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वैश्य तकनीकी संस्थान में चल रहा धरना खत्म:वैश्य तकनीकी संस्थान के जिस खाते को 5 महीने तक फर्जी बताकर वेतन रोका, धरने के आठवें दिन उसी में सेलरी और 5% ग्रांट की

राेहतक2 महीने पहले
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रोहतक में अपनी मांगों को लेकर रोष जताते हुए वैश्य तकनीकी संस्थान के कर्मचारी - Dainik Bhaskar
रोहतक में अपनी मांगों को लेकर रोष जताते हुए वैश्य तकनीकी संस्थान के कर्मचारी

वैश्य तकनीकी संस्थान में पांच महीने से सेलरी ना मिलने पर कर्मचारियों का धरना आठवें दिन खत्म हो गया। प्रधान विकास गोयल और कोषाध्यक्ष पवन खरकिया की ओर से धरने पर जाकर कर्मचारियों केे लिए बैंक अधिकारियों से जवाब-तलबी करने का नतीजा यह रहा कि बैंक अधिकारियों ने पांच महीने से चली आ रही समस्या का 18 घंटे में ही समाधान कर दिया। इसी के साथ कर्मचारियों को जून और जुलाई के दो महीने की सेलरी तत्काल दे दी गई है।

5 फीसदी ग्रांट का संस्था का हिस्सा भी जमा कर दिया गया है, ताकि कर्मचारियों को जल्द राहत मिल सकें। स्टाफ वेल्फेयर एसोसिएशन आफ वैश्य पॉलिटेक्निक के प्रधान पवन गर्ग ने बताया कि वे 11 नवंबर से संस्थान केे गेट पर धरने पर बैठे हुए थे। बुधवार को प्रधान और कोषाध्यक्ष उनके धरने पर आए और आश्वासन दिया था कि वे एक सप्ताह में समस्या का हल कर देंगे।

बैंक की ओर से सेलरी खाते को बंद किया गया था, इसी के कारण समस्या बनी थी। इसके बाद बैंक मैनेजर को मौके पर ही स्टाफ के सामने बुलाकर कहा था कि जब दोबारा अंडरटेकिंग दे दी गई है तो फिर इस खाते का ऑपरेशन भी शुरू कर दिया जाना चाहिए।

बैंक अधिकारियों ने एक 100 रुपए का बांड भी मांगा। इसके बाद अब गुरुवार पौने एक बजे ही प्रधान का संदेश आया कि बैंक से सेलरी अकाउंट खोल दिया है। कहा कि बैंक खाते में जितना पैसा फिलहाल पड़ा है, उससे सेलरी दे दी जाए। इसके बाद शाम को ही 5 फीसदी शेयर भी जमा करवा दिया गया। अब बचा हुआ वेतन भी सरकार से मिलते ही दे दिया जाएगा। प्रधान विकास गोयल के इस आश्वासन के बाद स्टॉफ एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से फिलहाल धरना समाप्त करने का फैसला लिया।

खाते को फर्जी बताने वाले अब कहां है : गोयल

मैं कर्मचारियों के साथ हूं। उनसे मात्र 24 घंटे मांगे थे कि समस्या का समाधान कर दिया जाएगा और मात्र 18 घंटे में ही सेलरी जारी करवा दी है। जो लोग इस खाते को अवैध बता रहे थे, उन्होंने ही इस खाते में फिर से अपने हस्ताक्षर से सेलरी जारी की है। ऐसे लोगों से सवाल पूछना चाहिए कि आखिर पहले शिकायत कर उन्होंने खाते को बंद क्यों करवाया और इसके लिए पांच महीने तक कर्मचारियों को परेशान क्यों किया। जबकि तीन साल तक वे खुद ही इस खाते में लेन-देन करते रहे हैं। - विकास गोयल, प्रधान, एडहॉक कमेटी।

वेतन ना पहले रोका ना अब रोका : डॉ. गर्ग

बैंक में जो खाता फ्रीज था, उसे आज डी-फ्रीज कर दिया गया है। मैनेजमेंट शेयर 5 फीसदी भी जारी कर दिया है। इसी के साथ एक महीने की सेलरी आज ही कर दी जाएगी और शनिवार तक दूसरे महीने की भी सेलरी डाल दी जाएगी। इसके बाद पंचकुला भी बात हुई है कि तीन महीने की सेलरी भी जल्द जारी हो जाएगी। मैंने तो पहले भी साइन किए थे, अब फिर से दूसरे अकाउंट के लिए कहा तो उसके लिए भी साइन कर दिए हैं। वेतन ना पहले रोका ना अब रोका। - डॉ. चंद्र गर्ग, महासचिव, एडहाॅक कमेटी

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