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रोहतक में फसल अवशेष जलाने पर होगी सख्ती:नंबरदार का हथियार लाइसेंस होगा रद्द, किसान पर भी 2500-15000 तक जुर्माना

रोहतकएक महीने पहले
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डीसी यशपाल - Dainik Bhaskar
डीसी यशपाल

फसल अवशेष को जलाने से रोकने के लिए सरकार व प्रशासन भी सख्त हो रहा है। रोहतक के DC यशपाल ने कहा है कि जिस भी गांव में फसल अवशेष जलाए जाएंगे, उस गांव के नंबरदार को भी दोषी माना जाएगा। साथ ही उसके हथियार का लाइसेंस भी रद्द होगा। वहीं, पराली जलाने वाले किसान पर जुर्माना ठोका जाएगा।

DC यशपाल ने कहा कि फसल अवशेष जलाने से होने वाले दुष्प्रभावों के दृष्टिगत सर्वोच्च न्यायालय एवं राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा दिशा-निर्देशों जारी किए गए हैं। जिसके अनुसार फसल अवशेष जलाने वाले किसानों से 2500 रुपए से 15 हजार रुपए तक जुर्माना वसूल किया जाएगा। फसल अवशेष जलाने वाले किसानों को भविष्य में कोई भी सरकारी सहायता अथवा लाभ नहीं दिया जाएगा।

DC यशपाल
DC यशपाल

फसल अवशेष प्रबंधन पर जोर
पराली में आग लगाने वाले संबंधित गांवों के नम्बरदारों को भी जिम्मेदार समझा जाएगा। नंबरदार के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नंबरदार के हथियार लाइसेंस भी रद्द किए जाएंगे। साथ ही फसल अवशेष न जलाने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं ताकि फसल अवशेष प्रबंधन पर जोर दिया जाए।

मिट्‌टी में मिलाने पर 1000 प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि
DC यशपाल ने किसानों से आह्वान किया कि वे पराली न जलाकर सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ उठाएं और फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करें। इस वर्ष से फसल अवशेषों को मिट्टी में मिलाने पर भी एक हजार रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए किसानों द्वारा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।

फसल अवशेष प्रबंधन के लिए सब्सिडी पर दिए जा रहे कृषि यंत्र
फसल अवशेष प्रबंधन योजना के साथ किसानों को फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए जागरूक किया जा रहा है। इस योजना के तहत किसानों को कृषि यंत्रों सुपर सीडर, जीरो टीलेज मशीन, स्ट्राचोपर, हैपीसीडर एवं रिवर्सिबल प्लो अनुदान पर दिए जाते है। किसान इन कृषि यंत्रों का प्रयोग करके पराली को मिट्टी में मिलाकर जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ा सकते है। स्ट्रा बेलर मशीन से पराली की गांठे बनाकर सरकार द्वारा दी जा रही एक हजार रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि का लाभ उठा सकते हैं।

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