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भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट:स्टूडेंट घर से लाएंगे सेनिटाइजर, बरामदे में लगेगी क्लास

रोहतक13 दिन पहले
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गांधी नगर स्थित राजकीय सीनियर सेकंडरी स्कूल में दाखिला लेते हुए विद्यार्थी। - Dainik Bhaskar
गांधी नगर स्थित राजकीय सीनियर सेकंडरी स्कूल में दाखिला लेते हुए विद्यार्थी।

कोरोना की दूसरी लहर से 86 दिनों से बंद स्कूल कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए 16 जुलाई से खुलेंगे। अब स्कूलों को विद्यार्थियों के स्कूल आने व अभिभावकों की मंजूरी का इंतजार है। जिले के सभी राजकीय स्कूलों के सामने एक कक्षा के सभी विद्यार्थियों की कक्षाएं एक साथ लेने की समस्या आएगी।

क्योंकि स्ट्रक्चर के अनुसार बने 18 बाई 24 के कमरों में 15 डेस्क ही आते हैं, जिनमें एसओपी के अनुसार एक डेस्क छोड़कर एक पर एक छात्र ही बैठ सकता है। एक कक्षा में सिर्फ 8 विद्यार्थी ही बैठ पाएंगे। यदि किसी कक्षा में 30 छात्र हैं और 15 भी स्कूल में आते हैं तो वह भी एक कक्षा में नहीं बैठ सकेंगे। ऐसे में शिक्षकों के सामने सभी विद्यार्थियों को एक साथ पाठ्यक्रम पढ़ाने की दिक्कत आएगी।

बरामदों में छात्रों को बैठाने से माॅनसून में बारिश में भीगने का डर रहेगा। वहीं दूसरी ओर इस बार विभागों की तरफ से स्कूलों में कोविड ग्रांट भी नहीं आई है। जिसके चलते स्कूलों को जरूरत के हिसाब से चाइल्ड वेलफेयर फंड से मास्क, सेनिटाइजर और थर्मामीटर खरीदने पड़ेंगे। बुधवार को स्कूलों में सफाई की गई। अधिकारियों के अनुसार स्कूल खुलने से एक दिन पहले यानी 15 को निगम की तरफ से स्कूलों में सेनिटाइजेशन कराया जाएगा।

नहीं मिली कोविड ग्रांट
स्कूल प्रधानाचार्या के अनुसार, इस बार ग्रांट नहीं आई। पिछली बार मिली ग्रांट से खरीदे गए मास्क, सेनिटाइजर और थर्मामीटर में से कुछ स्टॉक में बचे हुए हैं। पहले उन्हें इस्तेमाल में लिया जाएगा। इसके बाद चाइल्ड वेलफेयर फंड से जरूरत के अनुसार ही अब मास्क और सेनिटाइजर की व्यवस्था की जाएगी।

रणनीति : ऑफलाइन के साथ लाइव चलेंगी ऑनलाइन क्लास
स्कूलों ने ऑफलाइन व ऑनलाइन क्लासेस को एक साथ चलाने की रणनीति तय की है। प्रधानाचार्यों के मुताबिक जिन विद्यार्थियों के अभिभावक उन्हें स्कूल अाने की अनुमति नहीं देंगे। उन्हें स्कूल आने वाले छात्रों के साथ कक्षाओं से ही लाइव करके ऑनलाइन पढ़ाया जाएगा, ताकि सभी विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम एकसाथ पूरा कराया जा सके।

टाट पट्टी पर बैठाकर कक्षाएं लगाने के लिए चल रहा काम
गांधी नगर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों को एक साथ बैठाने में आने वाली समस्या से निपटने के लिए टाट पट्टी पर बैठाकर कक्षाएं लगाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। ताकि स्कूल आने वाले सभी 50 फीसदी छात्रों की कक्षाएं एक साथ और एक समय पर लगाई जा सके। क्योंकि कमरे और बरामदे में बैठाने से कक्षाएं एक साथ लगाने में भी दिक्कत आएगी और साथ ही बारिश आने पर बरामदे में बैठे बच्चों का बारिश में भीग कर बीमार होने का डर भी रहेगा।

बच्चे लगाकर आए मास्क, साथ लाएं सेनिटाइजर
मॉडल टाउन स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में नौंवी से 12वीं तक 350 छात्राएं पढ़ती हैं। जिनमें से 50 फीसदी भी अभिभावकों की मंजूरी के बाद स्कूल आती हैं तो उन्हें मास्क लगाकर व स्वयं सेनिटाइजर लेकर आना होगा। विद्यालय की प्रधानाचार्या रितु पंघाल के अनुसार हमारे पास कोविड प्रोटोकॉल का कोई फंड नहीं है।

छात्राओं को एसओपी का पालन करते हुए अलग-अलग कमरों में बैठाना पड़ा तो विद्यालय के पास उन्हें एक साथ अलग-अलग टाइम टेबल के अनुसार पढ़ाने की भी कोई रणनीति नहीं है। साढ़े 8 से साढ़े 11 बजे तक की तीन घंटों के स्कूल टाइम में विद्यार्थियों को अलग-अलग कैसे पढ़ाया जा सकेगा, इस बारे में विद्यालय प्रशासन का रूख साफ नहीं है।

भिवानी रोड स्कूल को किया सेनिटाइज
भिवानी रोड स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बिल्डिंग सेनिटाइज कराई गई। सभी विद्यार्थियों के अभिभावकों को व्हाट्सएप ग्रुप में सहमति पत्र शेयर किए हैं। स्कूल प्रशासन के अनुसार, सहमति पत्र के बिना किसी विद्यार्थी की स्कूल में एंट्री नहीं दी जाएगी।

इस बारे में स्कूल प्रशासन ने गेट के बाहर भी एक नोटिस लगा दिया है। जिस पर साफ शब्दों में लिखा है सहमति पत्र के बिना विद्यार्थी स्कूल में एंट्री ना करें। स्कूल में साफ-सफाई कराई गई। विद्यार्थियों की जरूरत के मुताबिक सीडब्ल्यू फंड से मास्क व सेनिटाइजर खरीदे जाएंगे।

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