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बार एसोसिएशन चुनाव:6 नवंबर को मुहर लगाकर तय होगी बार एसोसिएशन की प्रधानगी

रोहतक8 महीने पहले
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  • कोरोना के खतरे के बीच नहीं टूटेगी दो दशक से मेंबर के पोलिंग बूथ पर ही आकर मतदान करने की परंपरा
  • चुनाव शेड्यूल तय होते ही बार में प्रधानगी के दावेदारों ने शुरू किया प्रचार, नई कार्यकारिणी दिसंबर 2021 तक करेगी काम

बार एसोसिएशन के चुनाव अब 6 नवंबर को होंगे। वोटिंग फिजिकल सिस्टम से होगी। यानी कि जो दशकों से चला रहा है कि बार एसोसिएशन का मेंबर पोलिंग बूथ पर आकर वोट डालेगा। इससे पहले बार काउंसिल ने अक्टूबर में ऑनलाइन वोटिंग से चुनाव कराने का फैसला लिया था, लेकिन इसका विरोध हुआ और हाईकोर्ट तक मामला गया था।

इससे ऑनलाइन वोटिंग का फैसला बदलना पड़ा। पंजाब एंड हरियाणा बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन व हाल सदस्य डॉ. विजेंद्र सिंह अहलावत ने बताया कि बार काउंसिल की ओर से अब 6 नवंबर को फिजिकल सिस्टम से चुनाव होगा। नवंबर में होने वाले चुनाव से जो कार्यकारिणी बनेगी, उसका कार्यकाल दिसंबर 2021 तक होगा।

अप्रैल में होने थे चुनाव, तब कोरोना की वजह से टले
बार एसोसिएशन के चुनाव हर साल अप्रैल में होते हैं। इस बार भी अप्रैल में होने थे। 17 अप्रैल को वोटिंग होनी थी। नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, लेकिन इसी बीच कोरोना शुरू हो गया। कोर्ट बंद करनी पड़ी। इससे चुनाव भी टालने पड़े। तब रोहतक में लगभग तय हो गया था कि मैदान में कौन-कौन होगा। प्रधान पद के लिए दो उम्मीदवार मैदान में आए थे।

कोरोना काल के चलते कई का बिगड़ा खेल
बार चुनाव का अपना महत्व है। एक साल के लिए चौधर मिलती है, लेकिन इसे पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए प्रधान पद के उम्मीदवार को चुनाव से कई-कई माह पहले तैयारी करनी पड़ती है। अप्रैल में जब चुनाव होने थे तो उम्मीदवारों ने अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाया हुआ था, लेकिन अब उन्हें दोबारा से मेहनत करनी होगी। वहीं, उनके पास समय भी कम है। इसके साथ ही बड़ी समस्या यह भी है कि कोर्ट में काम पहले की तरह शुरू नहीं हुआ। इससे बहुत से वकील चैंबर में नहीं आ रहे। जरूरी होने पर ही वे आते हैं। इस तरह से उम्मीदवारों को सभी वकीलों से संपर्क करना भी मुश्किल रहेगा।

बार को भ्रष्टाचार मुक्त बनाएंगे
बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान उमेश भारद्वाज ने बताया कि वकीलों से चैंबरों के नाम पर ज्यादा पैसे लिए गए हैं। उनको वापस किया जाएगा। बार को भ्रष्टाचार मुक्त किया जाएगा। वकीलों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

प्रधान बने तो अधूरे पड़े चैंबरों का निर्माण कराएंगे
एडवोकेट प्रमोद दलाल ने कहा कि हम बार काउंसलिंग के फैसले का स्वागत करते हैं। वे बार प्रधान के लिए चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा 90 दिन के अंदर अधूरे पड़े चैंबरों का काम पूरा होगा। जो पैसा बचेगा सभी चैंबर मैंबर को उसको समान रूप से बांट दिया जाएगा। पार्किंग व्यवस्था बनाई जाएगी।

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