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गांवों में पहुंचा कोरोना:घिलौड़ में भी कोरोना से मौतों का शक, सप्ताह में 5 जानें गई, 20 अन्य गांव भी सर्विलांस पर

रोहतकएक महीने पहले
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टिटौली गांव में लोगों की कोरोना स्क्रीनिंग करने के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट किट से जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। - Dainik Bhaskar
टिटौली गांव में लोगों की कोरोना स्क्रीनिंग करने के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट किट से जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम।
  • टिटौली में 85 की सैंपलिंग, 5 केस मिले, 24 घंटे में बुखार से 3 मौतें

कोरोना का कहन अबकी बार गांवों में तेजी से फैल रहा है। गांव कहर में मौतों का सिलसिला भी अभी तक थमा नहीं था कि अब घिलौड़ गांव भी इसकी चपेट में आता नजर आ रहा है। यहां पर भी एक सप्ताह में 5 मौत होने से ग्रामीणों में दहशत है। हालांकि इस सूचना के बाद से प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है।

एहतियात के तौर पर गुरुवार को ही गांव में जाकर लोगों की सैंपलिंग भी करवानी शुरू कर दी गई है। वहीं गुरुवार को बरसात के कारण सेनिटाइजेशन का कार्य नहीं हो सका। चूंकि बरसात के कारण सेनिटाइजेशन धुल जाता और इसका असर नहीं हो पाता।

डीसी कैप्टन मनोज कुमार का कहना है कि जन जागरण समिति गठित करने का मकसद यही है कि महामारी को लेकर ग्रामीण दहशत में न आए, बल्कि महामारी के प्रति उचित व्यवहार करें। जन जागरण समितियां गांव-गांव में प्रचार-प्रसार कर के लोगों को इससे बचाव के बारे में जानकारी दें और उन्हें बताया जाएगा कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है। ग्रामीणों को टेस्टिंग व टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करने का कार्य भी यह जन जागरण समितियां करेंगी।

ग्रामीणों का आरोप- सुबह 50 लोग सैंपल देने आए, पर विभाग की टीम नहीं आई

टिटौली गांव में गुरुवार को बुखार से पीड़ित तीन लोगों की मौत होने के बाद से ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई है। गांव में अब तक 35 लोगाें की मौत होने का दावा किया जा रहा है। दिन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैंप लगाकर 85 ग्रामीणों की कोरोना जांच कराई। इसमें पांच लोगों को कोरोना संक्रमित पाया गया।

टिटाैली के निवासी मदन सिंह ने बताया कि गांव के 50 लाेग काेराेना सैंपल देने के लिए सुबह से एकत्रित हाे गए थे। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं आई। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में आने के लिए कहा गया तो उन्होंने पुलिस को फोन करके परेशान करने की शिकायत कर दी।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में सेनिटाइजेशन तक नहीं कराया गया है। गांव निवासी मनोज ने बताया कि शनिवार को टीम कुछ एरिया में सेनिटाइज करके चली गई थी है। आर्य प्रतिनिधि सभा के आदित्यवेश ने बताया कि गांव में तीन लोगों की बुखार आने से निधन होने की खबर मिली है। सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने गांव में तीन और मौतें होने की जानकारी से इंकार किया।

घिलौड़ को कंटेनमेंट जोन बनाने की तैयारी: बीडीपीओ राजपाल चहल का कहना है कि घिलौड़ में एक सप्ताह में 5 मौत की बात सामने आई है, लेकिन कारणों का कोई खुलासा नहीं हुआ है। एसडीएम राकेश कुमार के साथ दौरा किया है। गांव को की बड़ी चौपाल में एक डॉक्टर की टीम बिठा दी गई है और लोगों की टेस्टिंग शुरू कर दी गई है। गांव को कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा।

अब ये 20 गांव भी सर्विलांस पर लिए: केस बढ़ने के चलते जिले के 20 गांवों को भी सर्विलांस बढ़ाया जा रहा है। इनमें ईस्माइला, गढ़ी बल्लभ, बनियानी, खरैंटी, सांगाहेड़ा, मोखरा, भगवतीपुर, मदीना गिंधरान व मदीना कोरसान, मुंगाण, नया बांस, निगाणा, जिंदरान, बालंद, शेखपुर तितरी, हसनगढ़, गढ़ी सांपला, कुलताना, अटायल, पाकस्मा शामिल हैं। इनमें भी सेनिटाइजेशन शुरू हो चुका है।

कोविड केयर सेंटर स्थापित करने की मांग: इधर, सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के अंतरराष्ट्रीय प्रधान स्वामी आर्यवेश ने जिला प्रशासन से गांव मे अस्थायी कोविड केयर सेंटर स्थापित करने की मांग की है। इसमें डॉक्टर व उनका स्टाफ नियमित कोरोना पीड़ित लोगों की देखभाल करें व उनकी चिकित्सा उपलब्ध करवाए। जिनकी स्थिति गंभीर हो उन्हें तुरंत प्रभाव से पीजीआई या सिविल अस्पताल में दाखिल कर चिकित्सा उपलब्ध करवाई जाए।

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