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टैक्स ब्रांच में भ्रष्टाचार का मामला:भ्रष्टाचार की जांच में दोषी ठहराए कर्मियों के समर्थन में निगम ऑफिस में हड़ताल, 5 घंटे के बाद काम पर लौटे

रोहतक2 महीने पहले
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ऑफिस में काम कर रहे कर्मियों को धरने पर पहुंचने के लिए कहते हुए प्रधान संजय बिडलान व अन्य - Dainik Bhaskar
ऑफिस में काम कर रहे कर्मियों को धरने पर पहुंचने के लिए कहते हुए प्रधान संजय बिडलान व अन्य

नगर निगम में भ्रष्टाचार मामले में चल रहा गतिरोध गुरुवार को बढ़ गया। आरोपों की जांच के लिए बनाई कमेटी की जांच रिपोर्ट में दोषी बताए कर्मियों के समर्थन में कर्मियों ने काम बंद कर दिया। बंद का आह्वान नगर पालिका कर्मचारी संघ ने किया। संघ का कहना है कि कि टैक्स ब्रांच के कर्मचारियों को बिना बताए और उनका पक्ष सुने ही दोषी करार देना गलत है।

यह लोकतंत्र की अनदेखी है। इसे संघ बर्दाश्त नहीं करेगा। लिहाजा दोबारा जांच कमेटी बनाई जाए। जांच कमेटी में टैक्स ब्रांच के आरोपी कर्मचारियों को भी शामिल किया जाए, ताकि जांच कार्रवाई से संबंधित गतिविधियों से अवगत हाे सके।

नगर पालिका कर्मचारी संघ की ओर से सुबह ही हड़ताल का ऐलान कर दिया गया। इस दौरान प्रधान संजय बिड़लान के नेतृत्व में यूनियन के नेता ऑफिस के एक-एक चैंबर में गए और उन्हें काम बंद करने के लिए कहा। बाद में निगम कार्यायल परिसर में सुबह 9 बजे से 11 बजे तक धरना दिया। हालांकि दोपहर करीब 2 बजे कर्मचारियों ने निगम कमिश्नर नरहरि सिंह बांगड़ के आश्वासन पर दोबारा से कामकाज शुरू कर दिया। वहीं इस मामले में पार्षदों का एक बड़ा गुट अंदरखाते कर्मियों की इस मांग का समर्थन करने के लिए लामबंद होने लगा है।
अधिकारियों काे 48 घंटे का दिया अल्टीमेटम

नगर पालिका कर्मचारी संघ के महासचिव श्रवण बोहत ने बताया कि दोपहर निगम कमिश्नर डॉ. नरहरि सिंह बांगड़ से फोन हर तरह के सहयोग और निष्पक्ष जांच का आश्वासन मिला है। यदि अधिकारियों ने मांगें नजरंदाज की तो 48 घंटे के बाद कर्मचारियों के हक के लिए आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस दौरान कोषाध्यक्ष विक्की बिड़लान, उपप्रधान रवि चड्‌ढा, महिला विंग प्रधान कौशल, सोनू हरजाई, जतिन व अंकित दरोगा, लाला गुज्जर मौजूद रहे।

पार्षदों ने भी जांच मामले पर किया विचार-विमर्श: इधर, नगर निगम में भ्रष्टाचार की जांच मामले को लेकर गुरुवार को डिप्टी मेयर अनिल कुमार के कार्यालय में पार्षद कृष्ण सहरावत, पार्षद प्रतिनिधि सूरजमल किलोई व देवेंद्र ठेकेदार आदि पहुंचे। इस दौरान देर तक विचार-विमर्श किया जाता रहा। पार्षदों ने बताया कि अभी इस मामले पर कुछ भी कहना जल्दबाजी है। जल्दी ही ठोस निर्णय लिया जाएगा।

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