सोनीपत में भैंस की मौत पर प्रीतिभोज:मालिक ने बैंक्वेट हॉल में मनाई सत्रहवीं, नाते-रिश्तेदारों समेत 8 गांवों के लोगों को खिलाए लड्‌डू-जलेबी

रोहतक2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

हरियाणा में लोगों के लिए अपने पशुओं की कितनी अहमियत है, इसका नजारा मंगलवार को सोनीपत के खरखौदा क्षेत्र के गांव सोहटी में दिखा। यहां एक किसान ने अपनी लाडली भैंस की मौत के बाद उसकी सत्रहवीं मनाई। रिश्तेदारों और ग्रामीणों को लड्डू-जलेबी के साथ सब्जी-पूड़ी खिलाई। सत्रहवीं में आसपास के आठ गांवों में निमंत्रण दिया गया। करीब 6 हजार लोग प्रीतिभोज में पहुंचे।

1999 में लाया था तीन साल की कटिया
दिल्ली की सीमा से सटे गांव सोहटी के रहने वाले किसान जयभगवान उर्फ लीलू खेतीबाड़ी करने के साथ पशु भी रखते हैं। चार बीघे जमीन के मालिक जयभगवान ने बताया कि वर्ष 1999 में उसके भाई की सुसराल से वह तीन साल की कटड़ी लेकर आया था। कटड़ी को उसने बच्चों की तरह पाला। कटड़ी ने भैंस बनने के बाद अपने जीवन काल में 21 कटड़ी और एक कटड़े को जन्म दिया। जयभगवान ने भैंस को अपने परिवार के सदस्य की तरह पाला और बुजुर्ग होने पर उसकी सेवा की। वह सोच रहे थे कि भैंस के जीवित रहते उसका जीवनजग करें, लेकिन देवउठनी एकादशी के दिन अचानक भैंस की मौत हो गई।

भैंस की सत्रहवीं के लिए बनवाया गया फलेक्स।
भैंस की सत्रहवीं के लिए बनवाया गया फलेक्स।

बैंक्वेट हाल में हुई भैंस की सत्रहवीं
भैंस के प्रति जयभगवान के प्रेम की चर्चा भी कम नहीं थी। प्रेम भी ऐसा कि जयभगवान ने भैंस को मौत के बाद अपने प्लाट में ही दफनाया। साथ ही उसकी सत्रहवीं का आयोजन कर नाते-रिश्तेदारों और आसपास के आठ गांवों के लोगों को लड्डू-जलेबी और सब्जी-पूड़ी खिलाई। इस आयोजन के लिए बाकायदा एक बैंक्वेट हॉल को बुक किया गया, जहां करीब 6 हजार लोग पहुंचे।

पशुपालक किसान जयभगवान उर्फ लीलू।
पशुपालक किसान जयभगवान उर्फ लीलू।

जयभगवान के तीन बच्चे, तीनों इसी भैंस का दूध पीकर बड़े हुए
जयभगवान का कहना है कि उनके तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ा बेटा अजय 21 साल का है। अजय के दो छोटे भाई-बहन हैं। तीनों बच्चे इसी भैंस का दूध पीकर बड़े हुए। यह भैंस भिंडी नस्ल की थी। भैंस को अंतिम समय में लकवा मार गया था।

सोनीपत में भैंस की सत्रहवीं पर आयोजित कार्यक्रम में खाना खाते बच्चे।
सोनीपत में भैंस की सत्रहवीं पर आयोजित कार्यक्रम में खाना खाते बच्चे।

भैंस की मौत पर आंखें हुईं नम
भैंस की मौत हुई तो किसान परिवार की आंखें नम हो गईं। भैंस के जाने से उनको दुख था।

खबरें और भी हैं...