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कोरोना संक्रमण:साल के पहले 13 दिन में ना संभलने का असर, जिले में 262 दिन बाद 204 केस मिले, केसों का आंकड़ा एक हजार पार

रोहतक4 दिन पहले
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किला राेड बाजार में खरीदारी करने के लिए लगी शहरवासियाें की भीड़। इनमें से ज्यादातर लाेगाें मास्क या लगा नहीं रहे या अधूरा लगा रहे हैं। - Dainik Bhaskar
किला राेड बाजार में खरीदारी करने के लिए लगी शहरवासियाें की भीड़। इनमें से ज्यादातर लाेगाें मास्क या लगा नहीं रहे या अधूरा लगा रहे हैं।

अब तो संभलिए सरकार! हालात लगातार हाथ से निकल रहे हैं। एक जनवरी को मात्र 28 केस वाले जिले को अधिकारियों ने रेड जोन में धकेल दिया और अब कोरोना का कम्युनिटी स्प्रेड ऐसा हो चुका है कि रिकॉर्ड तोड़ केस आने शुरू हो गए हैं। जिले में 262 दिन बाद कोरोना केसों ने दूसरी लहर के दर्दनाक हालातों की याद दिला दी है। नए साल में पहली बार एक साथ 204 केस सामने आए हैं। पिछले साल दूसरी लहर में 26 अप्रैल 2021 को 150 केस और 27 अप्रैल को 259 आए थे।

अब तीसरी लहर में भी 13 जनवरी को 101 केस के बाद मकर संक्रांति के दिन 204 केस पॉजिटिव आए हैं। त्योहारों में मुलाकातों का कोरोना केसों पर असर आने लगा है। कोरोना वायरस को रोकने का जिम्मा संभालने वाले जिम्मेदार कुछ नहीं कर पाए हैं। जिम्मेदार कोरोना वायरस को कम्युनिटी स्प्रेड में बदलने और दूसरे जिलों से आवाजाही रोकने तक में विफल रहे हैं। अब भी दूसरे राज्यों तक से लोग आकर वायरस संक्रमण को गति दे रहे हैं।

पिछली लहर में 1.8 की दर से बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन अब एक दिन के अंतराल में 2.2 फीसदी की भयावह गति से बढ़ोतरी हुई है। कोरोना का यह रौद्र रूप इसी रफ्तार से बढ़ता गया तो जल्द ही और भी भयानक रूप ले सकता है। पिछली लहर में 27 अप्रैल को तेजी के दिन 1205 एक्टिव केस थे और अब 1045 हैं। इसे भी कोई खास अंतर नहीं कहा जा सकता है। क्योंकि जिस तरह से पिछली बार से भी तेजी से रफ्तार पकड़ी है, उससे यह फर्क भी चंद घंटों में मिट सकता है। घबराने वाली बात यह भी है कि तीसरी लहर में ओमिक्रॉन और डेल्टा दोनों वायरस जोर पकड़ रहे हैं। जबकि दूसरी लहर में केवल डेल्टा का ही प्रकोप रहा।

एक दिन में 1656 सैंपल में हर 8वां व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव
शुक्रवार को रिकाॅर्ड 204 संक्रमित पाए गए। यह अभी तक के सबसे अधिक आंकड़ा है। जबकि पिछले सात दिनों में 100 से कुछ अधिक ही केस सामने आते रहे हैं। डराने वाली बात यह भी है कि लिए कुल 1656 सैंपल में हर आठवां केस पॉजिटिव मिला है। सैंपल की संख्या भी पिछले सात दिनों में नौ जनवरी को छोड़कर सबसे कम रही है।

हैरान कर देने वाली बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग अभी तक उतनी तेजी से इंतजाम नहीं कर पाया है। विभाग और पीजीआई में ज्यादा अतिरिक्त बेड का इंतजाम करना बेहद मुश्किल है। जिले में अब एक्टिव केस की संख्या भी बढ़कर 1043 हो गई है। होम आइसोलेशन में रह रहे 1038 लोग कोरोना से छुटकारा पाने की कोशिश कर रहे हैं। पॉजिटिव रेट 4.24 फीसदी हो गया है। रिकवरी दर 93.97 फीसदी रह गई है।

45 हेल्थ वर्कर और 10 डॉक्टर मिले संक्रमित
पीजीआई में संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। शुक्रवार को अलग-अलग विभागों के 10 डॉक्टर संक्रमित मिले। साथ ही 45 हेल्थ केयर वर्कर पॉजिटिव मिले। इनमें छह स्टाफ नर्स के अलावा कई विभागों के वर्कर शामिल हैं। वहीं कोरोना से स्वास्थ्य विभाग के दफ्तर अछूते नहीं हैं। बेहद बचाव के दावे के बावजूद यहां पर तीन कर्मचारी संक्रमित हो गए। इसके अलावा कोरोना ने स्टूडेंट, व्यापारी, बिजनेसमैन, हाउस वाफ, किसान, एडवोकेट, सरकारी या गैर सरकारी नौकरीपेशा सब वर्ग के लोगों को जद में ले लिया है।

एडवाइजरी जारी : काेराेना के लक्षण हैं तो ट्राॅमा सेंटर में करवाएं इलाज: पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के धनवंतरी अपेक्स ट्राॅमा सेंटर में कोरोना के मरीज भर्ती किए गए। इसके आईसीयू में 27 बेड हैं और चार भर्ती हैं। ट्रायज एरिया में 35 बेड हैं और चार मरीज भर्ती हैं। तृतीय तल पर सभी 45 बेड अभी खाली हैं। पीजीआई के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ईश्वर सिंह ने बताया कोविड मरीज सीधे ट्रामा सेंटर में आकर अपना इलाज करा सकता है। कोई भी कोविड-19 पॉजिटिव मरीज पीजीआईएमएस के किसी भी अन्य हिस्से में इलाज कराने ना पहुंचे, जिससे अन्य लोगों को संक्रमण का खतरा हो, वह सीधा ट्रॉमा सेंटर में आकर अपना इलाज करा सकता है।

1190 ने लगवाई कोवैक्सीन: कोरोना के भयावह प्रकोप के चलते लोग बचाव के लिए वैक्सीन लगवा रहे हैं। इसमें कोविशील्ड की प्रथम डोज 821 लोगों ने ली और दूसरी डोज 2067 लोगों ने ली। कुल मिलाकर 3000 लोगों ने यह डोज ली। साथ ही कोवैक्सीन की डोज 1190 लोगों ने ली। इसमें पहली डोज लेने वाले 922 और दूसरी डोज लेने वाले 200 लोग रहे। 180 लोगों ने प्री-कॉशन डोज ली। इस बीच वैक्सीन सेंटरों में कतारें लगी रहीं।

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