सरकारी परीक्षाओं को पास कराने वाला गिरोह पकड़ा:सिस्टम हैक करके करते थे धोखाधड़ी; सोनीपत और गुरुग्राम STF ने दबोचे 6 गुर्गे; 100 से ज्यादा अभ्यर्थियों को पास करवा चुके, CBI भी थी तलाश में

रोहतक2 महीने पहले
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एसटीएफ की गिरफ्त में पकड़े गए आरोपी। - Dainik Bhaskar
एसटीएफ की गिरफ्त में पकड़े गए आरोपी।

हरियाणा की सोनीपत व गुरुग्राम जिले की STF यूनिट ने ऑनलाइन सरकारी परीक्षाओं को पास करवाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। टीम ने गिरोह के 6 गुर्गों को गिरफ्तार किया है। देशभर में फैले इस गिरोह से कई बड़े एग्जाम में इसी तरह धोखाधड़ी करने का भी खुलासा हुआ है। पूरे मामले की जानकारी पानीपत एसपी शशांक कुमार सावन ने दी।

पकड़े गए छह आरोपियों में से 2 इनामी
पानीपत एसपी शशांक कुमार सावन ने बताया कि एसटीएफ गुरुग्राम और सोनीपत की संयुक्त टीम ने गिरोह के छह सदस्य पकड़े हैं। इनमें से तीन सोनीपत और तीन जयपुर के हैं। गिरोह में पकड़ा गया सोनीपत निवासी आरोपी अशोक उर्फ शोकी भिवानी में हुए पेपर लीक मामले में वांटेड है। वह 1 लाख का इनामी आरोपी भी है। उसके साथ पकड़ा गया सोनीपत निवासी मोनू भी 50 हजार का इनामी है। इनकी तलाश में सीबीआई भी कई जगह छापेमारी कर चुकी है। गिरोह के सभी सदस्यों का जाल देशभर में फैला हुआ है।

कई बड़ी परीक्षाएं करवाईं पास
आईआईटी, नीट, एसएससी, आईटी-जेई, एमटीएस जैसी बड़ी परीक्षाएं आरोपियों ने पास करवाई हैं। आरोपियों ने करीब 100 से ज्यादा परीक्षार्थियों की परीक्षा पास करवा एडमिशन दिलवा चुके हैं। इनका जाल बंगलूरू, राजस्थान, हरियाणा सहित देश के कई राज्यों में बिछा हुआ है। लगभग सभी आरोपी पढ़े लिखे हैं। कोई एमए, कोई बीए पास है। लगभग सभी ही आरोपियों ने एक-एक, दो-दो साल का कंप्यूटर कोर्स भी किया हुआ है। सभी आईटी के अच्छे जानकार है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 8 दिन का पुलिस रिमांड लिया है।

पत्रकार वार्ता में जानकारी देते एसपी शशांक कुमार सावन और साथ में बैठी एसटीएफ टीम।
पत्रकार वार्ता में जानकारी देते एसपी शशांक कुमार सावन और साथ में बैठी एसटीएफ टीम।

पांच साल से चला रहे गिरोह, करोड़ों की जोड़ी संपत्त‌ि, अब होगी जब्त
एसपी ने बताया कि गिरोह करीब पांच साल से चल रहा है। आरोपियों ने पांच साल में करोड़ों की संपत्त‌ि बना ली है। सभी का बैंक बैलेंस भी काफी मजबूत है। संपत्त‌ि अटैच के लिए कोर्ट को पत्र लिखा जाएगा। साथ ही आय की जांच के लिए इनकम टैक्स विभाग को चिट्ठी लिखी जाएगी। आरोपियों की यह संपत्त‌ि जल्द ही जब्त करवाई जाएगी। अ‌ारोपियों ने 2016 में राजस्थान में, 2017 में दिल्ली में, 2018 में सोनीपत में और 2019 से अभी तक पानीपत में लैब संचालित की है। सभी गुर्गों का काम बंटा होता है। कोई गुर्गा लैब का बंदोबस्त करता है। कोई विद्यार्थी तलाशता है, कोई रुपयों की डील करता है, कोई साफ्टवेयर पर काम करता है। एसपी के मुताबिक गिरोह‌ के 20 से ज्यादा और सदस्य इन्हीं क्षेत्रों से जल्द पकड़े जाएंगे।

