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सर्दी में वायरस भी कमजाेर हुआ:सात माह बाद कोरोना में दिखी रिकॉर्ड गिरावट, 732 लोगों की सैंपलिंग में 7 ही मिले संक्रमित

रोहतक7 महीने पहले
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शीतलहर की कंपकपाहट के बीच सर्दी का सितम झेल रहे जिले के लिए अर्से बाद बड़ी सुकून देने वाली खबर है। कोरोना संक्रमण को लेकर 7 महीने 10 दिन बाद संक्रमण में सबसे गिरावट का रिकॉर्ड बना है। रविवार को जिले में कोरोना संक्रमण का ग्राफ 7 के ही आंकड़े पर रुक गया। रविवार को 732 लोगों की सैंपलिंग की रिपोर्ट आई है। महज 7 लोगों में ही कोरोना वायरस का असर मिला है।

दरअसल दुनिया भर में महामारी फैलाने वाला कोरोना वायरस जिले में अब कमजोर पड़ने लगा है। कोरोना की दूसरी लहर बीतने के बाद अब स्ट्रेन का असर कम हाेने के साथ ही काेराेना चेन टूट रही है। इन दाे वजहाें से जिले में संक्रमित मरीजों की रफ्तार घट रही है। मई माह के बाद अब 7 माह 10 दिन बाद रविवार को सबसे बड़ी गिरावट का आंकड़ा रिकॉर्ड बना।

वहीं दिसंबर माह के 20 दिनों में कोरोना केस में दिन पर दिन गिरावट आई है। जिले में पहली बार कोरोना रिकवरी रेट 95.92 फीसदी पर पहुंचा और एक्टिव केस का ग्राफ 340 मरीजों पर सिमट गया है। जिले में अब तक 11,927 लोग संक्रमित हो चुके हैं और इनमें से 11,441 लोग रिकवर कर चुके हैं। जिले में कोविड पॉजिटिविटी रेट घटकर 5.15 फीसदी पर आ गया है। जिले में कोरोना से 146 मरीजों की मौत हो चुकी है। जबकि 308 मरीज होम आइसोलेशन में और 32 मरीज पीजीआई में उपचाराधीन हैं।

वायरस को रास नहीं आ रहा जाड्डा
पीजीआई के कोविड 19 टीम के वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि वायरस में होने वाले बदलाव उसकी लाइफ के लिए सकारात्मक होते हैं तो उस वायरस की वह स्ट्रेन जीवित रहती है और आगे बढ़ती रहती है। यानी अधिक से अधिक संक्रमण फैलाती है। जबकि अगर म्यूटेशन के बाद बनी स्ट्रेन माहौल के हिसाब से सर्वाइव ना कर पाए तो वह कुछ ही समय में कमजोर पड़ने लगती है। ऐसा ही अब वर्तमान समय में देखने को मिल रहा है।

दिसंबर माह में अब तक कोरोना संक्रमण के प्रसार ने एक बार ही 100 का आंकड़ा पार किया है। जिला वासियों को पाबंदियों के साथ एहतियात अब ज्यादा बरतनी होगी ताकि किसी हालत में अब ये ग्राफ बढ़े ना। लोगों को ज्यादा से ज्यादा कोविड 19 की सैंपलिंग के लिए आगे आना होगा। -डॉ. राजबीर सभरवाल, जिला नोडल अधिकारी, कोविड 19

कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। स्कूल और कॉलेज खुलेंगे और यहां पर गाइडलाइंस का पालन न होने पर कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा मंडराता रहेगा। केस कम मिलने का मतलब यह नहीं है कि कोरोना खत्म हो गया है बल्कि कोरोना से बचाव करने की जरूरत है। वैक्सीन आने तक लोगों को मास्क पहनना होगा और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। -डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन, रोहतक।

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