर उसकी असलियत बताने वाली भी बहन ही थी। 27 अगस्त की सुबह करीब 11 बजे वह घर आया और छुपके से पापा की अवैध पिस्तौल उठाकर सीधे ऊपर वाले कमरे में चला गया। ऊपर जाने के बाद धीरे से उसने कमरा बंद किया और बैड पर चद्दर ओढ़कर सो रही बहन तमन्ना को कनपटी पर सटा कर गोली मारी। इसके बाद मुंह को तकिये से ढक दिया। फिर नानी रोशनी देवी को आवाज लगाकर किसी बहाने से उपर बुलाया। नानी के उपर आने और कमरे में दाखिल होने के बाद वह नानी के पीछे खड़ा हो गया और गोली मार दी।

इसके बाद वह नीचे गया और मम्मी को आवाज लगाई कि मम्मी जल्दी उपर आओ, नानी को पता नहीं क्या हो गया। मम्मी बबली बहुत जल्दी में ऊपर कमरे में पहुंची। पीछे-पीछे वह दौड़कर पहुंचा और मम्मी के कमरे में दाखिल होते ही पीछे से गोली मार दी। मम्मी के गहने उतारे और तीनों को कमरे में बंद किया और बाहर से लॉक लगाकर चाबी अपने साथ लेकर नीचे पापा के कमरे में आ गया। नीचे कमरे में पापा चारपाई पर लेटे थे और फोन पर बात कर रहे थे। उसने पीछे खड़े होकर माथे में पिस्तौल अड़ाई और दो गोलियां मार दी। दो गोली लगने के बाद भी बबलू उठने की कोशिश करने लगा तो उसने एक और गोली मार दी। इसके बाद उसने पापा के हाथ से सोने का 11 तोले वजनी कड़ा निकाला व उन्हें भी कमरे में लॉक कर चाबी अपने पास रखी ली। आरोपी ने अलमारियों सहित घर के सभी लॉक की चाबिया अपने साथ रख ली थी।

अपने लिव इन पार्टनर के साथ हत्यारोपी अभिषेक
अपने लिव इन पार्टनर के साथ हत्यारोपी अभिषेक

हत्याओं का बड़ा कारण: लिव इन पार्टनर के साथ संबंध और शादी की चाह

पुलिस के मुताबिक, अभिषेक ने हत्याकांड अंजाम दिया क्योंकि वह अपने लिव इन पार्टनर के साथ जैंडर बदवाकर शादी करना चाहता था। वह उसके साथ चार साल से रिलेशन में था। दोनों के बीच संबंध थे। उसके घर पर भी इस बात के बारे में पता था। इसलिए उसके परिवार में भी काफी लड़ाई झगड़ा चल रहा था। दोनों की दोस्ती 4 साल पहले दिल्ली में कैबिन क्रू की पढ़ाई के दौरान हुई थी। उस समय चार लोग एक साथ एक कमरे में रहते थे। इन दोनों को छोड़कर बाकी दोनों बाहर चले जाते थे। ये दोनों एक ही कमरे में रहते थे तो दोनों के बीच संबंध बनने शुरू हो गए। दोनों चार साल से संबंध बनाते आ रहे हैं। अब करीब एक माह पहले ही दोनों ने विवाह सूत्र में बंधने की कसम खाई थी। इसके लिए ही अभिषेक ने जैंडर बदलवाने और शादी करने की प्लानिंग शुरू कर दी थी। ऐसे में हत्याकांड का बड़ा कारण यही संबंध हैं।

लिव इन पार्टनर की संलिप्तता नहीं, मगर उसे क्लीन चिट भी नहीं

हत्यारोपी अभिषेक उर्फ मोनू के लिव इन पार्टनर की हत्याकांड में अभी तक कोई संलिप्तता नहीं मिली है। मगर पुलिस अभी उसे क्लीन चिट भी देने के मूड में नहीं है। मामले की जांच कर रही एसआईटी इंचार्ज डीएसपी गोरखपाल राणा ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए किसी भी तरह की जल्दबाजी करना बहुत गलत होगा। इसमें किसी भी निर्दोष को फंसाया नहीं जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अभिषेक के प्रेमी सहित इस वारदात में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रुप से जुड़े सभी लोगों से पुलिस गहनता से पूछताछ कर रही है।

अपने मां-बाप और बहन के साथ इन तीनों का हत्यारोपी अभिषेक उर्फ मोनू।
अपने मां-बाप और बहन के साथ इन तीनों का हत्यारोपी अभिषेक उर्फ मोनू।

25 को एक बार, 26 को दो बार की थी घर की रेकी

आरोपी अभिषेक ने पुलिस रिमांड के दौरान बताया कि 27 जुलाई को उसने एक महीने के भीतर हत्याकांड को अंजाम देने के बारे में ठाना था, लेकिन उसे मौका नहीं मिल रहा था। 25 अगस्त की सुबह उसने अपने लिव इन पार्टनर को दिल्ली से रोहतक बुलाया। यहां पर दोनों दिल्ली बाइपास स्थित एक होटल में रुके थे। होटल में दोनों ने ही आईडी प्रूफ जमा कराए थे। वह बिना घर बताए दो दिन व दो रात के लिए घर से गायब रहा था। हालंकि वह दिन में एक-दो बार घर का चक्कर लगा लेता था, ताकि घर वालों को यह पता रहे कि वह शहर में ही है। मगर उससे चल रहे मनमुटाव और नाराजगी की वजह से घर के किसी भी सदस्य ने उससे यह नहीं पूछा था कि आखिर वह कर क्या रहा है।

25 व 26 अगस्त की रात को वह अपने प्रेमी दोस्त के साथ होटल में ही रुका था। उसने 25 अगस्त की दोपहर को घर के बाहर आकर रेकी की थी। उस दौरान घर पर मेहमान आए हुए थे। इसके बाद वह वहां से चला गया। 26 अगस्त को दिन में उसने दो बार रेकी थी। मगर एक बार पड़ोसी घर पर बैठे तो एक बार घर के सभी सदस्य उपस्थित नहीं थे। 27 अगस्त को फिर से उसने घर पर रेकी की थी और मौका लगते ही चारों हत्याएं करने के बाद बड़े शातिर तरीके से फरार हो गया था। वह यहां से सीधा होटल अपने लिव इन पार्टनर के पास गया था।

होटल से गया था चाचा के घर, फिर किया था ड्रामा

अभिषेक ने बताया कि होटल से मैं सीधे चाचा के घर पहुंचा व बताया कि घर पर कोई दरवाजा ही नहीं खोल रहा। चाचा के बाद पड़ोस की एक दादी के पास पहुंचा, उससे पूछा कि मेरी मां आई थी क्या? उसे बताया कि घर पर कोई दरवाजा नहीं खोल रहा। जब आस पड़ोस के लोग जमा हो गए तो सबके सामने ही घर के सदस्यों को एक-एक करके फोन किया। जब फोन नहीं उठे तो चाचा को कहा कि मैं उनके घर की छत पर सीढ़ी लगाकर अपनी छत पर जाता हूं। छत पर चढ़ा तो वहां करीब दो मिनट के लिए खड़ा रहा, उसके बाद शोर मचा दिया कि दरवाजे से बाहर तो खून आ रहा है। उसके बाद सभी लोग छत पर आ गए और पुलिस को बुला लिया। पुलिस के आने के बाद मैं बहुत ज्यादा रोने लगा तो मुझे वहां से दूसरे घर ले जाया गया था।

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