विदेशी हैकर या हैकिंग सॉफ्टवेयर टूल्स का इस्तेमाल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शातिर ठग देसी-विदेशी सॉफ्टवेयर हैकर बुलाकर या फिर हैकिंग सॉफ्टवेयर टूल्स का इस्तेमाल करके परीक्षा सेंटर की लैब ही हैक कर लेते हैं। इसके बाद डील में शामिल परीक्षार्थी का पेपर पास कराया जाता है। एग्जाम में कैंडिडेट को ऑटोमैटिक तरीके से जो कंप्यूटर सिस्टम अलॉट होता है, नकल कराने के लिए उसे ही हैक कर लिया जाता है। तब वह कंप्यूटर काम नहीं करता तो कैंडिडेट को दूसरे सिस्टम पर बैठाया जाता है। इस कंप्यूटर में न केवल इंटरनेट कनेक्शन होता है, बल्कि इसमें एक खास सॉफ्टवेयर भी होता है। कैंडिडेट इस सिस्टम पर बैठकर पेपर सॉल्व करने का नाटक करता है। असली काम एग्जाम सेंटर से दूर बैठा मास्टरमाइंड और उसके साथी करते हैं। एग्जाम पास कराने की एवज में कैंडिडेट से लाखों की डील की जाती है।

कर्मचारियों की भी पाई जा सकती है संलिप्तता
कैंडिडेट जब ऑनलाइन एग्जाम के लिए सेंटर पर जाता है तो उसकी बॉयोमैट्रिक एंट्री होती है। इसके साथ ही उसे लॉगइन आईडी और पासवर्ड के साथ कंप्यूटर सिस्टम भी अलॉट हो जाता है। अब नकल कराने के लिए आरोपी अपने कैंडिडेट के बैठते ही उसका कंप्यूटर हैक कर लेते हैं। ऐसे में उसे दूसरी सीट अलॉट की जाती है। कर्मचारियों से साठगांठ की वजह से उसे दूसरे फिक्स कंप्यूटर पर बैठाया जाता है। शातिर 10-12 लोगों के साथ एग्जाम सेंटर से दूर बैठकर सॉफ्टवेयर से पेपर सॉल्व करवाता था। वे अपने मोबाइल पर गूगल से आंसर ढूंढते हैं। इस दौरान एग्जाम सेंटर के अंदर बैठा कैंडिडेट सिर्फ माउस हिलाने का काम करता है। इससे दूसरे कैंडिडेट्स को भी शक नहीं होता है।

शातिरों ने कई जगहों पर लैब बनाईं

पानीपत के सेक्टर 13-17 थाना पुलिस को दी शिकायत एसआई राम निवास ने बताया है कि अशोक उर्फ शोकी निवासी गोरड जिला सोनीपत, मोनू निवासी गोरड जिला सोनीपत, आशीष निवासी गोरड जिला सोनीपत, गौरी निवासी कौडला जिला दौसा राजस्थान, आकाश निवासी मोती नगर जयपुर, आशीष निवासी श्यामला कलॉ (रामकली), आकाश निवासी जयपुर ने यह गिरोह संचालित किया हुआ है। उक्त आरोपी सरकारी नौकर‌ियों से संबंधित होने वाली परीक्षाओ व ऑनलाइन IIT और अन्य इसी प्रकार की प्रवेश परीक्षाओं के परीक्षार्थियों से लाखों रुपयों में डील करते हैं। ये परीक्षाएं केन्द्र व अन्य राज्यों की ऑनलाFन और ऑफलाइन परीक्षा होती है। शातिर अशोक उर्फ शोकी व इसके अन्य साथियों ने मिलकर ASIA PACIFIC INSTITUTE OF INFORMATION TECHNOLOGY (APIIT) PANIPAT में अपनी लैब ले रखी है। जो अशोक उर्फ शोकी व अन्य साथ‌ियों ने मिलकर (APIIT) PANIPAT व अन्य जगहों पर स्थित लैबों में परीक्षा केन्द्रों पर लगे सर्वर को हैकिंग सॉफ्टवेयर टूल्स का इस्तेमाल करके उन परीक्षार्थियो की परीक्षा पास करवाते हैं। शातिरों ने कई जगहों पर लैब स्थापित की हुई है व परीक्षार्थी को झांसा देकर मोटी रकम ऐंठते है। इन कामों से अशोक उर्फ शोकी व अन्य साथ‌ियों ने काफी चल व अचल सम्पति अर्जित कर रखी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 419, 420, 120B IPC सहित 66C, 66D IT ACT के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

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